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दुल्हन की तरह सजी नवीन मंडी में एक-दूजे के हुए 610 जोड़े
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cm marrage yojna
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। नवीन मंडी ओसा में गुरुवार को भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 610 जोड़े दांपत्य की डोर में बंध गए। प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व जिले के प्रभारी मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित जन प्रतिनिधियों व अफसरों ने नव दंपति के सुखद दांपत्य के लिए कामना की।
नवीन मंडी ओसा में भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। गुब्बारे व फूलों से पंडाल को सजाया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले भी सरकारे गरीब बेटियों की शादी में अनुदान दिया करती थी। लेकिन पैैसा कई सालों तक नहीं मिल पाता था। पिछले साल 71 हजार जोड़ों की प्रदेश में शादी कराई गई। इस बार 14 नवंबर को आयोजित सामूहिक विवाह के लिए सरकार ने 250 करोड़ का बजट पहले से अलग कर लिया है। नव दंपति को आशीर्वाद देते हुए कहा किए एक आदर्श परिवार की परिकल्पना कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया जाए। बेटी किसी तरह की शिकायत मायके में नहीं करे, इसका ख्याल रखे।
बेटी को भी ससुराल को खुद के परिवार की तरह अपनाना होगा। प्रभारी मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि वह भगवान राम की नगरी (चित्रकूट) के रहने वाले हैं। भगवान सभी की गृहस्थी कुशल कर रहे। सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरुवार को कुल 610 जोड़ों का विवाह कराया गया। जिसमें 20 लोग मुस्लिम समाज से थे। उनका निकाह पढ़ाया गया। हिंदू रीति-रिवाज के साथ होने वाली शादी में पुरोहितों ने माइक से वैदिक मंत्र पढ़े। समारोह मे मंझनपुर विकास खंड के 61, सरसवां के 90, कौशाम्बी के 55 जोड़े शामिल थे। मंझनपुर और करारी नगर पंचायत में भी पांच-पांच शादियां हुई। चायल विकास खंड के 64, नेवादा क 52, मूरतगंज के 42, नगर पालिका भरवारी के 45, सरायअकिल नगर पंचायत के एक व चायल नगर पंचायत में दो शादी कराई गई। इसी तरह सिराथू विकास खंड में 85, कड़ा में 95, सिराथू नगर पंचायत में छह और अजुहा में दो जोड़े की शादी कराई गई। सामूहिक विवाह समारोह के दौरान दांपत्य सूत्र में बंधे जोड़ों में 35 हजार कन्या के खाते में भेजा गया। 10 हजार में कन्या को उपहार दिया गया। इसके अलावा छह हजार रुपया आयोजन में खर्च किया गया। कुल मिलाकर प्रत्येक जोड़े पर सरकार की तरह से 51 हजार का खर्च वहन किया गया।
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नवीन मंडी ओसा में भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। गुब्बारे व फूलों से पंडाल को सजाया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले भी सरकारे गरीब बेटियों की शादी में अनुदान दिया करती थी। लेकिन पैैसा कई सालों तक नहीं मिल पाता था। पिछले साल 71 हजार जोड़ों की प्रदेश में शादी कराई गई। इस बार 14 नवंबर को आयोजित सामूहिक विवाह के लिए सरकार ने 250 करोड़ का बजट पहले से अलग कर लिया है। नव दंपति को आशीर्वाद देते हुए कहा किए एक आदर्श परिवार की परिकल्पना कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया जाए। बेटी किसी तरह की शिकायत मायके में नहीं करे, इसका ख्याल रखे।
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बेटी को भी ससुराल को खुद के परिवार की तरह अपनाना होगा। प्रभारी मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि वह भगवान राम की नगरी (चित्रकूट) के रहने वाले हैं। भगवान सभी की गृहस्थी कुशल कर रहे। सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरुवार को कुल 610 जोड़ों का विवाह कराया गया। जिसमें 20 लोग मुस्लिम समाज से थे। उनका निकाह पढ़ाया गया। हिंदू रीति-रिवाज के साथ होने वाली शादी में पुरोहितों ने माइक से वैदिक मंत्र पढ़े। समारोह मे मंझनपुर विकास खंड के 61, सरसवां के 90, कौशाम्बी के 55 जोड़े शामिल थे। मंझनपुर और करारी नगर पंचायत में भी पांच-पांच शादियां हुई। चायल विकास खंड के 64, नेवादा क 52, मूरतगंज के 42, नगर पालिका भरवारी के 45, सरायअकिल नगर पंचायत के एक व चायल नगर पंचायत में दो शादी कराई गई। इसी तरह सिराथू विकास खंड में 85, कड़ा में 95, सिराथू नगर पंचायत में छह और अजुहा में दो जोड़े की शादी कराई गई। सामूहिक विवाह समारोह के दौरान दांपत्य सूत्र में बंधे जोड़ों में 35 हजार कन्या के खाते में भेजा गया। 10 हजार में कन्या को उपहार दिया गया। इसके अलावा छह हजार रुपया आयोजन में खर्च किया गया। कुल मिलाकर प्रत्येक जोड़े पर सरकार की तरह से 51 हजार का खर्च वहन किया गया।
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