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थानों में नहीं हो रही पीड़ितों की सुनवाई
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:59 AM IST
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दोआबा में मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल के लोग बहुओं को घर से निकाल दे रहे हैं। उनको जान से मार दे रहे हैं। वहीं महिलाओं के उत्पीड़न के अलावा अन्य वारदात आए दिन होती रहती हैं। लेकिन थानों में पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती है। इससे पीड़ित एसपी से गुहार लगाने को मजबूर हो जा रहे हैं।
पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र की चपहुआ गांव की रहने वाली सरोजा देवी पुत्री देवसरन ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से बताया कि ससुरालियों ने दहेज में भैंस और तिलक में दस हजार रुपये नहीं मिलने पर उसे पीटकर घर से निकाल दिया। पीड़िता किसी तरह मायके पहुंची और परिजनों को सारी बात बताई। परिजन पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे। उसे न्याय नहीं मिल सका। इससे हताश महिला ने एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने महिला को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कोखराज थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव की रहने वाली सरोज देवी की शादी चरवा थाना क्षेत्र के चौराडीह गांव में 2008 में हुई थी। शादी के करीब साल भर बाद ही ससुरालियों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। काफी दिनों तक इसी तरह से चलता रहा। इस बीच विवाहिता ने दो बच्चों को जन्म दिया, लेकिन ससुराली उसे हर रोज प्रताड़ित करते रहे। कुछ दिनों पहले विवाहिता ससुरालियों से हार कर मायके चली गई। परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन विवाहिता को लेकर कोखराज थाने पहुंचे और मामले से अवगत कराया। यहां पर पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इससे नाराज पीड़िता मंगलवार को एसपी से मिल न्याय की गुहार लगाई।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के रमचका गंाव की रहने वाली शकुंतला देवी का विवाह 9 मई 2015 को मंझनपुर के सोनारन का पुरवा गांव में हुआ था। शकुंतला ने बताया कि उसका पति शादी में मिली बाइक के कागजात बनवाने के लिए रुपये और एक लाख रुपये अतिरिक्त मांग रहा था। नहीं देने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। शकुंतला ने यह सब बातें अपने परिजनों को बताईं। इससे खफा ससुरालियों ने सोमवार को शकुंतला को कमरे बंद कर आग लगा दिया। विवाहिता किसी तरह से जान बचाकर मायेके पहुंच्री। मामले से अपने भाई को अवगत कराया। भाई अपनी बहन को लेकर मंगलवार को मंझनपुर कोतवाली रिपोर्ट लिखाने पहुंचा। बताया जाता है कि पुलिस उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाए सुलह समझौता कराने में जुट गई।
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पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र की चपहुआ गांव की रहने वाली सरोजा देवी पुत्री देवसरन ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से बताया कि ससुरालियों ने दहेज में भैंस और तिलक में दस हजार रुपये नहीं मिलने पर उसे पीटकर घर से निकाल दिया। पीड़िता किसी तरह मायके पहुंची और परिजनों को सारी बात बताई। परिजन पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे। उसे न्याय नहीं मिल सका। इससे हताश महिला ने एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने महिला को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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कोखराज थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव की रहने वाली सरोज देवी की शादी चरवा थाना क्षेत्र के चौराडीह गांव में 2008 में हुई थी। शादी के करीब साल भर बाद ही ससुरालियों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। काफी दिनों तक इसी तरह से चलता रहा। इस बीच विवाहिता ने दो बच्चों को जन्म दिया, लेकिन ससुराली उसे हर रोज प्रताड़ित करते रहे। कुछ दिनों पहले विवाहिता ससुरालियों से हार कर मायके चली गई। परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजन विवाहिता को लेकर कोखराज थाने पहुंचे और मामले से अवगत कराया। यहां पर पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इससे नाराज पीड़िता मंगलवार को एसपी से मिल न्याय की गुहार लगाई।
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के रमचका गंाव की रहने वाली शकुंतला देवी का विवाह 9 मई 2015 को मंझनपुर के सोनारन का पुरवा गांव में हुआ था। शकुंतला ने बताया कि उसका पति शादी में मिली बाइक के कागजात बनवाने के लिए रुपये और एक लाख रुपये अतिरिक्त मांग रहा था। नहीं देने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। शकुंतला ने यह सब बातें अपने परिजनों को बताईं। इससे खफा ससुरालियों ने सोमवार को शकुंतला को कमरे बंद कर आग लगा दिया। विवाहिता किसी तरह से जान बचाकर मायेके पहुंच्री। मामले से अपने भाई को अवगत कराया। भाई अपनी बहन को लेकर मंगलवार को मंझनपुर कोतवाली रिपोर्ट लिखाने पहुंचा। बताया जाता है कि पुलिस उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाए सुलह समझौता कराने में जुट गई।