{"_id":"692ddfdda3041a8d04060450","slug":"children-are-falling-sick-as-the-weather-changes-increasing-number-of-patients-in-the-medical-college-kaushambi-news-c-261-1-kmb1028-133049-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: मौसम बदलते ही बच्चे हो रहे बीमार, मेडिकल कॉलेज में बढ़े मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: मौसम बदलते ही बच्चे हो रहे बीमार, मेडिकल कॉलेज में बढ़े मरीज
Tue, 02 Dec 2025 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बच्चे की जांच करते चिकित्सक। संवाद
मंझनपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सबसे बड़ा असर छोटे बच्चों पर दिखाई दे रहा है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तापमान में गिरावट शुरू होते ही खांसी-जुकाम, वायरल बुखार और सांस संबंधी परेशानियों से जूझते बच्चे बड़ी संख्या में उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले बच्चों में लगभग 35 प्रतिशत मरीज मौसमी संक्रमण से प्रभावित पाए जा रहे हैं। हालांकि, अस्पताल में आने वाले कुल मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम हुई है, लेकिन जो भी बच्चे पहुंच रहे हैं उनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस जैसी समस्याएं अधिक देखी जा रही है।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश बताते हैं कि ठंड की शुरुआत के साथ बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों को ठंडी हवा और धूल से बचाएं, गुनगुने पानी का उपयोग करें और लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं।
विज्ञापन
अस्पताल पहुंच रहे अभिभावक भी बच्चों की बढ़ती परेशानी को लेकर चिंतित नजर आए। कई अभिभावकों ने बताया कि अचानक ठंड बढ़ने से बच्चे रात में ज्यादा खांसते हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले बच्चों में लगभग 35 प्रतिशत मरीज मौसमी संक्रमण से प्रभावित पाए जा रहे हैं। हालांकि, अस्पताल में आने वाले कुल मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम हुई है, लेकिन जो भी बच्चे पहुंच रहे हैं उनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस जैसी समस्याएं अधिक देखी जा रही है।
विज्ञापन
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश बताते हैं कि ठंड की शुरुआत के साथ बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों को ठंडी हवा और धूल से बचाएं, गुनगुने पानी का उपयोग करें और लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं।
विज्ञापन
अस्पताल पहुंच रहे अभिभावक भी बच्चों की बढ़ती परेशानी को लेकर चिंतित नजर आए। कई अभिभावकों ने बताया कि अचानक ठंड बढ़ने से बच्चे रात में ज्यादा खांसते हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होती है।