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सावन में गूंजा बोल बम का जयघोष
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:31 AM IST
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सावन महीने में बाबा बैजनाथ को गंगाजल का अभिषेक करने के लिए कौशाम्बी से हजारों कांवड़ियों का जत्था गुरुवार को बाबाधाम के लिए रवाना हुआ। बैंडबाजे के साथ बाबा की भक्ति में मस्त नाचते-झूमते निकले कांवड़ियों के बोल-बम के जयघोष से जिला गुंजायमान रहा।
सावन का महीना भगवान शिव की पूजा का माना जाता है। सावन के सोमवार को भोलेनाथ के गंगाजल से जलाभिषेक का विशेष महत्व है। शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए निकलते हैं। कौशाम्बी से भी प्रतिवर्ष सावन के महीने में बाबा बैजनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए हजारों कांवड़िए जाते हैं। इस साल भी बाबाधाम में जलाभिषेक के लिए गुरुवार को कांवड़ियों का जत्था मंझनपुर से रवाना हुआ। मंझनपुर, करारी, ओसा, टेंवा, भद्दुरपुर, महुआखेड़ा, नारा, चक, जुबरा आदि आसपास के गांवों से जुटे हजारों कांवड़िए बोल-बम का जयघोष करते हुए बैंडबाजे के साथ नाचते-गाते निकले। इन कांवड़ियों का रास्ते में लोगों ने स्वागत किया और उन्हें जलपान कराकर पुण्य कमाया।
स्वास्थ्य विभाग कावड़ियों से रहा दूर
कौशाम्बी से जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में कांवड़िया बाबा धाम के लिए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाकर कावड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उनको रास्ते में होने वाली सामान्य बीमारियों की दवाईयां निशुल्क में मुहैया करानी चाहिए लेकिन कौशाम्बी के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते यात्रा के दौरान कांवड़िया अक्सर बीमार पड़ जाते है और वापस आते-आते गंभीर बीमारियोें से ग्र्रसित हो जाते हैं। बहुत से कांवड़िया तो बीमारी के चलते आधे रास्ते से ही वापस लौट आते है।
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सावन का महीना भगवान शिव की पूजा का माना जाता है। सावन के सोमवार को भोलेनाथ के गंगाजल से जलाभिषेक का विशेष महत्व है। शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर जलाभिषेक के लिए निकलते हैं। कौशाम्बी से भी प्रतिवर्ष सावन के महीने में बाबा बैजनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए हजारों कांवड़िए जाते हैं। इस साल भी बाबाधाम में जलाभिषेक के लिए गुरुवार को कांवड़ियों का जत्था मंझनपुर से रवाना हुआ। मंझनपुर, करारी, ओसा, टेंवा, भद्दुरपुर, महुआखेड़ा, नारा, चक, जुबरा आदि आसपास के गांवों से जुटे हजारों कांवड़िए बोल-बम का जयघोष करते हुए बैंडबाजे के साथ नाचते-गाते निकले। इन कांवड़ियों का रास्ते में लोगों ने स्वागत किया और उन्हें जलपान कराकर पुण्य कमाया।
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स्वास्थ्य विभाग कावड़ियों से रहा दूर
कौशाम्बी से जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में कांवड़िया बाबा धाम के लिए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाकर कावड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उनको रास्ते में होने वाली सामान्य बीमारियों की दवाईयां निशुल्क में मुहैया करानी चाहिए लेकिन कौशाम्बी के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते यात्रा के दौरान कांवड़िया अक्सर बीमार पड़ जाते है और वापस आते-आते गंभीर बीमारियोें से ग्र्रसित हो जाते हैं। बहुत से कांवड़िया तो बीमारी के चलते आधे रास्ते से ही वापस लौट आते है।
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