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Angry laborer hanged due to police's negligence

Fri, 15 Oct 2021 12:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:39 AM IST
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Angry laborer hanged due to police's negligence
Angry laborer hanged due to police's negligence - फोटो : KAUSHAMBI
पुलिस की लापरवाही से क्षुब्ध एक मजदूर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 22 जुलाई को रक्षाबंधन के दिन दो पक्षों के बीच हो रहे विवाद को सुलझाने पहुंचे मजदूर के खिलाफ पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के एनसीआर दर्ज कर ली। इसके अलावा शांतिभंग की धारा में उसका चालान भी किया। घरवालों के मुताबिक तभी वह इंसाफ के लिए थाने से लेकर अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन कहीं पर भी उसकी सुनवाई नहीं हुई।
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पइंसा कोतवाली के अफजलपुरवारी गांव निवासी दशरथ पासी मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। दशरथ की बेटी रजनी के मुताबिक बुधवार रात उसके पिता खाने के बाद बिना किसी से कुछ बताए घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे।
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घरवालों ने खोजबीन भी की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। सुबह गांव के बाहर बाग में दशरथ का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों ने शव देखा तो परिजनों के साथ पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंचे परिवार वालों का कहना है कि घर में ऐसे कुछ कलह नहीं थी कि दशरथ फांसी लगाकर खुदकुशी कर ले।
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दशरथ की बेटी रजनी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन गांव के रज्जन ने उसके पिता को मारा था। जिसमें उनके गले के पास की हड्डी में चोट आई थी। इसकी शिकायत उन्होंने थाने में की। पुलिस ने रज्जन के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसके पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
इसके बाद उसने अफसरों के यहां शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पइंसा के इंस्पेक्टर रमेश चंद्र का कहना है कि रक्षाबंधन के दिन राजमति व मनोज के बीच विवाद हुआ था। जिसमें राजमति ने दशरथ के बीचबचाव के लिए गया था। बाद में उसी ने दशरथ के खिलाफ एनसीआर दर्ज करा दी थी।
पुलिस सुनती तो बच सकती थी जान
दशरथ के आत्मघाती कदम उठाने के बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। दशरथ की पत्नी चिंतामणि चीख-चीखकर कह रही थी कि बेगुनाह होने के बाद भी पुलिस ने उसके पति को जेल भेजा। तभी से वह काफी तनाव में रहते थे। उन्होंने कई अफसरों को शिकायती पत्र देकर इंसाफ मांगा लेकिन, हर जगह सिर्फ आश्वासन देकर टहला दिया जाता था।

इस तरह के किसी शिकायती पत्र की जानकारी नहीं है। फिलहाल ऐसा अगर हुआ है तो प्रकरण गंभीर है। आईजीआरएस से लेकर अफसरों को दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों की डिटेल खंगाली जाएगी। अगर किसी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राधेश्याम, एसपी
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