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लाइसेंस 18 का और बालू का भंडारण सैकड़ों जगह
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balu khanan
- फोटो : KAUSHAMBI
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मंझनपुर। दोआबा में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध भंडारण किया गया है। कारोबारियों ने 18 स्थानों पर डंप का लाइसेंस लेकर सैकड़ों जगह पर बालू का भंडारण कर रखा है। यमुना की तराई के साथ ही जिले का कोई ऐसा बाजार, कस्बा अथवा गांव नहीं है जहां पर बालू का अवैध भंडारण न किया गया हो। खनन बंद होने के बाद कारोबारी अब डंप बालू को महंगी कीमत पर बेचने की तैयारी में हैं।
बालू भंडारण करने के लिए खनन विभाग से लाइसेंस जारी होता है। खनन विभाग भूमि की निर्धारित क्षमता के हिसाब से डंप की अनुमति देता है। खनन बंद होने के बाद डंप बालू बेचने के लिए विभाग की ओर से रवन्ना जारी करने का प्रावधान है। जिले में इसके लिए सिर्फ 18 लोगों ने ही विभिन्न स्थानों पर 2.63 लाख घनमीटर बालू भंडारण करने का लाइसेंस ले रखा है। इसके विपरीत सूत्रों की मानें तो सैकड़ों स्थानों पर बालू का अवैध डंप किया गया है। तराई क्षेत्र में जिधर देखो उधर ही बालू के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। इसके अलावा जिले की कोई ऐसी बाजार, कस्बा अथवा गांव नहीं है जहां बालू का अवैध भंडारण न किया गया हो। सबकुछ जानने के बावजूद प्रशासन बेखबर है। नतीजतन, अवैध रुप से डंप की गई इस बालू को कारोबारी बारिश में ऊंची कीमत पर बेचकर मोटी रकम कमाएंगे।
दफ्तर से ही डंप बालू की कर ली माप, रवन्ना भी हो गया जारी
मंझनपुर। 30 जून की रात 12 बजे से जिले की खदानों में बालू खनन बंद करा दिया गया है। नियमानुसार खनन बंद होने के बाद भंडारण का लाइसेंस लेने वाले कारोबारी डंप की गई बालू का रवन्ना खनन विभाग में जमा करते हैं। इसके बाद खनन विभाग भंडारित बालू की माप कराता है। यदि निर्धारित क्षमता से अधिक बालू डंप की गई है तो जुर्माना वसूल करने के बाद भंडारित बालू की बिक्री के लिए रवन्ना जारी करने का प्राविधान है। जिले के 18 में 16 लाइसेंसियों ने अपने-अपने प्रपत्र जमा कर दिए हैं। तीन जुलाई को खान निरीक्षक ने इनमें से 12 को बिक्री का रवन्ना भी जारी कर दिया है। महज तीन दिन के भीतर इतने बड़े भंडारण की जांच कर रवन्ना जारी करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। सूत्रों की मानें तो दफ्तर में ही बैठकर पत्रावली में बालू की माप कर रवन्ना जारी किया गया है। यदि खनन और राजस्व की संयुक्त टीम से दोबारा जांच कराई जाए तो जुर्माने के रूप में सरकारी खजाने को करोड़ों का फायदा होना तय है।
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दुकानदार अब सौ घन मीटर तक ही रख सकेंगे गिट्टी-बालू
मंझनपुर। प्रदेश सरकार बालू, गिट्टी के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को लेकर गंभीर हो गई है। अब जिले के बिल्डिंग मैटेरियल के दुकानदार सौ घन मीटर से अधिक गिट्टी, बालू नहीं रख सकेंगे। इसके लिए खान विभाग ने निर्देश जारी कर दिया है। मानक से अधिक अगर कोई दुकानदार बालू-गिट्टी रखता है तो उसे अवैध मानते हुए कार्रवाई कर दी जाएगी। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने डीएम व खान अधिकारी को इस बाबत पत्र भेज दिया है।
कटैया बालू घाट के पट्टेधारक पर अवैध खनन का मुकदमा
सरायअकिल। इलाके के कटैया बालू घाट के पट्टेधारक पर बुधवार को खान निरीक्षक ने अवैध खनन का मुकदमा दर्ज करवा दिया है। आरोप है कि पट्टेधारक अपने आवंटित खंड से अलग हटकर बालू खनन करवा रहा था।
कटैया में बलरामपुर जिले के मनीष कुमार ओझा ने बालू खनन का पट्टा ले रखा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने डीएम से कटैया बालू घाट पर अवैध खनन की शिकायत किया था। शिकायत गंभीरता से लेते हुए डीएम ने खान निरीक्षक राजरंजन ने 26 जून को घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पट्टेधारक और उसका प्रतिनिधि बड़े पैमाने पर अपने आवंटित खंड से अलग हटकर अवैध बालू खनन करवा कंर बिक्री करते मिले। खान निरीक्षक ने सरायअकािल कोतवाली पहुंचकर पट्टेधारक मनीष कुमार ओझा व उसके प्रतिनिधि नाम पता अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। बुधवार की शाम पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
घाट में नही रुका बालू का अवैध खनन
चायल। पिपरी कोतवाली के ब्यूर घाट में बेखौफ माफिया बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। जबकि इस घाट का पट्टा ही नही है। इसके बाद भी माफिया यहां नदी के भीतर से अंधाधुंध बालू का खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम से शिकायत के बावजूद बालू माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नतीजतन बेखौफ माफिया रोजाना दर्जन भर से ज्यादा नावों के जरिए लाखों की बालू निकाल रहे हैं। पिछले हफ्ते पिपरी कोतवाल ने घाट में दबिश दी तो माफिया नाव और बालू छोड़ मौके से फरार हो गए थे। मगर, मंगलवार से रात के अंधेरे में घाट पर फिर से खनन शुरू हो गया है।
