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Kaushambi News: बचपन की पत्थरबाजी ने बनाया निशानेबाज, झटका गोल्ड
Sat, 18 Oct 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 18 Oct 2025 01:07 AM IST
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विद्यालय में अभिषेक का स्वागत करते प्रधानाचार्य व अन्य। स्रोत- शिक्षक
- फोटो : katra news
वाराणसी में आयोजित 69वीं प्रदेशीय विद्यालयीय राइफल व पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में धनपत्ती देवी इंटर कॉलेज, थुलगुला में कक्षा 11 के छात्र अभिषेक विश्वकर्मा ने जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी उपलब्धि इस बात का भी उदाहरण है कि बचपन की शरारत सकारात्मक ऊर्जा में बदलती है। उनके गुरु ने बताया कि बचपन में वह गुस्साने पर पत्थर फेंका करता था। समझदार हुआ तो बेहतरीन निशानेबाज बन गया।
अभिषेक ने राइफल शूटिंग में जूनियर वर्ग की 10 मीटर रेंज में 315 अंक हासिल कर 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। 2015 में मेरठ के खिलाड़ी ने 313 अंक प्राप्त किए थे। इसके अलावा आरुषी सक्सेना ने सिल्वर और अमन पटेल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बीरेंद्र पांडेय ने बताया कि बचपन में अभिषेक बेहद शरारती था। कोई न कोई रोज शिकायत करता था। वह किसी से नाराज होने पर पत्थर फेंककर मारता था। उसी अचूक निशाने ने अब उसे स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने बताया कि अभिषेक का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
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थुलगुला के खिलाड़ियों की इस सफलता पर लोगों ने जुलूस निकालकर गोल्ड मेडल हासिल करने वाले अभिषेक का स्वागत किया। कॉलेज के आठ खिलाड़ी यश गुप्ता, सानिया परवीन, आरुषी सक्सेना, अभिषेक विश्वकर्मा, अमन पटेल, मनीषा राजपूत, आलोक और वैष्णवी ने प्रयागराज मंडल का प्रतिनिधित्व किया था। इस मौके पर समाजसेवी दीपा श्रीवास्तव और प्रभाकर शुक्ला समेत अन्य शिक्षक व कस्बे के लोग मौजूद रहे।
गरीबी में गढ़ी कामयाबी की इबारत
अभिषेक विश्वकर्मा के माता-पिता दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। पिता भोलानाथ घर में लोहारगीरी का काम करते हैं। ऐसे में विद्यालय ने अभिषेक की प्रतिभा को देखते हुए फीस में छूट दी थी। मंडल स्तर पर सफलता के बाद विद्यालय की पहल पर प्रयागराज की एक अकादमी ने उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिया।
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अभिषेक ने राइफल शूटिंग में जूनियर वर्ग की 10 मीटर रेंज में 315 अंक हासिल कर 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। 2015 में मेरठ के खिलाड़ी ने 313 अंक प्राप्त किए थे। इसके अलावा आरुषी सक्सेना ने सिल्वर और अमन पटेल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य बीरेंद्र पांडेय ने बताया कि बचपन में अभिषेक बेहद शरारती था। कोई न कोई रोज शिकायत करता था। वह किसी से नाराज होने पर पत्थर फेंककर मारता था। उसी अचूक निशाने ने अब उसे स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने बताया कि अभिषेक का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
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थुलगुला के खिलाड़ियों की इस सफलता पर लोगों ने जुलूस निकालकर गोल्ड मेडल हासिल करने वाले अभिषेक का स्वागत किया। कॉलेज के आठ खिलाड़ी यश गुप्ता, सानिया परवीन, आरुषी सक्सेना, अभिषेक विश्वकर्मा, अमन पटेल, मनीषा राजपूत, आलोक और वैष्णवी ने प्रयागराज मंडल का प्रतिनिधित्व किया था। इस मौके पर समाजसेवी दीपा श्रीवास्तव और प्रभाकर शुक्ला समेत अन्य शिक्षक व कस्बे के लोग मौजूद रहे।
गरीबी में गढ़ी कामयाबी की इबारत
अभिषेक विश्वकर्मा के माता-पिता दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। पिता भोलानाथ घर में लोहारगीरी का काम करते हैं। ऐसे में विद्यालय ने अभिषेक की प्रतिभा को देखते हुए फीस में छूट दी थी। मंडल स्तर पर सफलता के बाद विद्यालय की पहल पर प्रयागराज की एक अकादमी ने उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिया।