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ताई मारती हैं, उनके साथ नहीं रहना
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:41 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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कोखराज। बड़ी मम्मी (ताई) मारती हैं। खाना भी नहीं देती हैं। गर्म चिमटे से दाग देती हैं। अब मुझे उनके साथ नहीं रहना...। यह कहना है बुलंदशहर की सलोनी का। सिर से माता-पिता का साया उठने के बाद दादा पालन-पोषण के लिए उसे अपने घर सरायअकिल ले आए। बड़ी मम्मी ने इस कदर प्रताड़ित किया कि वह घर छोड़कर भाग निकली। फिलहाल उसे बाल कल्याण समिति में रखा गया है।
भरवारी कस्बे की ज्ञानमती पत्नी बुधई ने बताया कि 20 अक्तूबर को वह रोही रेलवे क्रॉसिंग की ओर बकरी चराने गई थी। वहां ट्रैक किनारे एक किशोरी बेहोश पड़ी थी। ज्ञानमती के मुताबिक वह ग्रामीणों की मदद से किशोरी को अपने घर ले आई। होश में आने के बाद किशोरी अपना नाम सलोनी (13) निवासी बुलंदशहर बताया। बुधवार तक सलोनी ज्ञानमती के घर पर ही रही। बुधवार सुबह किसी ने इसकी जानकारी 181 हेल्पलाइन पर दे दी। मौके पर पहुंची हेल्पलाइन टीम की पूछताछ में सलोनी ने बताया कि उसके माता पिता बुलंदशहर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। बचपन में ही माता-पिता की मौत होने के बाद सरायअकिल में रहने वाले सगे दादा (ताऊजी) पालन-पोषण के लिए उसे अपने घर ले आए थे। दादा इन दिनों मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। सलोनी के मुताबिक घर पर बड़ी मम्मी उसे हद से ज्यादा प्रताड़ित करती हैं। इसी से परेशान होकर 20 अक्तूबर को वह उनके घर से भाग निकली थी। रोही रेलवे क्रॉसिंग के समीप थककर बैठ गई थी। कब बेहोश हुई, उसे याद नहीं है। फिलहाल सलोनी को बाल कल्याण समिति भेज दिया गया है। ज्ञानमती ने बताया कि किशोरी के मिलने की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई थी। पर, पुलिस ने कुछ नहीं किया। इसीलिए उसने किशोरी को घर में रख लिया। बाल कल्याण समिति के सदस्य मो. रेहान का कहना है कि प्राथमिक जांच पूरी होने तक बच्ची को चाइल्ड लाइन में रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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भरवारी कस्बे की ज्ञानमती पत्नी बुधई ने बताया कि 20 अक्तूबर को वह रोही रेलवे क्रॉसिंग की ओर बकरी चराने गई थी। वहां ट्रैक किनारे एक किशोरी बेहोश पड़ी थी। ज्ञानमती के मुताबिक वह ग्रामीणों की मदद से किशोरी को अपने घर ले आई। होश में आने के बाद किशोरी अपना नाम सलोनी (13) निवासी बुलंदशहर बताया। बुधवार तक सलोनी ज्ञानमती के घर पर ही रही। बुधवार सुबह किसी ने इसकी जानकारी 181 हेल्पलाइन पर दे दी। मौके पर पहुंची हेल्पलाइन टीम की पूछताछ में सलोनी ने बताया कि उसके माता पिता बुलंदशहर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे। बचपन में ही माता-पिता की मौत होने के बाद सरायअकिल में रहने वाले सगे दादा (ताऊजी) पालन-पोषण के लिए उसे अपने घर ले आए थे। दादा इन दिनों मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। सलोनी के मुताबिक घर पर बड़ी मम्मी उसे हद से ज्यादा प्रताड़ित करती हैं। इसी से परेशान होकर 20 अक्तूबर को वह उनके घर से भाग निकली थी। रोही रेलवे क्रॉसिंग के समीप थककर बैठ गई थी। कब बेहोश हुई, उसे याद नहीं है। फिलहाल सलोनी को बाल कल्याण समिति भेज दिया गया है। ज्ञानमती ने बताया कि किशोरी के मिलने की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई थी। पर, पुलिस ने कुछ नहीं किया। इसीलिए उसने किशोरी को घर में रख लिया। बाल कल्याण समिति के सदस्य मो. रेहान का कहना है कि प्राथमिक जांच पूरी होने तक बच्ची को चाइल्ड लाइन में रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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