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काले झंडे, काली पट्टी के साथ सड़क पर उतरे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:29 AM IST
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व्यापारी सोमवार को काले झंडे, काली पट्टी के साथ सड़क पर उतर आए।
सर्राफा कारोबार में उत्पाद शुल्क की बढ़ोतरी से भड़के व्यापारी सोमवार को काले झंडे, काली पट्टी के साथ सड़क पर उतर आए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कारोबारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देकर बढ़ाए गए शुल्क को वापस लिए जाने की मांग की। अनदेखी पर 12 अप्रैल को जिलेभर में बाजारबंदी की चेतावनी दी।
केंद्र सरकार ने सर्राफा व्यवसाय में उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। इसे लेकर कारोबारियों में जबरदस्त आक्रोश है। शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ सर्राफा व्यापारी हड़ताल पर हैं। फिर भी केंद्र सरकार खामोश बनी है। इससे भड़के व्यापारी सोमवार को हाथों में काले झंडे लेकर, बांह में काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। जिला मुख्यालय मंझनपुर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। घंटेभर तक केंद्र सरकार के खिलाफ गरजते रहे व्यापारियों ने वित्तमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें सर्राफा व्यवसाय में बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क वापस लेने, कारोबार में इंस्पेक्टर राज को समाप्त करने, रेडीमेड व्यवसाय में बढ़ाए गए कर को वापस लेने की मांग की गई। व्यापारियों ने चेताया कि यदि 11 अप्रैल तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे 12 अप्रैल को बाजारबंद करके सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेश अग्रहरि, प्रवेश केसरवानी, अंशुल केसरवानी, अनुराग केसरवानी, आशीष कुमार, सोनू केसरवानी, कुलदीप जायसवाल, मुन्ना, अमित वर्मा, नीरज अग्रहरि, नेमचंद्र, सुमित कुमार, दुर्गेश गुप्ता, बालक चौरसिया, राजेश कुमार, राकेश वर्मा, राजेश अग्रहरि, सुनील केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार ने सर्राफा व्यवसाय में उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। इसे लेकर कारोबारियों में जबरदस्त आक्रोश है। शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ सर्राफा व्यापारी हड़ताल पर हैं। फिर भी केंद्र सरकार खामोश बनी है। इससे भड़के व्यापारी सोमवार को हाथों में काले झंडे लेकर, बांह में काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। जिला मुख्यालय मंझनपुर में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। घंटेभर तक केंद्र सरकार के खिलाफ गरजते रहे व्यापारियों ने वित्तमंत्री को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें सर्राफा व्यवसाय में बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क वापस लेने, कारोबार में इंस्पेक्टर राज को समाप्त करने, रेडीमेड व्यवसाय में बढ़ाए गए कर को वापस लेने की मांग की गई। व्यापारियों ने चेताया कि यदि 11 अप्रैल तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे 12 अप्रैल को बाजारबंद करके सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेश अग्रहरि, प्रवेश केसरवानी, अंशुल केसरवानी, अनुराग केसरवानी, आशीष कुमार, सोनू केसरवानी, कुलदीप जायसवाल, मुन्ना, अमित वर्मा, नीरज अग्रहरि, नेमचंद्र, सुमित कुमार, दुर्गेश गुप्ता, बालक चौरसिया, राजेश कुमार, राकेश वर्मा, राजेश अग्रहरि, सुनील केसरवानी आदि मौजूद रहे।
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