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लेखपालों ने बाइक जुलूस निकाला
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Accountants took out a bike procession
- फोटो : KAUSHAMBI
लेखपालों ने निकाला बाइक जुलूस
सरकारी काम में अपने निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे: रोशन लाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/चायल। मांगों को लेकर पखवाड़े भर से आंदोलन कर रहे जिले के लेखपालों ने मंगलवार को बाइक जुलूस निकाला। इसी के साथ अब वह सरकारी काम में अपने निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आंदोलन से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रोशन लाल यादव ने मुख्यालय में बाइक जुलूस शुरू करने से पहले साथियों से कहा कि शासन स्तर पर कई बार वार्ता होने के बाद भी लेखपालों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्हें काम के बोझ तले दाबा जा रहा है। जिससे लेखपाल मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। बताया कि पांच सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल पांच नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व में वह अतिरिक्त हल्कों का बस्ता संबंधित तहसील में जमा कर चुके हैं। 14 नवंबर को संगठन का स्थापना दिवस मनाने के साथ रक्तदान भी किया था। प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी लेफ्ट हो चुके हैं। इसके बाद मंगलवार को तीनों तहसीलों के लेखपालों ने बाइक जुलूस निकाला। इसकी अगुवाई तहसील अध्यक्षों ने की। संगठन जिलाध्यक्ष ने बताया कि अब सरकारी कामों में निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक वाहनों से काम करने में विलंब होगा तो इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। 26 नवंबर को तीनों तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पांच दिसंबर को लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। इसी तरह से चायल तहसील के लेखपालों ने मंगलवार को आंदोलन के तीसरे चरण में बाइक रैली निकाली। यह रैली चायल तहसील परिसर से शुरू होकर तिलहापुर मोड़, बेनीराम कटरा व सरांय अकिल होते हुए करन चौराहा पर समाप्त हुई।
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सरकारी काम में अपने निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे: रोशन लाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर/चायल। मांगों को लेकर पखवाड़े भर से आंदोलन कर रहे जिले के लेखपालों ने मंगलवार को बाइक जुलूस निकाला। इसी के साथ अब वह सरकारी काम में अपने निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आंदोलन से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रोशन लाल यादव ने मुख्यालय में बाइक जुलूस शुरू करने से पहले साथियों से कहा कि शासन स्तर पर कई बार वार्ता होने के बाद भी लेखपालों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्हें काम के बोझ तले दाबा जा रहा है। जिससे लेखपाल मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। बताया कि पांच सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल पांच नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। पूर्व में वह अतिरिक्त हल्कों का बस्ता संबंधित तहसील में जमा कर चुके हैं। 14 नवंबर को संगठन का स्थापना दिवस मनाने के साथ रक्तदान भी किया था। प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी लेफ्ट हो चुके हैं। इसके बाद मंगलवार को तीनों तहसीलों के लेखपालों ने बाइक जुलूस निकाला। इसकी अगुवाई तहसील अध्यक्षों ने की। संगठन जिलाध्यक्ष ने बताया कि अब सरकारी कामों में निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक वाहनों से काम करने में विलंब होगा तो इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी। 26 नवंबर को तीनों तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पांच दिसंबर को लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। इसी तरह से चायल तहसील के लेखपालों ने मंगलवार को आंदोलन के तीसरे चरण में बाइक रैली निकाली। यह रैली चायल तहसील परिसर से शुरू होकर तिलहापुर मोड़, बेनीराम कटरा व सरांय अकिल होते हुए करन चौराहा पर समाप्त हुई।
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