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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   After Rama's exile, the people of Ayodhya followed celibacy, Kumar Vishwas narrated the Rama story

Kaushambi : राम के वनवास के बाद अयोध्या के लोगों ने किया बह्मचर्य का पालन, कुमार विश्वास ने सुनाई रामकथा

Sat, 08 Apr 2023 12:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 08 Apr 2023 12:36 AM IST
सार

राम कथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने शुक्रवार को कौशाम्बी महोत्सव के पहले दिन भगवान राम के वनवास व उनके अयोध्या वापसी का वर्णन किया। भावपूर्ण कथा सुन श्रोताओं की आंखें भर आई।

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After Rama's exile, the people of Ayodhya followed celibacy, Kumar Vishwas narrated the Rama story
Kaushambi : कौशांबी महोत्सव में प्रवचन करते कवि कुमार विश्वास। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राम कथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने शुक्रवार को कौशाम्बी महोत्सव के पहले दिन भगवान राम के वनवास व उनके अयोध्या वापसी का वर्णन किया। भावपूर्ण कथा सुन श्रोताओं की आंखें भर आई। लोग भगवान राम के उस अतीत को सोचने के लिए मजबूर हुए जिसमें उन्होंने, बेटे, माता व पत्नी के धर्म का एक साथ पालन किया।

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डॉ. कुमार विश्वास ने कथा का शुभारंभ मां गंगा व शीतला माता को प्रणाम कर अपनी बातों को श्रोताओं के सामने रखा। एक प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान राम 14 वर्ष का वनवास कर वापस अयोध्या आए तो उन्होंने भरत से पूछा यहां मुझे बुजुर्ग दिखाई पड़ रहे हैं, माताएं दिखाई पड़ रही है। मेरे साथ साथी दिखाई पड़ रहे हैं, जो किशोर हो चुके हैं,लेकिन सवाल यह है कि यहां गलियों में कोई भी बच्चा खेलता क्यों नहीं दिखाई पड़ रहा।

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इस पर भरत के आंखों में आंसू भर आए। बोले, भइया जब से आपको वनवास हुआ है तभी से यहां के लोगों ने प्रतिज्ञा ली थी कि वह बह्मचर्य का पालन करेंगे। पिछले 14 साल में अयोध्या में एक भी संतान नहीं हुई। यह सुनने ही भगवान राम के आंखों में आंसू भर आए।

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After Rama's exile, the people of Ayodhya followed celibacy, Kumar Vishwas narrated the Rama story
Kaushambi : कौशांबी महोत्सव में कुमार विश्वास की कथा सुनते भक्त। - फोटो : अमर उजाला।

बोले, जब राजा दशरथ ने भगवान राम को महल में बुलाकर कहा कि बेटा आपको 14 वर्ष के लिए वनवास जाना है तो भगवान राम ने सहर्ष स्वीकार कर लिया और कहा कि पिताजी आपने तो मुझे जंगल का राजा बना दिया माता कौशल्या को जब यह पता चला कि महल के दीपक बुझने लगे चारों तरफ शोक की लहर दौड़ गई।

बताया गया कि 14 वर्ष का वनवास राम को मिला है तथा भरत को राज्याभिषेक होगा। राम महल में है तो राम जंगल में भी है राम गृहस्थ हैं तो राम संत भी हैं कण-कण में राम बसे हुए हैं।भगवान की इस कथा को सुन श्रोताओं की आंखों में आंसू तो आए जरूर, लेकिन कथा प्रसंग के बाद उन्हें तमाम तरह की सीख भी मिली।

कथा के दौरान कौशाम्बी महोत्सव का पंडाल श्रद्धालु श्रोताओं से खचाखच भरा रहा। करीब तीन घंटे विलंब से शुरू हुई कथा का श्रवण करने के लिए लोग दूर-दूर से आए थे। इस मौके पर सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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