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सफाईकर्मियों की फौज, उड़ा रही मौज
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 18 Sep 2016 12:20 AM IST
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ग्राम सभाओं की सफाई के लिए न्याय पंचायत वार गठित सफाई कर्मियों को टोली रोस्टर तय होने के बाद भी गांव नहीं पहुंच रही है। इसके चलते गांवों की गलियां और नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। उधर जिम्मेदार हैं कि उनका ध्यान पूरी तरह से गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने में लगा है। अफसरों की व्यस्तता को देख सफाई कर्मी टोली के नाम पर मस्ती मार रहे हैं।
498 ग्राम सभाओं वाले दोआबा में लगभग एक हजार सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इन कर्मियों को गांवों की सफाई के लिए ग्राम वार तैनाती दी गई थी। इस दौरान कुछ सफाई कर्मी तैनाती वाले गांवों में जाकर प्रतिदिन झाड़ू लगाने का काम करते थे। इस दौरान एक या दो सफाई कर्मी पूरी ग्राम सभा, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में झाड़ू नहीं लगा पाते थे, लेकिन कुछ दिन पहले तत्कालीन डीपीआरओ रहे आरपी मिश्र ने गांवों में तैनात सफाई कर्मियों की न्याय पंचायत वार टोली गठित कर दिया। टोली गठन के बाद संबंधित ग्राम सभाओं में सफाई का रोस्टर निर्धारित कर दिया। कुछ दिन तो कर्मचारियों की टोलियां गांवों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखती देखी गईं। नवागत डीपीआरओ कमल किशोर के आने के बाद जैसे ही गांवों में ओडीएफ अभियान ने जोर पकड़ा सफाई व्यवस्था धड़ाम हो गई। मौजूदा हालात यह हैं कि पता ही नहीं चलता कि गांव में सफाई का रोस्टर क्या है।
बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप, फैल रही बीमारी
गांवों की गलियां और नालियां सफाई के अभाव में गंदगी से बजबजा रहीं हैं। गलियों और नालियों में जलजमाव होने से गांवों में मच्छरों का प्रकोप हो गया है। विकास खंड कौशाम्बी के म्योहर गांव पर नजर डालें तो पूरे गांव में सीसी रोड और नालियां बनी हैं। लेकिन सफाई के अभाव में घरों का गंदा पानी नालियों के ऊपर से बह रहा है।
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गांवों की सफाई अभियान चलाकर कराई जा रही है। टोली में पर्याप्त सफाई कर्मियों के होने से एक-दो दिन में पूरा गांव साफ हो जाता है। यदि किसी गांव में टोली रोस्टर पर नहीं पहुंच रही तो उसकी शिकायत करें। टोली में शामिल सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कमल किशोर, डीपीआरओ कौशाम्बी
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498 ग्राम सभाओं वाले दोआबा में लगभग एक हजार सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इन कर्मियों को गांवों की सफाई के लिए ग्राम वार तैनाती दी गई थी। इस दौरान कुछ सफाई कर्मी तैनाती वाले गांवों में जाकर प्रतिदिन झाड़ू लगाने का काम करते थे। इस दौरान एक या दो सफाई कर्मी पूरी ग्राम सभा, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में झाड़ू नहीं लगा पाते थे, लेकिन कुछ दिन पहले तत्कालीन डीपीआरओ रहे आरपी मिश्र ने गांवों में तैनात सफाई कर्मियों की न्याय पंचायत वार टोली गठित कर दिया। टोली गठन के बाद संबंधित ग्राम सभाओं में सफाई का रोस्टर निर्धारित कर दिया। कुछ दिन तो कर्मचारियों की टोलियां गांवों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखती देखी गईं। नवागत डीपीआरओ कमल किशोर के आने के बाद जैसे ही गांवों में ओडीएफ अभियान ने जोर पकड़ा सफाई व्यवस्था धड़ाम हो गई। मौजूदा हालात यह हैं कि पता ही नहीं चलता कि गांव में सफाई का रोस्टर क्या है।
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बढ़ रहा मच्छरों का प्रकोप, फैल रही बीमारी
गांवों की गलियां और नालियां सफाई के अभाव में गंदगी से बजबजा रहीं हैं। गलियों और नालियों में जलजमाव होने से गांवों में मच्छरों का प्रकोप हो गया है। विकास खंड कौशाम्बी के म्योहर गांव पर नजर डालें तो पूरे गांव में सीसी रोड और नालियां बनी हैं। लेकिन सफाई के अभाव में घरों का गंदा पानी नालियों के ऊपर से बह रहा है।
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गांवों की सफाई अभियान चलाकर कराई जा रही है। टोली में पर्याप्त सफाई कर्मियों के होने से एक-दो दिन में पूरा गांव साफ हो जाता है। यदि किसी गांव में टोली रोस्टर पर नहीं पहुंच रही तो उसकी शिकायत करें। टोली में शामिल सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कमल किशोर, डीपीआरओ कौशाम्बी