{"_id":"670c674b5d22ae2dd20e28f4","slug":"albela-kuppi-war-was-full-of-thrill-kaushambi-news-c-261-1-kmb1004-117467-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: रोमांच से सराबोर रहा अलबेला कुप्पी युद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: रोमांच से सराबोर रहा अलबेला कुप्पी युद्ध
Mon, 14 Oct 2024 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 14 Oct 2024 06:05 AM IST
विज्ञापन
दारानगर में कुप्पी युद्ध करते राम और रावण की सेना। संवाद
दारानगर के 245 वें दशहरा महोत्सव में विजयादशमी एवं एकादशी को ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध हुआ। रोमांचकारी अलबेला कुप्पी युद्ध को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में दो दिन कुप्पी युद्ध हुआ। राम और रावण की सेना ने आमने-सामने प्लास्टिक के बने कुप्पी से युद्ध किया। लाल रंग के कपड़े में राम और काले वस्त्र धारक किए रावण के 25-25 सेनानी आमने-सामने भिड़े।
पहले दिन विजयादशमी को चार युद्ध हुए। प्रत्येक युद्ध पांच मिनट का हुआ। पहले दिन के युद्ध में रावण की सेना भारी पड़ी। वहींं दूसरे दिन तीन कुप्पी युद्ध हुए। इसमें लक्ष्मणजी ने मेघनाथ व श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। इसी के साथ जयश्रीराम के जयकारे से समूचा युद्ध मैदान गूंज उठा।
विज्ञापन
कमेटी के संरक्षक मूल प्रकाश त्रिपाठी और महामंत्री योगेंद्र मिश्र कुप्पी युद्ध का संचालन किया। रोमांचकारी अलबेला कुप्पी युद्ध देखने के लिए स्थानीय के अलावा पड़ोसी जनपद प्रयागराज, फतेहपुर, बांदा, प्रतापगढ़ आदि जगहों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी।
दूसरी तरफ इस मौके पर पर लगे मीना बाजार में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूला झूलकर तरह-तरह की वस्तुएं खाने के लिए खरीदीं।
एडिशनल एसपी राजेश सिंह, एसडीएम सिराथू अजेंद्र कुमार, सीओ अवधेश विश्वकर्मा, कड़ाधाम थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, ईओ वैभव चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बेटे योगेश मौर्य, अरुण केसरवानी, तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बसंत सिंह, बालेंद्रधर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -- --
यहां विजयदशमी को होता है रावण वध
कमेटी के अध्यक्ष जय मणि तिवारी ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि जब रावण को नाभि में तीर लगी थी, उस वक्त दशमी थी, लेकिन जब प्राण पखेरू उड़े थे, उस समय एकादशी लग गई थी। इसी वजह से यहां रावण का वध एकादशी को होता है।
-- -- -- -- --
नूरपुर हाजीपुर मेला में प्रभु श्रीराम ने रावण का किया वध
फोटो-
चायल। तहसील के नूरपुर हाजीपुर गांव स्थित मेला मैदान में शनिवार शाम प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया। इसी के साथ श्रीराम के जयघोष से मेला मैदान गूंज उठा।
नूरपुर हाजीपुर रामलीला में लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच घनघोर युद्ध हुआ। इस बीच मेघनाथ के शक्ति बाण लक्ष्मण मुर्क्षित हो जाते हैं, यह देख श्रीराम विलाप करने लगते हैं। सुषेण वैद्य के कहने पर हनुमान हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को नया जीवन देते हैं। रावण अपने भाई कुंभकरण को युद्ध में भेजता है। भीषण युद्ध में कुंभकरण का श्रीराम वध कर देते हैं। कुंभकरण वध के बाद मेघनाथ लक्ष्मण से युद्ध करने आता है। लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं। इसके बाद रावण स्वयं युद्ध करने आता है। भीषण युद्ध में प्रभु श्रीराम रावण के नाभि में बाण मार कर उसका वध कर देते हैं। रावण का वध होते ही पूरा मेला मैदान जय श्री राम के उद्घोष से गूंजने लगता है। इस मौके पर मेला अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अनिरुद्ध उपाध्याय, आत्माराम गुप्ता, निरंजन चौधरी, श्याम बाबू दिवाकर समेत इलाके के लोग मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- --
उदहिन मेला व रामलीला मंचन की तैयारियों पर मंथन
