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Kaushambi News: चौड़ीकरण के बाद पटरी से नहीं हटे विद्युत खंभे, हो रहे हादसे

Thu, 16 Apr 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Thu, 16 Apr 2026 12:48 AM IST
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After widening, electric poles were not removed from the tracks, causing accidents.
पांच वर्ष पहले धाता मार्ग का चौड़ीकरण होने के बाद पटरी पर लगे विद्युत खंभे नहीं हटाए गए। ऐसे में आए दिन राहगीर खंभे से टकरा कर हादसे का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में उदिहीन गांव के पास सड़क में टर्निंग होने साथ दोनों ओर पटरी में खंभे स्थापित होने से दुर्घटना का केंद्र बना हुआ है। एक साल में आधा दर्जन लोग दुर्घटना के शिकार होकर जख्मी हो चुके हैं।
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सिराथू से धाता फतेहपुर की 15 किलोमीटर सड़क का पांच वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी विभाग ने नवीनीकरण का कार्य करने के साथ चौड़ाई साढ़े पांच मीटर से बढ़ाकर सात मीटर किया गया था। ऐसे में सड़क के किनारे स्थित विद्युत लाइन में लगे विद्युत खंभों को नहीं हटाया गया। जिससे अक्सर राहगीर हादसे का शिकार हो रहे हैं।
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क्षेत्र के प्रेम कुमार, बसंत लाल गुप्ता, भोला प्रसाद मौर्य आदि लोगों ने बताया कि सड़क पर कई जगह मोड़ होने के साथ पटरी पर लगे खंभे हादसे की वजह बन रहे हैं। ऐसे में विभाग की तरफ से खंभे हटाने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए।
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केस- 1.
सात अप्रैल 2025 को पंइसा थाना के कलवापुर गांव निवासी बाइक सवार सोहनलाल खंभे से टकराकर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।
केस- 2.
20 नवंबर को मोगरी कड़ा गांव के राहुल ट्रैक्टर लेकर वापस लौट रहे थे, उदिहिन गांव के आरा मशीन के समीप खंभे से टकराकर घायल हो गए।
केस- 3.
15 दिन पहले मोगरी कड़ा गांव के धीरेंद्र बाइक से परिवार के साथ सिराथू जाते समय मोड़ के पास पटरी पर लगे खंभे से टकराकर दुर्घटना का शिकार हो गए।
पांच साल पहले नवीनीकरण के साथ चौड़ीकरण का कार्य कराया गया था। पिछले साल भी सड़क की मरम्मत कराई गई है। ऐसे में विद्युत विभाग को खंभे हटाने के लिए पत्र भेजा गया था, जिसका एस्टीमेट भी कार्यदाई संस्था द्वारा बनाया गया है। मामला संज्ञान में लाने के लिए दोबारा पत्र भेजा जाएगा। - अनिल कुमार सिंह, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी।

पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा एस्टीमेट बनाने के साथ दूसरे स्थान पर खंभे स्थापित करने के लिए बजट भी दिया जाता है ऐसे में अब तक रकम नहीं मिली है जिससे खंभे नहीं हटाए गए हैं। - रमाशंकर पाल, सहायक अभियंता, विद्युत उपखंड सिराथू
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