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गुर्गों की आड़ में चटक रहा गुरू का गांजे का धंधा
अमर उजाला कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:51 AM IST
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गांजा तस्करी का बेताज बादशाह गुरू है। गुरु के बारे में कहा जाता है कि वह किसी को भी खरीद लेता है। फिर चाहे जितना बड़ा अफसर हो। कोखराज सर्किल में रहने वाले गुरू ने गांव के आसपास गुर्गों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर स्टाक डंप कर रखा है।
जिले में गांजा तस्करी का बादशाह गुरू नाम का एक व्यक्ति है। बताया जाता है कि गुरू ने आबकारी विभाग की मदद से 42 दुकानों का ठेका गुर्गों की आड़ में ले रखा है। वह दुकानों का संचालन करा रहा है। दुकानों में गांजे की आपूर्ति गुरू के इशारे पर की जाती है। गैर प्रांतों से ट्रकों और लक्जरी गाड़ियों से गांजे की खेप आती है। इसका खुलासा पिछले दिनों पूरामुफ्ती पुलिस और एसटीएफ कर भी चुकी है। जिले में गांजे को गुरू के इशारे पर कोखराज सर्किल में बने अड्डों पर डम्प कर दिया जाता है। भांग की दुकानों को किराए पर ले रखे लोगों की मांग पर गुरू अपने गुर्गों के सहारे गांजे की खेप पहुंचाने का काम करता है। बताया जाता है कि गुरू का ठिकाना कोखराज थानाक्षेत्र में है। इस कारोबार में ककोढ़ा, टेढ़ीमोड और सिंघिया के तीन लोगों जलवा है। सूत्रों की मानें तो इन्हीं तीनों लोगों ने जिले भर की भांग की दुकानों का ठेका भी गुर्गों की आड़ में लेकर किराए पर दे रखा है। गुरू इन्हीं तीनों के बीच में कोई एक है। आबकारी अधिकारी और इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश यह नहीं बता पाए कि दुकानों का आवंटन किन लोगों के नाम है।
दोआबा में गांजा बिक्री को बंद कराने के लिए तहसील प्रशासन को उतरना पड़ा। इस कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अधीक्षक की टीम जल्द मैदान में उतरेगी। भांग की दुकान हो या फिर गांव और कस्बों के कारोबारी एक-एक को चिह्नित कराया जा रहा है। इनके खिलाफ एक साथ दबिश देने और जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एसपी की मानें तो इस कारोबार का बादशाह कौन है उसका भी सुराग लग गया है। जल्द ही अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने का काम करेगी।
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जिले में गांजा तस्करी का बादशाह गुरू नाम का एक व्यक्ति है। बताया जाता है कि गुरू ने आबकारी विभाग की मदद से 42 दुकानों का ठेका गुर्गों की आड़ में ले रखा है। वह दुकानों का संचालन करा रहा है। दुकानों में गांजे की आपूर्ति गुरू के इशारे पर की जाती है। गैर प्रांतों से ट्रकों और लक्जरी गाड़ियों से गांजे की खेप आती है। इसका खुलासा पिछले दिनों पूरामुफ्ती पुलिस और एसटीएफ कर भी चुकी है। जिले में गांजे को गुरू के इशारे पर कोखराज सर्किल में बने अड्डों पर डम्प कर दिया जाता है। भांग की दुकानों को किराए पर ले रखे लोगों की मांग पर गुरू अपने गुर्गों के सहारे गांजे की खेप पहुंचाने का काम करता है। बताया जाता है कि गुरू का ठिकाना कोखराज थानाक्षेत्र में है। इस कारोबार में ककोढ़ा, टेढ़ीमोड और सिंघिया के तीन लोगों जलवा है। सूत्रों की मानें तो इन्हीं तीनों लोगों ने जिले भर की भांग की दुकानों का ठेका भी गुर्गों की आड़ में लेकर किराए पर दे रखा है। गुरू इन्हीं तीनों के बीच में कोई एक है। आबकारी अधिकारी और इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश यह नहीं बता पाए कि दुकानों का आवंटन किन लोगों के नाम है।
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दोआबा में गांजा बिक्री को बंद कराने के लिए तहसील प्रशासन को उतरना पड़ा। इस कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अधीक्षक की टीम जल्द मैदान में उतरेगी। भांग की दुकान हो या फिर गांव और कस्बों के कारोबारी एक-एक को चिह्नित कराया जा रहा है। इनके खिलाफ एक साथ दबिश देने और जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एसपी की मानें तो इस कारोबार का बादशाह कौन है उसका भी सुराग लग गया है। जल्द ही अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने का काम करेगी।
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