मंझनपुर। उदहिन बुजुर्ग बाजार में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रात्रिकालीन दशहरा मेला व साप्ताहिक रामलीला मंचन को लेकर रविवार को काली माता मंदिर में बैठक हुई। कमेटी अध्यक्ष अजय सोनी ने कहा कि इस बार मेले में डीजे, लाइट और साउंड की बेहबर व्यवस्था होगी। इनके बीच आपसी प्रतियोगिता भी होगी। रामलीला मंचन में भी दूसरे जिलों और प्रांत के नामी कलाकर बुलाएं गए हैं। 24 अक्टूबर से रामलीला का आयोजन होगा। जबकि दो दिवसीय रात्रिकालीन दशहरा मेला में धनतेरस पर्व पर रावण वध और छोटी दीपावली को राम भरत मिलाप का मंचन होगा। इस मौके पर शोभा यात्रा भी निकाली जागी। बैठक में सालिकराम तिवारी, मुन्ना लाल तिवारी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पवन प्रधान, घनश्याम केसरवानी, भानू प्रताप सिंह, बिनोद सोनी, बद्री प्रसाद प्रजापति, विकास मिश्रा, जावेद अहमद, मो. हसनैन, जुम्मन अली आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में दो दिन कुप्पी युद्ध हुआ। राम और रावण की सेना ने आमने-सामने प्लास्टिक के बने कुप्पी से युद्ध किया। लाल रंग के कपड़े में राम और काले वस्त्र धारक किए रावण के 25-25 सेनानी आमने-सामने भिड़े।
विज्ञापन
पहले दिन विजयादशमी को चार युद्ध हुए। प्रत्येक युद्ध पांच मिनट का हुआ। पहले दिन के युद्ध में रावण की सेना भारी पड़ी। वहींं दूसरे दिन तीन कुप्पी युद्ध हुए। इसमें लक्ष्मणजी ने मेघनाथ व श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। इसी के साथ जयश्रीराम के जयकारे से समूचा युद्ध मैदान गूंज उठा।
विज्ञापन
कमेटी के संरक्षक मूल प्रकाश त्रिपाठी और महामंत्री योगेंद्र मिश्र कुप्पी युद्ध का संचालन किया। रोमांचकारी अलबेला कुप्पी युद्ध देखने के लिए स्थानीय के अलावा पड़ोसी जनपद प्रयागराज, फतेहपुर, बांदा, प्रतापगढ़ आदि जगहों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी।
दूसरी तरफ इस मौके पर पर लगे मीना बाजार में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूला झूलकर तरह-तरह की वस्तुएं खाने के लिए खरीदीं।
एडिशनल एसपी राजेश सिंह, एसडीएम सिराथू अजेंद्र कुमार, सीओ अवधेश विश्वकर्मा, कड़ाधाम थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, ईओ वैभव चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बेटे योगेश मौर्य, अरुण केसरवानी, तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बसंत सिंह, बालेंद्रधर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
यहां विजयदशमी को होता है रावण वध
कमेटी के अध्यक्ष जय मणि तिवारी ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि जब रावण को नाभि में तीर लगी थी, उस वक्त दशमी थी, लेकिन जब प्राण पखेरू उड़े थे, उस समय एकादशी लग गई थी। इसी वजह से यहां रावण का वध एकादशी को होता है।
नूरपुर हाजीपुर मेला में प्रभु श्रीराम ने रावण का किया वध
फोटो-
चायल। तहसील के नूरपुर हाजीपुर गांव स्थित मेला मैदान में शनिवार शाम प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया। इसी के साथ श्रीराम के जयघोष से मेला मैदान गूंज उठा।
नूरपुर हाजीपुर रामलीला में लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच घनघोर युद्ध हुआ। इस बीच मेघनाथ के शक्ति बाण लक्ष्मण मुर्क्षित हो जाते हैं, यह देख श्रीराम विलाप करने लगते हैं। सुषेण वैद्य के कहने पर हनुमान हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को नया जीवन देते हैं। रावण अपने भाई कुंभकरण को युद्ध में भेजता है। भीषण युद्ध में कुंभकरण का श्रीराम वध कर देते हैं। कुंभकरण वध के बाद मेघनाथ लक्ष्मण से युद्ध करने आता है। लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं। इसके बाद रावण स्वयं युद्ध करने आता है। भीषण युद्ध में प्रभु श्रीराम रावण के नाभि में बाण मार कर उसका वध कर देते हैं। रावण का वध होते ही पूरा मेला मैदान जय श्री राम के उद्घोष से गूंजने लगता है। इस मौके पर मेला अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अनिरुद्ध उपाध्याय, आत्माराम गुप्ता, निरंजन चौधरी, श्याम बाबू दिवाकर समेत इलाके के लोग मौजूद रहे।
उदहिन मेला व रामलीला मंचन की तैयारियों पर मंथन
मंझनपुर। उदहिन बुजुर्ग बाजार में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रात्रिकालीन दशहरा मेला व साप्ताहिक रामलीला मंचन को लेकर रविवार को काली माता मंदिर में बैठक हुई। कमेटी अध्यक्ष अजय सोनी ने कहा कि इस बार मेले में डीजे, लाइट और साउंड की बेहबर व्यवस्था होगी। इनके बीच आपसी प्रतियोगिता भी होगी। रामलीला मंचन में भी दूसरे जिलों और प्रांत के नामी कलाकर बुलाएं गए हैं। 24 अक्टूबर से रामलीला का आयोजन होगा। जबकि दो दिवसीय रात्रिकालीन दशहरा मेला में धनतेरस पर्व पर रावण वध और छोटी दीपावली को राम भरत मिलाप का मंचन होगा। इस मौके पर शोभा यात्रा भी निकाली जागी। बैठक में सालिकराम तिवारी, मुन्ना लाल तिवारी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पवन प्रधान, घनश्याम केसरवानी, भानू प्रताप सिंह, बिनोद सोनी, बद्री प्रसाद प्रजापति, विकास मिश्रा, जावेद अहमद, मो. हसनैन, जुम्मन अली आदि मौजूद रहे। संवाद