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बालू भंडारण करने के लिए खनन विभाग से लाइसेंस जारी होता है। खनन विभाग भूमि की निर्धारित क्षमता के हिसाब से डंप की अनुमति देता है। खनन बंद होने के बाद डंप बालू बेचने के लिए विभाग की ओर से रवन्ना जारी करने का प्रावधान है। जिले में इसके लिए सिर्फ 18 लोगों ने ही विभिन्न स्थानों पर 2.63 लाख घनमीटर बालू भंडारण करने का लाइसेंस ले रखा है। इसके विपरीत सूत्रों की मानें तो सैकड़ों स्थानों पर बालू का अवैध डंप किया गया है। तराई क्षेत्र में जिधर देखो उधर ही बालू के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। इसके अलावा जिले की कोई ऐसी बाजार, कस्बा अथवा गांव नहीं है जहां बालू का अवैध भंडारण न किया गया हो। सबकुछ जानने के बावजूद प्रशासन बेखबर है। नतीजतन, अवैध रुप से डंप की गई इस बालू को कारोबारी बारिश में ऊंची कीमत पर बेचकर मोटी रकम कमाएंगे।
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दफ्तर से ही डंप बालू की कर ली माप, रवन्ना भी हो गया जारी
मंझनपुर। 30 जून की रात 12 बजे से जिले की खदानों में बालू खनन बंद करा दिया गया है। नियमानुसार खनन बंद होने के बाद भंडारण का लाइसेंस लेने वाले कारोबारी डंप की गई बालू का रवन्ना खनन विभाग में जमा करते हैं। इसके बाद खनन विभाग भंडारित बालू की माप कराता है। यदि निर्धारित क्षमता से अधिक बालू डंप की गई है तो जुर्माना वसूल करने के बाद भंडारित बालू की बिक्री के लिए रवन्ना जारी करने का प्राविधान है। जिले के 18 में 16 लाइसेंसियों ने अपने-अपने प्रपत्र जमा कर दिए हैं। तीन जुलाई को खान निरीक्षक ने इनमें से 12 को बिक्री का रवन्ना भी जारी कर दिया है। महज तीन दिन के भीतर इतने बड़े भंडारण की जांच कर रवन्ना जारी करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। सूत्रों की मानें तो दफ्तर में ही बैठकर पत्रावली में बालू की माप कर रवन्ना जारी किया गया है। यदि खनन और राजस्व की संयुक्त टीम से दोबारा जांच कराई जाए तो जुर्माने के रूप में सरकारी खजाने को करोड़ों का फायदा होना तय है।
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दुकानदार अब सौ घन मीटर तक ही रख सकेंगे गिट्टी-बालू
मंझनपुर। प्रदेश सरकार बालू, गिट्टी के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को लेकर गंभीर हो गई है। अब जिले के बिल्डिंग मैटेरियल के दुकानदार सौ घन मीटर से अधिक गिट्टी, बालू नहीं रख सकेंगे। इसके लिए खान विभाग ने निर्देश जारी कर दिया है। मानक से अधिक अगर कोई दुकानदार बालू-गिट्टी रखता है तो उसे अवैध मानते हुए कार्रवाई कर दी जाएगी। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने डीएम व खान अधिकारी को इस बाबत पत्र भेज दिया है।
कटैया बालू घाट के पट्टेधारक पर अवैध खनन का मुकदमा
सरायअकिल। इलाके के कटैया बालू घाट के पट्टेधारक पर बुधवार को खान निरीक्षक ने अवैध खनन का मुकदमा दर्ज करवा दिया है। आरोप है कि पट्टेधारक अपने आवंटित खंड से अलग हटकर बालू खनन करवा रहा था।
कटैया में बलरामपुर जिले के मनीष कुमार ओझा ने बालू खनन का पट्टा ले रखा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने डीएम से कटैया बालू घाट पर अवैध खनन की शिकायत किया था। शिकायत गंभीरता से लेते हुए डीएम ने खान निरीक्षक राजरंजन ने 26 जून को घाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पट्टेधारक और उसका प्रतिनिधि बड़े पैमाने पर अपने आवंटित खंड से अलग हटकर अवैध बालू खनन करवा कंर बिक्री करते मिले। खान निरीक्षक ने सरायअकािल कोतवाली पहुंचकर पट्टेधारक मनीष कुमार ओझा व उसके प्रतिनिधि नाम पता अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। बुधवार की शाम पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
घाट में नही रुका बालू का अवैध खनन
चायल। पिपरी कोतवाली के ब्यूर घाट में बेखौफ माफिया बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। जबकि इस घाट का पट्टा ही नही है। इसके बाद भी माफिया यहां नदी के भीतर से अंधाधुंध बालू का खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम से शिकायत के बावजूद बालू माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नतीजतन बेखौफ माफिया रोजाना दर्जन भर से ज्यादा नावों के जरिए लाखों की बालू निकाल रहे हैं। पिछले हफ्ते पिपरी कोतवाल ने घाट में दबिश दी तो माफिया नाव और बालू छोड़ मौके से फरार हो गए थे। मगर, मंगलवार से रात के अंधेरे में घाट पर फिर से खनन शुरू हो गया है।