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मुआवजे के लिए गरजी भाकियू
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:24 AM IST
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मंझनपुर। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए बृहस्पतिवार को भाकियू ने मंझनपुर में हुंकार भरी। किसानों के साथ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें किसानों को मौजूदा कीमत के हिसाब से हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से कौशाम्बी के भी किसान तबाह हुए हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों के गिर जाने से 50 फीसदी पैदावार प्रभावित हुई है। पर, अब तक जिले के किसानों के हुए नुकसान का आंकलन करके उन्हें सरकारी मदद देने की शुरुआत तक जिले में नहीं हो सकी है। इसका धीरे-धीरे किसानों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों में गुस्सा फूटने लगा है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भाकियू ने जिला मुख्यालय में किसानों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। मंझनपुर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक किसानों ने जुलूस भी निकाला। कलेक्ट्रेट में जुटकर कार्यकर्ताओं ने घंटेभर नारेबाजी की। साथ ही भाकियू नेताओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को दिया। इसमें फसलों के मौजूदा मूल्य के हिसाब से मुआवजा दिए जाने, नलकूप के बिजली का बिल माफ करने, खेती बर्बाद होने पर खुदकुशी करने वाले किसानों के आश्रितों को 25 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने, भूमि अधिग्रहण बिल में संसोधन करने, समाजवादी पेंशन का जिले में लक्ष्य बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
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मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि से कौशाम्बी के भी किसान तबाह हुए हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों के गिर जाने से 50 फीसदी पैदावार प्रभावित हुई है। पर, अब तक जिले के किसानों के हुए नुकसान का आंकलन करके उन्हें सरकारी मदद देने की शुरुआत तक जिले में नहीं हो सकी है। इसका धीरे-धीरे किसानों और किसानों के हक की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों में गुस्सा फूटने लगा है।
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इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भाकियू ने जिला मुख्यालय में किसानों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। मंझनपुर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक किसानों ने जुलूस भी निकाला। कलेक्ट्रेट में जुटकर कार्यकर्ताओं ने घंटेभर नारेबाजी की। साथ ही भाकियू नेताओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को दिया। इसमें फसलों के मौजूदा मूल्य के हिसाब से मुआवजा दिए जाने, नलकूप के बिजली का बिल माफ करने, खेती बर्बाद होने पर खुदकुशी करने वाले किसानों के आश्रितों को 25 लाख की आर्थिक मदद दिए जाने, भूमि अधिग्रहण बिल में संसोधन करने, समाजवादी पेंशन का जिले में लक्ष्य बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
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