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दोआबा में कोल्ड डायरिया ने दी दस्तक
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:52 PM IST
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दोआबा में गलनभरी ठंड के साथ कोल्ड डायरिया ने भी दस्तक दे दी है। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी का कहर भी लोगों पर टूटने लगा है। रात-दिन के तापमान में अंतर के कारण लोग इन रोगों की चपेट में आने लगे हैं। वहीं जाड़े के साथ दमा के मरीजों की भीड़ भी अस्पताल में दिखने लगी है। डाक्टरों के मुताबिक मौसम का उतार-चढ़ाव खतरनाक है। लोगों को इस मौसम में संभलकर रहने की जरूरत है। सुबह-शाम की सर्दी में बरती गई लापरवाही ही लोगों को अस्पताल पहुंचा रही है।
कौशाम्बी में कोहरे की धुंध के साथ गलन भरी ठंड के साथ संक्रामक बीमारी ने भी दस्तक दे दी है। मौसम के बदले मिजाज के साथ जुकाम-बुखार और खांसी, दमा के पीड़ितों के साथ कोल्ड डायरिया ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। शनिवार को जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया से पीड़ित शल्या देवी, गुलाम निवासी सिराथू, धनंजय निवासी ओसा के साथ राजकुमार, अब्दुल, अहमदी, अर्चना देवी, भानचंद्र आदि करीब एक दर्जन लोग कोल्ड डायरिया से ग्रसित पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मौसम के हिसाब से रहने की सलाह दी।
डॅाक्टरों का भी मानना है कि बदलते मौसम में बरती गई जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार बना रही है। बता दें कि जाड़े का मौसम सांस के रोगियों के लिए हमेशा पीड़ादायक ही रहता है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. अरविंद कनौजिया का कहना है सुबह-शाम पड़ रही ठंड से लोगों का बचना जरूरी है। ठंड से बचने में बरती गई जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार बना सकती है।
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कौशाम्बी में कोहरे की धुंध के साथ गलन भरी ठंड के साथ संक्रामक बीमारी ने भी दस्तक दे दी है। मौसम के बदले मिजाज के साथ जुकाम-बुखार और खांसी, दमा के पीड़ितों के साथ कोल्ड डायरिया ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। शनिवार को जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया से पीड़ित शल्या देवी, गुलाम निवासी सिराथू, धनंजय निवासी ओसा के साथ राजकुमार, अब्दुल, अहमदी, अर्चना देवी, भानचंद्र आदि करीब एक दर्जन लोग कोल्ड डायरिया से ग्रसित पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मौसम के हिसाब से रहने की सलाह दी।
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डॅाक्टरों का भी मानना है कि बदलते मौसम में बरती गई जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार बना रही है। बता दें कि जाड़े का मौसम सांस के रोगियों के लिए हमेशा पीड़ादायक ही रहता है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. अरविंद कनौजिया का कहना है सुबह-शाम पड़ रही ठंड से लोगों का बचना जरूरी है। ठंड से बचने में बरती गई जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार बना सकती है।
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