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घर के भीतर जिंदा फूंक दिया गया स्कूल प्रबंधक
Updated Wed, 07 Jun 2017 02:07 AM IST
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सैनी के मौलवीपुर (उचरांवा) में सोमवार रात स्कूल प्रबंधक उमाशंकर (50) घर के भीतर ही जिंदा जल गया। घर के बाहर ही सो रही पत्नी को आग की लपटें उठने के बाद जानकारी हुई। कमरे को आग से घिरा दिखा तो पत्नी ने शोर मचाकर गांव वालों को इकट्ठा किया। काफी मशकक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का कहना है कि ढिबरी गिरने से हादसा हुआ है। हालांकि ग्रामीण घटना को संदिग्ध मान रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सैनी कोतवाली के मौलवीपुर (उचरांवा) गांव निवासी उमाशंकर (50) पुत्र चौबेलाल द्वारिका प्रसाद राजपूत उ0मा0 विद्यालय का प्रबंधक था। बड़ा बेटा अजय सात दिन से ससुराल में है। सोमवार की शाम छोटा बेटा आकाश पड़ोसी की बारात में शामिल होने गया था। घर पर पत्नी शांति देवी और मझला बेटा नीरज व उसकी पत्नी मौजूद थे। रात उमाशंकर परिवार के साथ खाना पीना करने के बाद कमरे में सोने चला गया। उमाशंकर जिस कमरे में सो रहे थे, उसका दरवाजा भीतर से बंद था, लेकिन खिड़की खुली थी।
रात करीब तीन बजे संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में आग लग गई। आग की लपटों से पूरा कमरा घर घिर गया तो बाहर सो रही पत्नी को इसकी जानकारी हुई। पत्नी के शोर मचाने पर तमाम लोग पहुंचे। गांव के लोग खिड़की के रास्ते से भीतर घुसे और दरवाजा खोला। जब तक आग बुझाई जाती, प्रबंधक जिंदा जल चुका था। आग इतनी भीषण थी कि शरीर कई जगह से अकड़ चुका था। सूचना पर सैनी कोतवाल राकेश चौरसिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का कहना है कि ढिबरी गिरने से हादसा हुआ है।
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पुलिस और ग्रामीण परिजनों के दावे को हजम नहीं कर पा रहे हैं। इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। ग्रामीणों का कहना है कि घटना संदिग्ध है। यदि अपने से आग लगती तो प्रबंधक कहीं जान बचाकर भागने की कोशिश करता। घटनास्थल से ऐसा नहीं प्रतीत होता कि प्रबंधक ने जान बचाने की कोशिश की है।
घर के भीतर जिंदा जला स्कूल प्रबंधक
-सोमवार रात मौलवीपुर उचरावां गांव में हुई घटना
-परिजन बोले, ढिबरी गिरने से हुआ हादसा
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सैनी कोतवाली के मौलवीपुर (उचरांवा) गांव निवासी उमाशंकर (50) पुत्र चौबेलाल द्वारिका प्रसाद राजपूत उ0मा0 विद्यालय का प्रबंधक था। बड़ा बेटा अजय सात दिन से ससुराल में है। सोमवार की शाम छोटा बेटा आकाश पड़ोसी की बारात में शामिल होने गया था। घर पर पत्नी शांति देवी और मझला बेटा नीरज व उसकी पत्नी मौजूद थे। रात उमाशंकर परिवार के साथ खाना पीना करने के बाद कमरे में सोने चला गया। उमाशंकर जिस कमरे में सो रहे थे, उसका दरवाजा भीतर से बंद था, लेकिन खिड़की खुली थी।
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रात करीब तीन बजे संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में आग लग गई। आग की लपटों से पूरा कमरा घर घिर गया तो बाहर सो रही पत्नी को इसकी जानकारी हुई। पत्नी के शोर मचाने पर तमाम लोग पहुंचे। गांव के लोग खिड़की के रास्ते से भीतर घुसे और दरवाजा खोला। जब तक आग बुझाई जाती, प्रबंधक जिंदा जल चुका था। आग इतनी भीषण थी कि शरीर कई जगह से अकड़ चुका था। सूचना पर सैनी कोतवाल राकेश चौरसिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का कहना है कि ढिबरी गिरने से हादसा हुआ है।
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पुलिस और ग्रामीण परिजनों के दावे को हजम नहीं कर पा रहे हैं। इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। ग्रामीणों का कहना है कि घटना संदिग्ध है। यदि अपने से आग लगती तो प्रबंधक कहीं जान बचाकर भागने की कोशिश करता। घटनास्थल से ऐसा नहीं प्रतीत होता कि प्रबंधक ने जान बचाने की कोशिश की है।
घर के भीतर जिंदा जला स्कूल प्रबंधक
-सोमवार रात मौलवीपुर उचरावां गांव में हुई घटना
-परिजन बोले, ढिबरी गिरने से हुआ हादसा