{"_id":"6696fcf2ed95fd00200b7494","slug":"after-30-years-the-accused-confessed-to-the-crime-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-114013-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: 30 वर्ष बाद आरोपियों ने जुर्म किया कुबूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: 30 वर्ष बाद आरोपियों ने जुर्म किया कुबूल
Wed, 17 Jul 2024 04:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 17 Jul 2024 04:36 AM IST
विज्ञापन
बरामदगी के करीब 30 वर्ष बाद आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। एक मुकदमे में 22 वर्ष तथा एक अन्य में मामले में करीब 20 वर्ष बाद आरोपियों ने जुर्म कुबूल किया। अलग-अलग अदालतों ने मंगलवार को अवैध तमंचा रखने के तीन आरोपियों के जुर्म कुबूल करने पर अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पिपरी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2002 में खेडुवा निवासी कल्लू के पास से एक अवैध तमंचा बरामद किया था। मुकदमे के 22 वर्ष बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ गवाही कराने में असफल रही है। इससे आजिज आकर आरोपी ने जेएम मनीषा चौधरी की कोर्ट में अपना जुर्म कुबूल कर सजा सुनाने की अपील की। इस पर कोर्ट ने आरोपी को दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
करारी कोतवाली के नेवारी निवासी रामेश्वर के पास से थाना पुलिस ने वर्ष 2004 में एक अदद नाजायज तमंचा बरामद किया था। मामले में जुर्म कुबूल करने पर सीजेजेडी एफटीसी प्रथम फरहा नाज परवीन ने पांच सौ रुपये के अर्थदंड अथवा दस दिन के कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
इसी तरह से मंझनपुर कोतवाली के सेलरहा पश्चिम निवासी जगतपाल उर्फ चिटारी पासी के खिलाफ वर्ष 1994 में तमंचा बरामद होने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन दशक बीतने के बाद भी मुकदमें में पुलिस गवाह नहीं पेश कर सकी। इससे परेशान होकर आरोपी ने मंगलवार को सीजेएम दीपक कुमार जायसवाल की अदालत में अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
कोर्ट ने आरोपी को एक हजार रुपये के अर्थदंड अथवा दस दिन के कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है। मंगलवार की शाम तीनों आरोपियों ने आदेशित धनराशि कोर्ट में जमा करा दिया है।
विज्ञापन
पिपरी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2002 में खेडुवा निवासी कल्लू के पास से एक अवैध तमंचा बरामद किया था। मुकदमे के 22 वर्ष बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ गवाही कराने में असफल रही है। इससे आजिज आकर आरोपी ने जेएम मनीषा चौधरी की कोर्ट में अपना जुर्म कुबूल कर सजा सुनाने की अपील की। इस पर कोर्ट ने आरोपी को दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
करारी कोतवाली के नेवारी निवासी रामेश्वर के पास से थाना पुलिस ने वर्ष 2004 में एक अदद नाजायज तमंचा बरामद किया था। मामले में जुर्म कुबूल करने पर सीजेजेडी एफटीसी प्रथम फरहा नाज परवीन ने पांच सौ रुपये के अर्थदंड अथवा दस दिन के कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
इसी तरह से मंझनपुर कोतवाली के सेलरहा पश्चिम निवासी जगतपाल उर्फ चिटारी पासी के खिलाफ वर्ष 1994 में तमंचा बरामद होने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन दशक बीतने के बाद भी मुकदमें में पुलिस गवाह नहीं पेश कर सकी। इससे परेशान होकर आरोपी ने मंगलवार को सीजेएम दीपक कुमार जायसवाल की अदालत में अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
कोर्ट ने आरोपी को एक हजार रुपये के अर्थदंड अथवा दस दिन के कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है। मंगलवार की शाम तीनों आरोपियों ने आदेशित धनराशि कोर्ट में जमा करा दिया है।