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सगे भाईयों समेत चार को दस साल की कैद
Updated Thu, 15 Jun 2017 01:27 AM IST
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मंझनपुर। गैर इरादतन हत्या के आरोप में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने कोखराज के चकमाहपुर गांव के सगे भाइयों समेत चार को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 26-26 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। चार साल पहले पुरानी रंजिश में हत्यारोपियों ने पड़ोसी को पीटकर मौत के घाट उतार दिया था।
अभियोजन के मुताबिक कोखराज के चकमाहपुर गांव निवासी छंगूलाल का पड़ोसी से जमीन विवाद चल रहा था। 12 सितंबर 2013 को खेत से घर लौट रहे छंगूलाल को रास्ते में रोक कर पड़ोसी राजाराम ने भाइयों के साथ मिलकर लाठी-डंडे से पीटने लगे। परिवार के अन्य लोग बचाव करने दौड़े तो उन्हें भी दौड़ा लिया। ग्रामीणों को देख हमलावर भाग निकले। पड़ोसी की पिटाई से घायल छंगू लाल की इलाज को ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
मृतक के भाई नथन लाल की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपी बिन्दा पुत्र बदल पासी, राजाराम पुत्र रामकुमार, प्रेम और राकेश के खिलाफ गैर इरादतन का मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश पाल यादव की अदालत में चला। इस दौरान पांच गवाह अदालत में पेश किए गए। गवाहों के साथ अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी त्रिलोकी चंद्र केशरवानी और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने सभी को दोषी पाते हुए दस साल कैद और 26-26 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सगे भाइयों समेत चार को दस साल की कैद
वर्ष 2013 में पड़ोसी को पीटकर उतारा था मौत के घाट
अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों को सुनने के बाद सुनाई सजा
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अभियोजन के मुताबिक कोखराज के चकमाहपुर गांव निवासी छंगूलाल का पड़ोसी से जमीन विवाद चल रहा था। 12 सितंबर 2013 को खेत से घर लौट रहे छंगूलाल को रास्ते में रोक कर पड़ोसी राजाराम ने भाइयों के साथ मिलकर लाठी-डंडे से पीटने लगे। परिवार के अन्य लोग बचाव करने दौड़े तो उन्हें भी दौड़ा लिया। ग्रामीणों को देख हमलावर भाग निकले। पड़ोसी की पिटाई से घायल छंगू लाल की इलाज को ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
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मृतक के भाई नथन लाल की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपी बिन्दा पुत्र बदल पासी, राजाराम पुत्र रामकुमार, प्रेम और राकेश के खिलाफ गैर इरादतन का मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश पाल यादव की अदालत में चला। इस दौरान पांच गवाह अदालत में पेश किए गए। गवाहों के साथ अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी त्रिलोकी चंद्र केशरवानी और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने सभी को दोषी पाते हुए दस साल कैद और 26-26 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सगे भाइयों समेत चार को दस साल की कैद
वर्ष 2013 में पड़ोसी को पीटकर उतारा था मौत के घाट
अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों को सुनने के बाद सुनाई सजा