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Kaushambi News: नगर पालिका भरवारी अव्वल तो चायल नगर पंचायत फिसड्डी
Fri, 18 Jul 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:07 AM IST
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अमृ़त लाल
शासन की ओर से बृहस्पतिवार को जारी नगर निकायों की स्वच्छ सर्वेक्षण की रैकिंग में नगर पालिका भरवारी ने सूबे में 86 वीं रैंक हासिल कर जिले में अव्वल रही। वहीं, चायल नगर पंचायत 753 वीं रैंक के साथ जनपद की सबसे फिसड्डी निकाय साबित हुई।
प्रदेश स्तर पर नगर पालिका भरवारी की रैकिंग 86, अजुहा की 95, चरवा की 110, करारी की 307, मंझनपुर की 341, सिराथू की 363,दारानगर की 535, सरायअकिल की 538, पूरब-पश्चिमशरीरा की 580 व चायल नगर पंचायत 753 वें नंबर पर रही। इस सफलता से पालिका अध्यक्ष कविता पासी व अधिशासी अधिकारी राम सिंह प्रसन्न हैं। बताया कि इस सफलता में कस्बे के लोगों के साथ ही कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पालिका अध्यक्ष के मुताबिक कचरा मुक्त स्टार रेटिंग, ओडीएफ प्लस, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन आदि की बेहतर व्यवस्था से नगर पालिका को यह सम्मान मिला है। नगर पंचायत अजुहा ने स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिग में सुधार लाते हुए इस बार प्रदेश में 95वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष के सापेक्ष इस बार साफ-सफाई में सुधार कार्य करते हुए सफलता पाई है। अधिशाषी अधिकारी रश्मि सिंह ने कहा, इस सफलता में सफाई कर्मियों के साथ ही वार्ड के सभासदों,समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। बताया कि मंडल में भरवारी को प्रथम, अजुहा को द्वितीय, चरवा को तीसरा, मंझनपुर को चौथा, सिराथू को पांचवां और दारानगर कड़ा धाम को छठवां स्थान मिला है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में 297 पायदान खिसकी करारी की रैंक, मिला 307 वां स्थान
करीब चार साल पहले स्वच्छ सर्वेक्षण में करारी नगर पंचायत की राज्य स्तर पर 10 वीं रैकिंग थी। जो, अब गिरकर 307 वें रैंक पर आ गई। इसके पीछे साफ-सफाई और फागिंग के साथ ही दवाओं के छिड़काव में की गई लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है।
12 वार्डों वाले इस नगर पंचायत की आबादी करीब 20 हजार है। हर मोहल्ले में लोग सफाई व्यवस्था को लेकर नाराज है। नेता नगर मोहल्ले के राम चंद्र गौतम बताते हैं कि मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा है। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं देता। छह महीने से मोहल्ले में न फाॅगिंग की गई और न दवा का छिड़काव किया गया। यह हाल पूरे कस्बे का है।
गढ़हीपर के सरदार हुसैन ने बताया कि नगर में कई सामुदायिक शौचालय बने हैं, लेकिन किसी में ताला लटकता रहता है तो कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नतीजा, लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है। नेतानगर की सभासद पिंकी गौतम ने कहा कि पूर्व में तैनात रहे अधिकारी और अध्यक्ष वार्डों में न जाकर सिर्फ ऑफिस में बैठकर काम करते रहे। नतीजा सामने है।
बबलू केसरवानी का कहना है कि पहले जिम्मेदार कस्बे में बराबर भ्रमण कर व्यवस्थाओं को खुद परखते थे। नगरवासियों से मिलकर समस्याएं जानते थे। इसके कारण नगर पंचायत का प्रदर्शन अच्छा रहता था। अब तो जिम्मेदारों के पास इसके लिए वक्त ही नहीं। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पंचायत का ओहदा बढ़ने की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है।
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नगर में साफ-सफाई व्यवस्था सिर्फ कागज तक सीमित रह गई है। लोग शिकायतें करते रहते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। हर तरफ गंदगी फैली रहती है।-- सरदार हुसैन रिजवी
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नगर में सड़कों और नालियों की दशा बेहद खराब है। जब तक इनमें सुधार नहीं होता, तब तक नगर पंचायत किसी भी सर्वेक्षण में शामिल होने की काबिल नहीं होगी।-- अमृत लाल
