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एडीओ करते हैं ईसाई मिशनरीज के लिए काम
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:41 AM IST
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कड़ा ब्लाक में तैनात एडीओ समाज कल्याण शिव व्रत लाल ईसाई मिशनरीज के लिए काम करते हैं। इन पर क्षेत्र में सत्संग की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करने का आरोप है। पुलिस इनके खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कर रही है। कई दिन जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आ गए हैं।
फतेहपुर जनपद के रहने वाले एडीओ शिव व्रत लाल कड़ा ब्लॉक परिसर में रहते हैं। इन पर आरोप है कि राजकीय कार्य में रुचि लेने से ज्यादा ये ईसाई मिशनरीज के लिए काम करते हैं। गत 6 जून को सातों गांव में सत्संग के दौरान धर्म परिवर्तन कराए जाने को लेकर हुए बवाल में पहली बार इनका नाम पुलिस के संज्ञान में आया। इसी तरह थुलगुला में भी सत्संग की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने के लिए लोगों को उकसाने में इनका नाम प्रमुखता से सामने आया।
सैनी पुलिस ने 6 जून को शांति भंग करने के अंदेशे में पांच लोगाेें का चालान किया था। इसमें एडीओ समाज कल्याण शिव व्रत लाल के साथ अवधेश कुमार निवासी मो. पुरजीता, तीरथ सिंह निवासी थुलगुला, जसवंत सिंह निवासी मोचारा, कालीदीन निवासी कोरियों के नाम शामिल है। एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी ने एडीओ समेत पांच लोगों की जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया था। 11 जून को सैनी पुलिस ने बवाल को नियंत्रित करने के लिए शिव मंगल मौर्या की तहरीर पर 16 लोगों के खिलाफ ईसाई मिशनरीज के लिए काम करने वालों पर धर्म परिवर्तन कराने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पहले से जेल में बंद एडीओ को इस मामले में भी नामजद कर दिया।
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ईसाई मिशनरीज के लिए काम करने वाले एडीओ समाज कल्याण ने पुलिस द्वारा पकड़ जाने पर अपनी पहचान छिपाने के साथ नाम भी गलत बताया। वह मिलते-जुलते फर्जी नाम से जेल जाने के बाद जमानत करा बाहर आ चुका है।
सैनी कोतवाली में एडीओ समाज कल्याण का नाम शिव भरत लाल पुत्र राम स्वरूप निवासी कड़ा लिखाया गया है। जबकि ब्लॉक के रिकार्ड में इनका नाम शिव व्रत लाल दर्ज है। यह फर्जीवाड़ा अब तक पुलिस की निगाह से बचा हुआ है।
कड़ा ब्लॉक के रिकार्ड बताते हैं कि एडीओ समाज कल्याण बिना बताए 6 जून से 16 जून तक गायब रहे। ब्लॉक की उपस्थिति पंजिका में उनके नाम के आगे अनुपस्थित लिखा हुआ है। वे 17 जून को वापस आने के बाद रजिस्टर पर टूर लिखकर चले गए हैं।
बीडीओ कड़ा सुनील कुमार तिवारी ने एडीओ की काली करतूत जानने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिले के आला अधिकारियों को भेज दी है। भेजी गई रिपोर्ट में एडीओ द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने एवं जेल में बंद होने का जिक्र किया गया है।
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फतेहपुर जनपद के रहने वाले एडीओ शिव व्रत लाल कड़ा ब्लॉक परिसर में रहते हैं। इन पर आरोप है कि राजकीय कार्य में रुचि लेने से ज्यादा ये ईसाई मिशनरीज के लिए काम करते हैं। गत 6 जून को सातों गांव में सत्संग के दौरान धर्म परिवर्तन कराए जाने को लेकर हुए बवाल में पहली बार इनका नाम पुलिस के संज्ञान में आया। इसी तरह थुलगुला में भी सत्संग की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने के लिए लोगों को उकसाने में इनका नाम प्रमुखता से सामने आया।
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सैनी पुलिस ने 6 जून को शांति भंग करने के अंदेशे में पांच लोगाेें का चालान किया था। इसमें एडीओ समाज कल्याण शिव व्रत लाल के साथ अवधेश कुमार निवासी मो. पुरजीता, तीरथ सिंह निवासी थुलगुला, जसवंत सिंह निवासी मोचारा, कालीदीन निवासी कोरियों के नाम शामिल है। एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी ने एडीओ समेत पांच लोगों की जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया था। 11 जून को सैनी पुलिस ने बवाल को नियंत्रित करने के लिए शिव मंगल मौर्या की तहरीर पर 16 लोगों के खिलाफ ईसाई मिशनरीज के लिए काम करने वालों पर धर्म परिवर्तन कराने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पहले से जेल में बंद एडीओ को इस मामले में भी नामजद कर दिया।
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ईसाई मिशनरीज के लिए काम करने वाले एडीओ समाज कल्याण ने पुलिस द्वारा पकड़ जाने पर अपनी पहचान छिपाने के साथ नाम भी गलत बताया। वह मिलते-जुलते फर्जी नाम से जेल जाने के बाद जमानत करा बाहर आ चुका है।
सैनी कोतवाली में एडीओ समाज कल्याण का नाम शिव भरत लाल पुत्र राम स्वरूप निवासी कड़ा लिखाया गया है। जबकि ब्लॉक के रिकार्ड में इनका नाम शिव व्रत लाल दर्ज है। यह फर्जीवाड़ा अब तक पुलिस की निगाह से बचा हुआ है।
कड़ा ब्लॉक के रिकार्ड बताते हैं कि एडीओ समाज कल्याण बिना बताए 6 जून से 16 जून तक गायब रहे। ब्लॉक की उपस्थिति पंजिका में उनके नाम के आगे अनुपस्थित लिखा हुआ है। वे 17 जून को वापस आने के बाद रजिस्टर पर टूर लिखकर चले गए हैं।
बीडीओ कड़ा सुनील कुमार तिवारी ने एडीओ की काली करतूत जानने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिले के आला अधिकारियों को भेज दी है। भेजी गई रिपोर्ट में एडीओ द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने एवं जेल में बंद होने का जिक्र किया गया है।