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किराएदार ले रहे आवासीय सुविधा का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:33 AM IST
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विकास खंड चायल में बीडीओ, एडीओ सहित सभी कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा मुहैया है। इसका आवंटन भी कर्मियों के लिए किया गया है, लेकिन एक भी अधिकारी कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। हद तो तब हो गई जब सरकारी आवास को कर्मचारियों ने किराए पर उठा दिया।
विकास खंड चायल में बीडीओ दुर्योधन प्रसाद की तैनाती है। बीडीओ के अलावा कई ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी, लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी तैनात हैं। इन सब को रात्रि निवास करने के लिए आवासीय सुविधा मुहैया कराई गई है। सूत्रों की माने तो चायल से इलाहाबाद नजदीक होने की वजह से तैनात अधिकारी और कर्मचारी पांच बजते ही इलाहाबाद रवाना हो जाते हैं।
उधर ब्लॉक कर्मियों ने अपने-अपने आवास गैर ब्लॉक कर्मियों को किराए पर उठा दिया है। ऐसे में सरकारी आवास में प्राइवेट लोगों का बसेरा बना हुआ है। मामले में बीडीओ दुर्योधन से पूछा गया तो उनका कहना था कि किराए पर दिए जाने की जानकारी नहीं है। आवास डैमेज हो चुके हैं इसलिए कोई रात्रि निवास नहीं करता। इसकी रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है।
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झूठ बोलने पर बीडीओ का कटा वेतन
मुख्य विकास अधिकारी से झूठ बोलना बीडीओ चायल को महंगा पड़ गया। इलाहाबाद में मौजूदगी और लोकेशन रतगहा बताने की पोल खुल गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने डीडीओ को बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। डीडीओ ने एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई कर दी है।
खंड विकास अधिकारी चायल दुर्योधन प्रसाद बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंच सके थे। किसी काम से मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें फोन किया तो बीडीओ ने लोकेशन रतगहा बताया। जबकि बीडीओ इलाहाबाद में थे। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगाई तो बीडीओ ने सच कबूल कर लिया। मामले में सीडीओ ने डीडीओ को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। डीडीओ ने बीडीओ का वेतन काटते हुए भविष्य में झूठ न बोलने की हिदायत दी है।
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विकास खंड चायल में बीडीओ दुर्योधन प्रसाद की तैनाती है। बीडीओ के अलावा कई ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी, लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी तैनात हैं। इन सब को रात्रि निवास करने के लिए आवासीय सुविधा मुहैया कराई गई है। सूत्रों की माने तो चायल से इलाहाबाद नजदीक होने की वजह से तैनात अधिकारी और कर्मचारी पांच बजते ही इलाहाबाद रवाना हो जाते हैं।
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उधर ब्लॉक कर्मियों ने अपने-अपने आवास गैर ब्लॉक कर्मियों को किराए पर उठा दिया है। ऐसे में सरकारी आवास में प्राइवेट लोगों का बसेरा बना हुआ है। मामले में बीडीओ दुर्योधन से पूछा गया तो उनका कहना था कि किराए पर दिए जाने की जानकारी नहीं है। आवास डैमेज हो चुके हैं इसलिए कोई रात्रि निवास नहीं करता। इसकी रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है।
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झूठ बोलने पर बीडीओ का कटा वेतन
मुख्य विकास अधिकारी से झूठ बोलना बीडीओ चायल को महंगा पड़ गया। इलाहाबाद में मौजूदगी और लोकेशन रतगहा बताने की पोल खुल गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने डीडीओ को बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। डीडीओ ने एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई कर दी है।
खंड विकास अधिकारी चायल दुर्योधन प्रसाद बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंच सके थे। किसी काम से मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें फोन किया तो बीडीओ ने लोकेशन रतगहा बताया। जबकि बीडीओ इलाहाबाद में थे। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगाई तो बीडीओ ने सच कबूल कर लिया। मामले में सीडीओ ने डीडीओ को एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। डीडीओ ने बीडीओ का वेतन काटते हुए भविष्य में झूठ न बोलने की हिदायत दी है।