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एक ही कब्र में भाई-बहन को दफनाया
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Brother and sister buried in the same grave
- फोटो : KAUSHAMBI
एक ही कब्र में भाई-बहन को दफनाया
अंतिम संस्कार के दौरान गांव में तैनात रहा भारी पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
पश्चिमशरीरा। कोतवाली क्षेत्र के बक्शी का पूरा गांव में बुधवार रात मौत के घाट उतारे गए भाई-बहन को एक ही कब्र में दफनाया गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में गम और गुस्सा दिखा। हालांकि एसपी ने एहतियातन गांव में कई थानों की फोर्स तैनात कर रखी थी।
बक्शी का पूरा गांव निवासी दिवंगत गप्पू सरोज की बेटी शीला व बेटा राजेंद्र उर्फ बउवा बुधवार की रात घर में अकेले थे। शीला की मां रतनी देवी बड़ी बेटी सुनीता की ससुराल बरौली गई थी। गुरुवार सुबह रतनी गांव पहुंची तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पीछे की दीवार फांदकर लोग अंदर गए तो कमरे में शीला की लाश पड़ी थी। बउवा का पता नहीं चल रहा था। दरवाजा खुलने पर रतनी आई तो बेटी की लाश देख दहाड़े मारकर रोने लगी। सूचना पर पुलिस भी आ गई। घर में ही खोजबीन के दौरान बउवा का शव भूसे में दबा मिला। दोनों भाई बहन को गोली मार कर मौत के घाट उतारा गया था। दोहरे हत्याकांड की खबर से लोग भड़क उठे। बवाल की आशंका पर कई थानों की फोर्स बुलाई गई। बाद में एसपी अभिनंदन और सदर विधायक के आश्वासन पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद भाई-बहन का शव पहुंचा तो गांव में मातम पसर गया। घरों में चूल्हा तक नहीं जला। इसे लेकर अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल तैनात किया गया था। शुक्रवार की सुबह पश्चिमशरीरा, करारी कोतवाली पुलिस के अलावा क्यूआरटी के जवानों को गांव में लगाया गया था। सुबह छह बजे जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि जगजीत पटेल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण व रिश्तेदार शामिल हुए।
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अंतिम संस्कार के दौरान गांव में तैनात रहा भारी पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
पश्चिमशरीरा। कोतवाली क्षेत्र के बक्शी का पूरा गांव में बुधवार रात मौत के घाट उतारे गए भाई-बहन को एक ही कब्र में दफनाया गया। घटना को लेकर ग्रामीणों में गम और गुस्सा दिखा। हालांकि एसपी ने एहतियातन गांव में कई थानों की फोर्स तैनात कर रखी थी।
बक्शी का पूरा गांव निवासी दिवंगत गप्पू सरोज की बेटी शीला व बेटा राजेंद्र उर्फ बउवा बुधवार की रात घर में अकेले थे। शीला की मां रतनी देवी बड़ी बेटी सुनीता की ससुराल बरौली गई थी। गुरुवार सुबह रतनी गांव पहुंची तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। पीछे की दीवार फांदकर लोग अंदर गए तो कमरे में शीला की लाश पड़ी थी। बउवा का पता नहीं चल रहा था। दरवाजा खुलने पर रतनी आई तो बेटी की लाश देख दहाड़े मारकर रोने लगी। सूचना पर पुलिस भी आ गई। घर में ही खोजबीन के दौरान बउवा का शव भूसे में दबा मिला। दोनों भाई बहन को गोली मार कर मौत के घाट उतारा गया था। दोहरे हत्याकांड की खबर से लोग भड़क उठे। बवाल की आशंका पर कई थानों की फोर्स बुलाई गई। बाद में एसपी अभिनंदन और सदर विधायक के आश्वासन पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद भाई-बहन का शव पहुंचा तो गांव में मातम पसर गया। घरों में चूल्हा तक नहीं जला। इसे लेकर अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल तैनात किया गया था। शुक्रवार की सुबह पश्चिमशरीरा, करारी कोतवाली पुलिस के अलावा क्यूआरटी के जवानों को गांव में लगाया गया था। सुबह छह बजे जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि जगजीत पटेल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण व रिश्तेदार शामिल हुए।
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