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बहादुरपुर बवाल को लेकर दर्ज कराएं बयान 17-46-11
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बहादुरपुर बवाल को लेकर दर्ज कराएं बयान
मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम, 13 जून से 20 जून तक पूर्वाह्न 11 बजे से दो बजे तक कार्यालय में दर्ज होगा बयान
फांसी पर लटके मुलायम की मौत के बाद हुआ था बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पुलिस कस्टडी से भागे बहादुरपुर गांव के मुलायम सिंह की फांसी लगाकर जान देने के बाद हुए बवाल की जांच अब मजिस्ट्रेट के हवाले की गई है। घटना के बाद उग्र हुई भीड़ ने पुलिस पार्टी पर हमला किया था। बचाव में पुलिस कर्मियों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। उपद्रव के दौरान सात पुलिस कर्मियों को चोट भी आई थी।
सदर कोतवाली के बहादुरपुर गांव का मुलायम सिंह गांव की एक लड़की को करीब महीने भर पहले भगा ले गया था। इसके बाद वह दो जून को वह गांव लौटा तो प्रधान के हस्तक्षेप पर उसे पुलिस के हवाले किया गया। तीन जून को मुलायम सिंह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद चार जून को मुलायम का शव गांव के बाहर पेड़ पर फांसी से लटका मिला। घटना के बाद गांव के लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। वह मंझनपुर पुलिस को भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहे थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेना चाहा तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। बहादुरपुर, सिरचनपुर और ओसा के ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी पर एकराय होकर हमला किया। मामले में चार पुलिस कर्मियों को चोटे आई। इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह की तहरीर पर करीब 250 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसी मामले में अब मजिस्ट्रिेटी जांच का आदेश हुआ है। अपर जिलाधिकारी मनोज ने बताया कि घटना के बाबत उन्हें जांच के लिए नामित किया गया है। घटना को लेकर जो भी व्यक्ति अपना बयान या साक्ष्य देना चाहें, वह 13 जून से 20 जून तक पूर्वाह्न 11 बजे से दो बजे तक कार्यालय में आकर अपना बयान दर्ज करा सकता है।
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मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम, 13 जून से 20 जून तक पूर्वाह्न 11 बजे से दो बजे तक कार्यालय में दर्ज होगा बयान
फांसी पर लटके मुलायम की मौत के बाद हुआ था बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पुलिस कस्टडी से भागे बहादुरपुर गांव के मुलायम सिंह की फांसी लगाकर जान देने के बाद हुए बवाल की जांच अब मजिस्ट्रेट के हवाले की गई है। घटना के बाद उग्र हुई भीड़ ने पुलिस पार्टी पर हमला किया था। बचाव में पुलिस कर्मियों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। उपद्रव के दौरान सात पुलिस कर्मियों को चोट भी आई थी।
सदर कोतवाली के बहादुरपुर गांव का मुलायम सिंह गांव की एक लड़की को करीब महीने भर पहले भगा ले गया था। इसके बाद वह दो जून को वह गांव लौटा तो प्रधान के हस्तक्षेप पर उसे पुलिस के हवाले किया गया। तीन जून को मुलायम सिंह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद चार जून को मुलायम का शव गांव के बाहर पेड़ पर फांसी से लटका मिला। घटना के बाद गांव के लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। वह मंझनपुर पुलिस को भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहे थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेना चाहा तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। बहादुरपुर, सिरचनपुर और ओसा के ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी पर एकराय होकर हमला किया। मामले में चार पुलिस कर्मियों को चोटे आई। इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह की तहरीर पर करीब 250 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसी मामले में अब मजिस्ट्रिेटी जांच का आदेश हुआ है। अपर जिलाधिकारी मनोज ने बताया कि घटना के बाबत उन्हें जांच के लिए नामित किया गया है। घटना को लेकर जो भी व्यक्ति अपना बयान या साक्ष्य देना चाहें, वह 13 जून से 20 जून तक पूर्वाह्न 11 बजे से दो बजे तक कार्यालय में आकर अपना बयान दर्ज करा सकता है।
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