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संस्कृत विद्यालयों में कंप्यूटर की भी दी जाएगी शिक्षा
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संस्कृत विद्यालयों में कंप्यूटर की भी दी जाएगी शिक्षा
संस्कृत विद्यालयों में एनसीईआरटी की भी पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी
जल्द ही सभी विद्यालयों को आवंटित किए जाएंगे कंप्यूटर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। संस्कृत विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ने की कवायद प्रारंभ हो गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा संचालित इन विद्यालयों में अब एनसीईआरटी की पुस्तकों से भी पढ़ाई होगी। इसके अलावा उन्हें कंप्यूटर की भी शिक्षा दी जाएगी।
कई सालों से संस्कृत विद्यालयों को विकसित करने की मांग उठाई जा रही थी। लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए शासन ने अब इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा पद्धति से पढ़ाई कराने का फैसला लिया है। नए पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को संस्कृत के शास्त्र तो पढ़ाए ही जाएंगे। साथ में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे। इससे संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। प्रथमा से उत्तर मध्यमा तक वही पाठ्यक्रम लागू होगा। जो बेसिक और माध्यमिक में लागू है। इसके अलावा इन विद्यालयों में कंप्यूटर से संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही कंप्यूटर आवंटित कर एक-एक प्रशिक्षक की तैनाती की जाएगी। प्रशिक्षक नियमित रूप से निर्धारित पाठ्यक्रमों को पीपीटी एवं ऑनलाइन पढ़ाएंगे। बताते चलें कि जिले में 19 संस्कृत विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें श्री नारायण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (उमावि) टेंवा, भूतनाथ मौनी स्वामी संस्कृत उमावि लौंगावां, हनुमत संस्कृत उमावि अर्कामहावीरपुर, पं. श्याम बिंद्रा प्रसाद संस्कृत उमावि मोहीउद्दीनपुर, श्रीराम संस्कृत उमावि लहुरे चरवा, श्री दुर्गा देवी संस्कृत उमावि मंझनपुर, श्री नारायण धर्मोपदेश उमावि बारंबारी, हुबलाल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय भरवारी, गुरुक़ल संस्कृत महाविद्यालय सिराथू, आदर्श शिव शारदा संस्कृत उमावि इमली गांव, रामकृपाल बालिका संस्कृत उमावि डूड़ी रानीपुर, त्रिपाठी रामरूप संस्कृत विद्यालय जोगापुर, कृष्णा त्रिपाठी संस्कृत विद्यालय अलवारा समेत 13 स्कूल वित्त पोषित हैं। माना जा रहा है कि नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर से पढ़ाई होने पर संस्कृत विद्यालय अन्य बोर्डों के स्कूलों की तरह आधुनिक शिक्षा से जुड़ जाएंगे।
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इनका कहना है
संस्कृत विद्यालयों में नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर की पढ़ाई को लेकर शासन का पत्र मिला है। इस बाबत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है।-सत्येंद्र कुमार सिंह-डीआईओएस
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संस्कृत विद्यालयों में एनसीईआरटी की भी पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी
जल्द ही सभी विद्यालयों को आवंटित किए जाएंगे कंप्यूटर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। संस्कृत विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ने की कवायद प्रारंभ हो गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा संचालित इन विद्यालयों में अब एनसीईआरटी की पुस्तकों से भी पढ़ाई होगी। इसके अलावा उन्हें कंप्यूटर की भी शिक्षा दी जाएगी।
कई सालों से संस्कृत विद्यालयों को विकसित करने की मांग उठाई जा रही थी। लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए शासन ने अब इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा पद्धति से पढ़ाई कराने का फैसला लिया है। नए पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को संस्कृत के शास्त्र तो पढ़ाए ही जाएंगे। साथ में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे। इससे संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। प्रथमा से उत्तर मध्यमा तक वही पाठ्यक्रम लागू होगा। जो बेसिक और माध्यमिक में लागू है। इसके अलावा इन विद्यालयों में कंप्यूटर से संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही कंप्यूटर आवंटित कर एक-एक प्रशिक्षक की तैनाती की जाएगी। प्रशिक्षक नियमित रूप से निर्धारित पाठ्यक्रमों को पीपीटी एवं ऑनलाइन पढ़ाएंगे। बताते चलें कि जिले में 19 संस्कृत विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें श्री नारायण संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (उमावि) टेंवा, भूतनाथ मौनी स्वामी संस्कृत उमावि लौंगावां, हनुमत संस्कृत उमावि अर्कामहावीरपुर, पं. श्याम बिंद्रा प्रसाद संस्कृत उमावि मोहीउद्दीनपुर, श्रीराम संस्कृत उमावि लहुरे चरवा, श्री दुर्गा देवी संस्कृत उमावि मंझनपुर, श्री नारायण धर्मोपदेश उमावि बारंबारी, हुबलाल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय भरवारी, गुरुक़ल संस्कृत महाविद्यालय सिराथू, आदर्श शिव शारदा संस्कृत उमावि इमली गांव, रामकृपाल बालिका संस्कृत उमावि डूड़ी रानीपुर, त्रिपाठी रामरूप संस्कृत विद्यालय जोगापुर, कृष्णा त्रिपाठी संस्कृत विद्यालय अलवारा समेत 13 स्कूल वित्त पोषित हैं। माना जा रहा है कि नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर से पढ़ाई होने पर संस्कृत विद्यालय अन्य बोर्डों के स्कूलों की तरह आधुनिक शिक्षा से जुड़ जाएंगे।
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इनका कहना है
संस्कृत विद्यालयों में नवीन पाठ्यक्रम और कंप्यूटर की पढ़ाई को लेकर शासन का पत्र मिला है। इस बाबत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है।-सत्येंद्र कुमार सिंह-डीआईओएस
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