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कस्बे में सफाई के साथ हर चीज पर ध्यान दिया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट में इतना पीछे कैसे पहुंचे, यह समझ में नहीं आ रहा है। इस बार और अधिक मेहनत की जाएगी।-- समशाद अहमद,चेयरमैन
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प्रदेश स्तर पर नगर पालिका भरवारी की रैकिंग 86, अजुहा की 95, चरवा की 110, करारी की 307, मंझनपुर की 341, सिराथू की 363,दारानगर की 535, सरायअकिल की 538, पूरब-पश्चिमशरीरा की 580 व चायल नगर पंचायत 753 वें नंबर पर रही। इस सफलता से पालिका अध्यक्ष कविता पासी व अधिशासी अधिकारी राम सिंह प्रसन्न हैं। बताया कि इस सफलता में कस्बे के लोगों के साथ ही कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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पालिका अध्यक्ष के मुताबिक कचरा मुक्त स्टार रेटिंग, ओडीएफ प्लस, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन आदि की बेहतर व्यवस्था से नगर पालिका को यह सम्मान मिला है। नगर पंचायत अजुहा ने स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिग में सुधार लाते हुए इस बार प्रदेश में 95वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष के सापेक्ष इस बार साफ-सफाई में सुधार कार्य करते हुए सफलता पाई है। अधिशाषी अधिकारी रश्मि सिंह ने कहा, इस सफलता में सफाई कर्मियों के साथ ही वार्ड के सभासदों,समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। बताया कि मंडल में भरवारी को प्रथम, अजुहा को द्वितीय, चरवा को तीसरा, मंझनपुर को चौथा, सिराथू को पांचवां और दारानगर कड़ा धाम को छठवां स्थान मिला है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में 297 पायदान खिसकी करारी की रैंक, मिला 307 वां स्थान
करीब चार साल पहले स्वच्छ सर्वेक्षण में करारी नगर पंचायत की राज्य स्तर पर 10 वीं रैकिंग थी। जो, अब गिरकर 307 वें रैंक पर आ गई। इसके पीछे साफ-सफाई और फागिंग के साथ ही दवाओं के छिड़काव में की गई लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है।
12 वार्डों वाले इस नगर पंचायत की आबादी करीब 20 हजार है। हर मोहल्ले में लोग सफाई व्यवस्था को लेकर नाराज है। नेता नगर मोहल्ले के राम चंद्र गौतम बताते हैं कि मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा है। शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं देता। छह महीने से मोहल्ले में न फाॅगिंग की गई और न दवा का छिड़काव किया गया। यह हाल पूरे कस्बे का है।
गढ़हीपर के सरदार हुसैन ने बताया कि नगर में कई सामुदायिक शौचालय बने हैं, लेकिन किसी में ताला लटकता रहता है तो कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नतीजा, लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है। नेतानगर की सभासद पिंकी गौतम ने कहा कि पूर्व में तैनात रहे अधिकारी और अध्यक्ष वार्डों में न जाकर सिर्फ ऑफिस में बैठकर काम करते रहे। नतीजा सामने है।
बबलू केसरवानी का कहना है कि पहले जिम्मेदार कस्बे में बराबर भ्रमण कर व्यवस्थाओं को खुद परखते थे। नगरवासियों से मिलकर समस्याएं जानते थे। इसके कारण नगर पंचायत का प्रदर्शन अच्छा रहता था। अब तो जिम्मेदारों के पास इसके लिए वक्त ही नहीं। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पंचायत का ओहदा बढ़ने की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है।
नगर में साफ-सफाई व्यवस्था सिर्फ कागज तक सीमित रह गई है। लोग शिकायतें करते रहते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। हर तरफ गंदगी फैली रहती है।
नगर में सड़कों और नालियों की दशा बेहद खराब है। जब तक इनमें सुधार नहीं होता, तब तक नगर पंचायत किसी भी सर्वेक्षण में शामिल होने की काबिल नहीं होगी।
कस्बे में सफाई के साथ हर चीज पर ध्यान दिया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट में इतना पीछे कैसे पहुंचे, यह समझ में नहीं आ रहा है। इस बार और अधिक मेहनत की जाएगी।

अमृ़त लाल