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चपरासी जांचेंगे हाईस्कूल की कापी
श्रीप्रकाश/ अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 28 Mar 2015 01:07 AM IST
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सिराथू। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा की कापियां इस साल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी चपरासी भी जांचेंगे। सोमवार से शुरू हो रहे बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओें के मूल्यांकन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा स्कूल के बाबुओं की भी ड्यूटी लगाई गई है। मूल्यांकन की ड्यूटी में लगाए गए इन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और बाबुओं को गणित, विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की कापियां जांचने में लगाया गया है। यूपी बोर्ड के अफसरों की इस मनमानी से लोग हैरान हैं। हालांकि मामले में डीआईओएस राजशेखर सिंह का कहना है कि ऐसे कुछ मामले संज्ञान में आए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव को अवगत करा दिया गया है। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मूल्यांकन ड्यूटी से हटाया जाएगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं। अब 30 मार्च से बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओें का मूल्यांकन होना है। इसके लिए कौशाम्बी में भरवारी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए परीक्षक भी नियुक्त कर दिए गए हैं। हालांकि परीक्षकों की नियुक्ति में जमकर मनमानी हुई है। यहां कौशाम्बी में तो इस बार यूपी बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानि चपरासियों की भी ड्यूटी लगा दी है।
सिराथू तहसील के दारानगर स्थित गांधी मेमोरियल इंटर कालेज के ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी/परिचारक) मक्खन लाल सोनकर, राम लोटन प्रजापति, शैलेश कुमार, शैलेश मौर्या, सुशील कुमार, अश्वनी कुमार और जीतेंद्र कुमार को हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए नियुक्त का आदेश भी डीआईओएस कार्यालय से स्कूल को भेज दिया गया है। इनमें मक्खनलाल सोनकर की ड्यूटी हाईस्कूल विज्ञान, राम लोटन प्रजापति को जीवविज्ञान, शैलेश कुमार को सामाजिक विज्ञान, शैलेश कुमार मौर्य को विज्ञान, सुशील कुमार को सामाजिक विज्ञान, अश्विनी कुमार और जीतेंद्र कुमार को गणित की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कोड की जारी किया गया है।
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बोर्ड द्वारा मनमाने तरीके से कापियां जांचने के जिम्मेदारी मिलने से स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशान हैं। गैर स्नातक ये कर्मचारी सकते में हैं कि बोर्ड ने जाने कैसे उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी है। इसके अलावा स्कूल के क्लर्क अखिलेश कुमार को गृह विज्ञान, उमेश तिवारी को गणित एवं विष्णु दयाल को हिंदी की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन की ड्यूटी में लगाया गया है। साथ ही स्कूल के संस्कृत विषय के शिक्षक रामलखन को कला की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
गांधी मेमोरियल इंटर कालेज दारानगर के उप प्रबंधक एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक सुरेंद्र त्रिपाठी ने बोर्ड द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण काम में चपरासियों की ड्यूटी लगाए जाने पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि मानक मुताबिक उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए वही अधिकृत होता है। जिसे कम से कम तीन साल का उक्त विषय के अध्यापन कार्य का अनुभव हो। कहा है कि उन्होंने तो स्कूल के चपरासियोें को उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के लिए रिलीव नहीं करने के लिए प्रधानाचार्य को निर्देशित भी कर दिया है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं। अब 30 मार्च से बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओें का मूल्यांकन होना है। इसके लिए कौशाम्बी में भरवारी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए परीक्षक भी नियुक्त कर दिए गए हैं। हालांकि परीक्षकों की नियुक्ति में जमकर मनमानी हुई है। यहां कौशाम्बी में तो इस बार यूपी बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानि चपरासियों की भी ड्यूटी लगा दी है।
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सिराथू तहसील के दारानगर स्थित गांधी मेमोरियल इंटर कालेज के ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी/परिचारक) मक्खन लाल सोनकर, राम लोटन प्रजापति, शैलेश कुमार, शैलेश मौर्या, सुशील कुमार, अश्वनी कुमार और जीतेंद्र कुमार को हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए नियुक्त का आदेश भी डीआईओएस कार्यालय से स्कूल को भेज दिया गया है। इनमें मक्खनलाल सोनकर की ड्यूटी हाईस्कूल विज्ञान, राम लोटन प्रजापति को जीवविज्ञान, शैलेश कुमार को सामाजिक विज्ञान, शैलेश कुमार मौर्य को विज्ञान, सुशील कुमार को सामाजिक विज्ञान, अश्विनी कुमार और जीतेंद्र कुमार को गणित की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कोड की जारी किया गया है।
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बोर्ड द्वारा मनमाने तरीके से कापियां जांचने के जिम्मेदारी मिलने से स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशान हैं। गैर स्नातक ये कर्मचारी सकते में हैं कि बोर्ड ने जाने कैसे उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी है। इसके अलावा स्कूल के क्लर्क अखिलेश कुमार को गृह विज्ञान, उमेश तिवारी को गणित एवं विष्णु दयाल को हिंदी की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन की ड्यूटी में लगाया गया है। साथ ही स्कूल के संस्कृत विषय के शिक्षक रामलखन को कला की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
गांधी मेमोरियल इंटर कालेज दारानगर के उप प्रबंधक एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक सुरेंद्र त्रिपाठी ने बोर्ड द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण काम में चपरासियों की ड्यूटी लगाए जाने पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि मानक मुताबिक उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए वही अधिकृत होता है। जिसे कम से कम तीन साल का उक्त विषय के अध्यापन कार्य का अनुभव हो। कहा है कि उन्होंने तो स्कूल के चपरासियोें को उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के लिए रिलीव नहीं करने के लिए प्रधानाचार्य को निर्देशित भी कर दिया है।