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Kaushambi News: सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में संघर्ष कर रहे एथलेटिक्स खिलाड़ी
Thu, 07 May 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 07 May 2026 01:06 AM IST
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जिला स्टेडियम में एथलेटिक्स खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं न मिलने से प्रतिभाओं को संघर्ष करना पड़ रहा है। खेलो इंडिया के तहत कौशाम्बी को एथलेटिक्स के प्रतिनिधित्व के लिए चुना गया है, लेकिन अब तक स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक न बनने से खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों में अभ्यास करने को मजबूर हैं।
जिला स्टेडियम के एथलेटिक्स कोच संदीप कुमार बताते हैं कि जिले में एथलेटिक्स के पांच अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, इसके बावजूद यहां मूलभूत खेल सुविधाओं का अभाव है। गांवों से निकलकर खिलाड़ी बड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ स्टेडियम तक पहुंचते हैं, लेकिन अभ्यास के लिए जरूरी सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने से उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कोच संदीप कुमार के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक होने से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास का अवसर मिलता है और प्रदर्शन भी बेहतर होता है। खासतौर पर बारिश के मौसम में लगभग तीन महीने तक मैदान की स्थिति खराब हो जाती है, जिससे प्रैक्टिस पूरी तरह बंद करनी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि सुनीता सरोज, कोमल, बबलू और कौशल्या जैसे खिलाड़ी जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा चुके हैं। हाल ही में सुनीता सरोज का शानदार प्रदर्शन उन्हें यूपी रेलवे तक ले गया, जहां उनका चयन हुआ है।
उनका कहना है कि यदि जिला खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बन जाए, तो जिले से कई नए एथलेटिक्स खिलाड़ी निकलेंगे और देशभर में जिले का नाम रोशन करेंगे।
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जिला स्टेडियम के एथलेटिक्स कोच संदीप कुमार बताते हैं कि जिले में एथलेटिक्स के पांच अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, इसके बावजूद यहां मूलभूत खेल सुविधाओं का अभाव है। गांवों से निकलकर खिलाड़ी बड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ स्टेडियम तक पहुंचते हैं, लेकिन अभ्यास के लिए जरूरी सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने से उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कोच संदीप कुमार के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक होने से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास का अवसर मिलता है और प्रदर्शन भी बेहतर होता है। खासतौर पर बारिश के मौसम में लगभग तीन महीने तक मैदान की स्थिति खराब हो जाती है, जिससे प्रैक्टिस पूरी तरह बंद करनी पड़ती है।
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उन्होंने बताया कि सुनीता सरोज, कोमल, बबलू और कौशल्या जैसे खिलाड़ी जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा चुके हैं। हाल ही में सुनीता सरोज का शानदार प्रदर्शन उन्हें यूपी रेलवे तक ले गया, जहां उनका चयन हुआ है।
उनका कहना है कि यदि जिला खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बन जाए, तो जिले से कई नए एथलेटिक्स खिलाड़ी निकलेंगे और देशभर में जिले का नाम रोशन करेंगे।