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Kaushambi News: गैर इरादतन हत्या में आरोपी की जमानत नामंजूर
Sat, 15 Feb 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 15 Feb 2025 01:06 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के एक आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। मामला संदीपन घाट क्षेत्र के नरवर पट्टी गांव का है।
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार क्षेत्र के ही गंसरी निवासी वैश अहमद ने बताया कि नरवर पट्टी के गंगा कछार में उसका खेत है, जिस पर वह खेती करता है। गेहूं के फसल की बोआई के लिए 26 नवंबर 2024 को वैश खेत की तरफ गया था। तभी छोटई अपने कई साथियों के साथ असलहों से लैश होकर आया और गाली-गलौज करते हुए खेत को अपनी भूमि होना बताया। साथ ही गेहूं उठाकर चल दिए।
आरोप है कि विरोध करने पर हमलावरों ने वैश की पिटाई की। जानकारी होने पर बीच-बचाव करने पहुंचे वैश के परिवार के चचेरे भाई गुलफाम, फैज व इरफान को भी हमलावरों ने पीटा था। ग्रामीणों के हस्तक्षेप पर उनकी जान बची। वैश ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान गुलफाम ने आठ दिसंबर को अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं, आरोपी छोटई की ओर से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी छूटा तो साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ व पीड़ित पक्ष के साथ दोबारा अनहोनी घटना हो सकती है। लिहाजा, अदालत ने आधार पर्याप्त नहीं मिलने पर आरोपी छोटई की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
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शासकीय अधिवक्ता के अनुसार क्षेत्र के ही गंसरी निवासी वैश अहमद ने बताया कि नरवर पट्टी के गंगा कछार में उसका खेत है, जिस पर वह खेती करता है। गेहूं के फसल की बोआई के लिए 26 नवंबर 2024 को वैश खेत की तरफ गया था। तभी छोटई अपने कई साथियों के साथ असलहों से लैश होकर आया और गाली-गलौज करते हुए खेत को अपनी भूमि होना बताया। साथ ही गेहूं उठाकर चल दिए।
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आरोप है कि विरोध करने पर हमलावरों ने वैश की पिटाई की। जानकारी होने पर बीच-बचाव करने पहुंचे वैश के परिवार के चचेरे भाई गुलफाम, फैज व इरफान को भी हमलावरों ने पीटा था। ग्रामीणों के हस्तक्षेप पर उनकी जान बची। वैश ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान गुलफाम ने आठ दिसंबर को अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं, आरोपी छोटई की ओर से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी छूटा तो साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ व पीड़ित पक्ष के साथ दोबारा अनहोनी घटना हो सकती है। लिहाजा, अदालत ने आधार पर्याप्त नहीं मिलने पर आरोपी छोटई की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।