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खाद्यान्न के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में किसानों ने बहाया पसीना
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कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद किसान
- फोटो : KAUSHAMBI
कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में शनिवार को कृषि विभाग ने जिला स्तरीय तिलहन व दलहन (सरसों व मसूर) बीज मिनी किट वितरण एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम किया। इसमें सांसद विनोद सोनकर ने उपस्थित 600 किसानों को तिलहन व दलहन बीज मिनी किट वितरित किया। साथ ही किसानों को देश और प्रदेश का अन्नदाता बताया।
सांसद ने कहा कि किसानों ने देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना पसीना बहाया है। देश को अभी भी दूसरे देशों से तिलहन व दलहन का आयात करना पड़ता है। दलहन व तिलहन में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने का सरकार ने फैसला लिया है। उन्होंने किसानों को अधिकाधिक दलहन-तिलहन की खेती करने का आह्वान किया।
कहा कि देश की परंपरा ऋषि एवं कृषि की रही है। केंद्र और राज्य सरकार इन परंपराओं को मजबूत करने का कार्य कर रही है। ऋषि परंपरा से देश विश्वगुरू एवं कृषि परंपरा मजबूत होने से देश खाद्यान्न के रूप में आत्मनिर्भर बनेगा। ऋषि परंपरा के तहत अयोध्या में राम मंदिर व बनारस में काशी कॉरिडोर का निर्माण आदि किया जा रहा है।
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वहीं कृषि परंपरा के तहत किसानों को समय पर खाद व बीज उपलब्ध कराने, पीएम किसान सम्मान निधि व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि से लाभान्वित करने तथा एमएसपी पर फसल की खरीद आदि किया जा रहा है। सांसद ने बताया कि पीएम ने मृदा स्वास्थ्य परीक्षण योजना संचालित कर किसानों के खेत का मृदा परीक्षण करते हुए उसके अनुरूप खाद देकर मिट्टी को उपजाऊ बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक देश एक खाद शुरू किया है, खाद का नाम भारत रखा गया है। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम, इलाहाबाद को-आपरेटिव बैंक के चेयरमैन भूपेंद्र पटेल, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रमेश पाल समेत अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
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सांसद ने कहा कि किसानों ने देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना पसीना बहाया है। देश को अभी भी दूसरे देशों से तिलहन व दलहन का आयात करना पड़ता है। दलहन व तिलहन में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने का सरकार ने फैसला लिया है। उन्होंने किसानों को अधिकाधिक दलहन-तिलहन की खेती करने का आह्वान किया।
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कहा कि देश की परंपरा ऋषि एवं कृषि की रही है। केंद्र और राज्य सरकार इन परंपराओं को मजबूत करने का कार्य कर रही है। ऋषि परंपरा से देश विश्वगुरू एवं कृषि परंपरा मजबूत होने से देश खाद्यान्न के रूप में आत्मनिर्भर बनेगा। ऋषि परंपरा के तहत अयोध्या में राम मंदिर व बनारस में काशी कॉरिडोर का निर्माण आदि किया जा रहा है।
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वहीं कृषि परंपरा के तहत किसानों को समय पर खाद व बीज उपलब्ध कराने, पीएम किसान सम्मान निधि व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि से लाभान्वित करने तथा एमएसपी पर फसल की खरीद आदि किया जा रहा है। सांसद ने बताया कि पीएम ने मृदा स्वास्थ्य परीक्षण योजना संचालित कर किसानों के खेत का मृदा परीक्षण करते हुए उसके अनुरूप खाद देकर मिट्टी को उपजाऊ बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक देश एक खाद शुरू किया है, खाद का नाम भारत रखा गया है। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम, इलाहाबाद को-आपरेटिव बैंक के चेयरमैन भूपेंद्र पटेल, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रमेश पाल समेत अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।