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70 बैंक कैशलेश, दहशत में बैंककर्मी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:29 AM IST
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जिले के 70 बैंक कैशलेश हो चुके हैं। रुपया न होने से ग्राहकों में गुस्सा बढ़ने लगा है। लगातार घटनाएं होने से बैंककर्मी अब दहशत में आ गए हैं। ग्राहकों के गुस्से का वह शिकार न हो, इसलिए सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग भी बैंक कर्मियों ने शुरू कर दी है। इसको लेकर अधिकारी भी अब चिंतित होने लगे हैं।
जिले में एसबीआई के अलावा किसी अन्य बैंक की शाखा में कैश नहीं है। बैंक आफ बड़ौदा व बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की लगभग 70 शाखाएं हैं। यहां अब रुपया नहीं है। गुरुवार को स्थिति और खराब हो सकती है। इसकी बैंकर्स ने संभावना जता दी है। धमकी देकर ग्राहक बैंक से निकल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि हर आदमी को रुपये की आवश्यकता है। किसी को शादी के लिए रुपया चाहिए तो किसी को दवा इलाज के लिए, लेकिन रुपया नहीं मिल पा रहा है।
बुधवार को हुई घटना ने बैंक कर्मियों को डरा दिया है। वह इससे दहशत में है। बैंककर्मी मानते हैं कि अब स्थिति चिंताजनक हो गई है। यदि कैश नहीं आया तो ग्राहक किसी भी हद तक जा सकता है। यह उनके हाव-भाव से समझ में आ रहा है। इसको देखते हुए सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग अधिकारियों से की गई है। एलडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि कैश न आने से अब बैंक नाजुक दौर में आ गया है। गुुरुवार को स्थिति से निपटने में बैंक कर्मियोें को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि गुुरुवार को कैश आ जाएगा।
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दस करोड़ का हुआ लेन-देन
बुधवार को बैंकों में दस करोड़ का लेन-देन हुआ। जिन बैंक शाखाओं से लोगों को रुपया मिला, वहां लंबी लाइन शाम तक लगी रही। लोगों ने ढाई करोड़ रुपये जमा किए और सात करोड़ की निकासी की।
जिले की बैंक शाखाओं में बुधवार को भारी भीड़ उमड़ी थी। जिन बैंकों में कैश था, वहां शाम तक लाइन लगी रही। एटीएम की भी यही स्थिति थी। सुबह से लेकर शाम इन बैंकों लेनदेन हुआ। बुधवार को ढाई करोड़ रुपया जमा हुआ और सात करोड़ रुपये की निकासी हुई।
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जिले में एसबीआई के अलावा किसी अन्य बैंक की शाखा में कैश नहीं है। बैंक आफ बड़ौदा व बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की लगभग 70 शाखाएं हैं। यहां अब रुपया नहीं है। गुरुवार को स्थिति और खराब हो सकती है। इसकी बैंकर्स ने संभावना जता दी है। धमकी देकर ग्राहक बैंक से निकल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि हर आदमी को रुपये की आवश्यकता है। किसी को शादी के लिए रुपया चाहिए तो किसी को दवा इलाज के लिए, लेकिन रुपया नहीं मिल पा रहा है।
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बुधवार को हुई घटना ने बैंक कर्मियों को डरा दिया है। वह इससे दहशत में है। बैंककर्मी मानते हैं कि अब स्थिति चिंताजनक हो गई है। यदि कैश नहीं आया तो ग्राहक किसी भी हद तक जा सकता है। यह उनके हाव-भाव से समझ में आ रहा है। इसको देखते हुए सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग अधिकारियों से की गई है। एलडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि कैश न आने से अब बैंक नाजुक दौर में आ गया है। गुुरुवार को स्थिति से निपटने में बैंक कर्मियोें को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि गुुरुवार को कैश आ जाएगा।
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दस करोड़ का हुआ लेन-देन
बुधवार को बैंकों में दस करोड़ का लेन-देन हुआ। जिन बैंक शाखाओं से लोगों को रुपया मिला, वहां लंबी लाइन शाम तक लगी रही। लोगों ने ढाई करोड़ रुपये जमा किए और सात करोड़ की निकासी की।
जिले की बैंक शाखाओं में बुधवार को भारी भीड़ उमड़ी थी। जिन बैंकों में कैश था, वहां शाम तक लाइन लगी रही। एटीएम की भी यही स्थिति थी। सुबह से लेकर शाम इन बैंकों लेनदेन हुआ। बुधवार को ढाई करोड़ रुपया जमा हुआ और सात करोड़ रुपये की निकासी हुई।