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Kaushambi News: ठंड की चपेट में आए बच्चे, कोल्ड डायरिया-निमोनिया के मरीज बढ़े
Sun, 04 Jan 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 04 Jan 2026 01:19 AM IST
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पीकू वार्ड में भर्ती मरीज का हाल पूंछते डॉ. विश्व प्रकाश। संवाद
कड़ाके की ठंड का असर अब बच्चों पर होने लगा है। तापमान में लगातार गिरावट और सर्द हवाओं के कारण जिले में कोल्ड डायरिया और निमोनिया के मरीजों में तेजी से इजाफा हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें 40-50 बच्चे ठंड से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं।
इन दिनों सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे बच्चे हैं। ठंड के चलते बच्चों में दस्त, उल्टी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में फिलहाल कोल्ड डायरिया से पीड़ित चार गंभीर बच्चों को भर्ती किया गया है
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर साफ-सफाई में लापरवाही, ठंडा पानी पीना, खुले में ठंड लगना और गुनगुना भोजन न मिलने से कोल्ड डायरिया की समस्या बढ़ रही है।
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वहीं, सर्द हवा और तापमान में गिरावट के कारण निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने अभिभावकों को बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, सिर और सीना ढककर रखें, ठंडे पानी और खुले खाद्य पदार्थों से बचाएं। दस्त या सांस लेने में तकलीफ होने पर देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही बताया कि ठंड का प्रकोप अभी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
पीकू वार्ड में भर्ती चार मासूम
जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीकू) वार्ड में कोल्ड डायरिया से पीड़ित चार बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें अंबावा पश्चिम निवासी अनिका, पतौना के अभय पाल, गोराजू के अदनान और खोरा की सुरभि शामिल हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और आवश्यक दवाएं व चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। अभिभावकों से अपील की है कि ठंड में बच्चों को गर्म रखें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल लाएं। - डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस
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इन दिनों सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे बच्चे हैं। ठंड के चलते बच्चों में दस्त, उल्टी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में फिलहाल कोल्ड डायरिया से पीड़ित चार गंभीर बच्चों को भर्ती किया गया है
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर साफ-सफाई में लापरवाही, ठंडा पानी पीना, खुले में ठंड लगना और गुनगुना भोजन न मिलने से कोल्ड डायरिया की समस्या बढ़ रही है।
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वहीं, सर्द हवा और तापमान में गिरावट के कारण निमोनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने अभिभावकों को बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, सिर और सीना ढककर रखें, ठंडे पानी और खुले खाद्य पदार्थों से बचाएं। दस्त या सांस लेने में तकलीफ होने पर देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही बताया कि ठंड का प्रकोप अभी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है।
पीकू वार्ड में भर्ती चार मासूम
जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीकू) वार्ड में कोल्ड डायरिया से पीड़ित चार बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें अंबावा पश्चिम निवासी अनिका, पतौना के अभय पाल, गोराजू के अदनान और खोरा की सुरभि शामिल हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और आवश्यक दवाएं व चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। अभिभावकों से अपील की है कि ठंड में बच्चों को गर्म रखें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल लाएं। - डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस