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Kaushambi News: नहरों की सफाई में खानापूर्ति, गेहूं और आलू के उत्पादन में हो सकती है देरी
Thu, 20 Nov 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 20 Nov 2025 01:32 AM IST
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बारा माइनर की सफाई करते मजदूर। संवाद
जिले में सिंचाई विभाग की ओर से कराई जा रही नहरों की सफाई में खानापूर्ति की जा रही है। किसान सफाई कार्य को कोरम पूरा करने वाला मान रहे हैं। उन्हें खेतों में पानी के लिए करीब एक माह इंतजार करना पड़ेगा। जबकि इन दिनों गेहूं, चना, सरसों और आलू की बुआई हो रही है। यदि सफाई अभियान इसी गति से चला तो उत्पादन में देरी हो सकती है। उनका कहना है कि जहां जरूरत है, वहां नहरों पर पटरियां नहीं बनाई जा रही। यदि पानी का दबाव बढ़ा तो किनारा टूट सकता है।
जिले में सिंचाई विभाग ने नहरों का जाल बिछा रखा है। इसके बाद भी किसानों को समय से फसलोंं के लिए पानी नहीं मिल रहा है। जबकि इन दिनों किसान गेहूं का पलेवा कर रहे हैं। जिले में तीन प्रकार की नहरें है। सभी में एक साथ सफाई कार्य संचालित है। अभी 496 किमी नहर की सफाई होनी बाकी है। किसानों का कहना है कि नहरों की असल सफाई के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
किसान नेता नूरुल इस्लाम, अजय सोनी, मनोज कुमार और दिनेश आदि ने कहा कि नहरों पर सिर्फ पटरी की हल्की छंटाई कर मिट्टी को नहर में ही डाल दिया जा रहा है। इससे सफाई का मकसद पूरा नहीं हो रहा। उनका कहना है कि जहां-जहां नहर की पटरी टूटी है, वहां मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नहरों की वास्तविक सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो सिंचाई प्रभावित होगी और उनको फसल सीजन में भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। ऐसे में किसान सड़क पर उतरने को मजबूर हो सकते हैं।
नहरों की समय से सफाई नहीं होती। इसी वजह से गेहूं की बुआई में देरी हो रही है। यह हर साल का हाल है। सफाई में सिर्फ कोरम पूरा किया जाता है। किसानों की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। - भोला यादव, बारा
सफाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया जा रहा है। जेसीबी चलाकर काम तो पूरा दिखा दिया गया है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। - हरिशंकर मिश्रा, कनैली
कौशाम्बी प्रखंड की नहर व्यवस्था
कौशाम्बी प्रखंड के अंतर्गत किशपुर पंप कैनाल की 35 नहरें आती हैं, जो करीब 265 किमी तक है। यह नहरें कौशाम्बी, सरसवां और नेवादा ब्लॉक में सिंचाई का मुख्य साधन हैं। वर्तमान में नहरों में पानी बंद है। विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर तक सफाई कर ली जाएगी जिसके बाद पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।
फतेहपुर सिंचाई खंड का दावा
सिंचाई खंड फतेहपुर के सहायक अभियंता नवाब सिंह ने बताया कि उनकी योजना के अंतर्गत जिले में 17 नहरें संचालित होती हैं, जो मंझनपुर और सिराथू क्षेत्र में लगभग 101 किमी तक फैली हैं। उन्होंने बताया कि सफाई का कार्य तेजी से जारी है। 25 दिसंबर के बाद इन नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
निचली गंगा नहर प्रखंड की स्थिति
निचली गंगा नहर प्रखंड फतेहपुर के सहायक अभियंता अंकित अग्रवाल ने बताय कि सिराथू व कड़ा क्षेत्र में 16 नहरें हैं, जो करीब 130 किमी लंबी हैं। इन नहरों में 16 दिसंबर के बाद पानी छोड़ा जाएगा। इससे पहले सफाई का कार्य पूरा किया जाएगा।
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जिले में सिंचाई विभाग ने नहरों का जाल बिछा रखा है। इसके बाद भी किसानों को समय से फसलोंं के लिए पानी नहीं मिल रहा है। जबकि इन दिनों किसान गेहूं का पलेवा कर रहे हैं। जिले में तीन प्रकार की नहरें है। सभी में एक साथ सफाई कार्य संचालित है। अभी 496 किमी नहर की सफाई होनी बाकी है। किसानों का कहना है कि नहरों की असल सफाई के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
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किसान नेता नूरुल इस्लाम, अजय सोनी, मनोज कुमार और दिनेश आदि ने कहा कि नहरों पर सिर्फ पटरी की हल्की छंटाई कर मिट्टी को नहर में ही डाल दिया जा रहा है। इससे सफाई का मकसद पूरा नहीं हो रहा। उनका कहना है कि जहां-जहां नहर की पटरी टूटी है, वहां मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नहरों की वास्तविक सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई तो सिंचाई प्रभावित होगी और उनको फसल सीजन में भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। ऐसे में किसान सड़क पर उतरने को मजबूर हो सकते हैं।
नहरों की समय से सफाई नहीं होती। इसी वजह से गेहूं की बुआई में देरी हो रही है। यह हर साल का हाल है। सफाई में सिर्फ कोरम पूरा किया जाता है। किसानों की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। - भोला यादव, बारा
सफाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया जा रहा है। जेसीबी चलाकर काम तो पूरा दिखा दिया गया है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। - हरिशंकर मिश्रा, कनैली
कौशाम्बी प्रखंड की नहर व्यवस्था
कौशाम्बी प्रखंड के अंतर्गत किशपुर पंप कैनाल की 35 नहरें आती हैं, जो करीब 265 किमी तक है। यह नहरें कौशाम्बी, सरसवां और नेवादा ब्लॉक में सिंचाई का मुख्य साधन हैं। वर्तमान में नहरों में पानी बंद है। विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर तक सफाई कर ली जाएगी जिसके बाद पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।
फतेहपुर सिंचाई खंड का दावा
सिंचाई खंड फतेहपुर के सहायक अभियंता नवाब सिंह ने बताया कि उनकी योजना के अंतर्गत जिले में 17 नहरें संचालित होती हैं, जो मंझनपुर और सिराथू क्षेत्र में लगभग 101 किमी तक फैली हैं। उन्होंने बताया कि सफाई का कार्य तेजी से जारी है। 25 दिसंबर के बाद इन नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
निचली गंगा नहर प्रखंड की स्थिति
निचली गंगा नहर प्रखंड फतेहपुर के सहायक अभियंता अंकित अग्रवाल ने बताय कि सिराथू व कड़ा क्षेत्र में 16 नहरें हैं, जो करीब 130 किमी लंबी हैं। इन नहरों में 16 दिसंबर के बाद पानी छोड़ा जाएगा। इससे पहले सफाई का कार्य पूरा किया जाएगा।

बारा माइनर की सफाई करते मजदूर। संवाद

बारा माइनर की सफाई करते मजदूर। संवाद