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कोरोना काल ने पल्स पोलियो अभियान पर लगाया ग्रहण

Wed, 07 Jul 2021 12:30 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 12:30 AM IST
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Corona era put brake on pulse polio campaign
कोरोना की दो लहरों ने जिले में बच्चों के लिए चलने वाले पल्स पोलिया अभियान पर ब्रेक लगा दिया है। करीब साल भर से जिले के तीन लाख बच्चों पोलियो ड्राप नहीं पिलाई गई। कोरोना की संभावित तीसरी लहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। जिसके कारण बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसी कारण आगे भी अभियान जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग सरकार की तरफ से गाइडलाइन जारी नहीं होने के कारण बेबस बना हुआ है।
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जिले में पांच साल तक के बच्चों की संख्या तकरीबन तीन लाख है। इन बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक दी जाती है। पिछले एक साल से कोरोना की वजह से पल्स पोलियो अभियान नहीं चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आशा व आंगनबाडी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को ड्राप पिलाती थीं।
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अभियान को सफल बनाने के लिए आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए लगाया गया है। ऐसे हालात में अभियान ठप पड़ा हुआ है। खुद बाल रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि तीसरी लहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। इसके बाद भी महामारी को लेकर जिले में बेपरवाही बरती जा रही है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि अस्पतालों में बच्चों को लगाए जाने वाले अन्य टीकों के साथ ही पोलियो ड्राप भी पिलाई जा रही है। लेकिन यह ड्राप उन्हीं बच्चों को पिलाई जा रही है जिनका टीकाकरण होना है।
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टीकाकरण भी हुआ था प्रभावित
कोरोना के कारण बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी प्रभावित हुआ है। पहली लहर में ही करीब एक महीने तक टीकाकरण का काम ठप रहा। बाल रोग विशेषज्ञों का मानना है कि एक से दो सप्ताह तक टीकाकरण नहीं होने से कोई खतरा नहीं होता। लेकिन लंबे अंतराल तक टीका नहीं लगने से कई दिक्कतें आ सकती हैं।

इन टीकों का लगवाना बहुत है जरूरी
0- जन्म के समय बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस- बी का टीका
0- जन्म से छह सप्ताह पर- पोलियो, रोटा वायरस, आईपीवी, पेंटावैंलेंट, पीसीवी
0- जन्म से दस सप्ताह पर- पोलियो, रोटा वायरस, पेंटोवैलेंट
0- 14 सप्ताह पर- पोलियो, रोटा वायरस, आईपीवी, पेंटावैलेंट, पीसीवी
0- नौ से 12 महीने पर- मीजेल्स- रूबैला, पीसीवी, बूस्टर डोज, जापानी इंसफेलाइटिस
0- 14 से 24 महीने पर- पोलियो बूस्टर डोज, मीजेल्स रूबैला, डीपीटी बूस्टर, जापानी इंसेफेलाइटिस
पल्स पोलियो अभियान को लेकर शासन की तरफ से कोई निर्देश नहीं आया है। सरकारी अस्पतालों में अन्य टीके के साथ ही पोलियो रोधी खुराक भी पिलाई जा रही है। कोरोना के कारण डोर-टू-डोर अभियान नहीं चलाया जा सका है।
डॉ. पीएन चतुर्वेदी, सीएमओ
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