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Kaushambi News: विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए बीआरसी में आयोजित हुई बैठक
Tue, 20 Jan 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:51 AM IST
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नेवादा बीआरसी में आयोजित बैठक में मौजूद स्कूलों के प्रधानाध्यापक स्रोत -विभाग
खंड शिक्षा अधिकारी नेवादा बृजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बीआरसी सभागार में सभी न्याय पंचायतों के स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विद्यालयों में कक्षा एक व दो के बच्चों के होने वाले डीएलएड प्रशिक्षुओं की तरफ से निपुण आकलन के लिए जानकारी साझा की गई।
बैठक में प्रधानाध्यापकों से विद्यालय स्तर पर पर्याप्त तैयारी करने, आकलन परिणाम, एफएलएन टूल्स छात्रवार प्रगति व डेटा आधारित परिणाम के आधार पर बच्चों को आकलन के लिए तैयार करने के लिए बताया गया। एसआरजी दिलीप तिवारी ने बताया कि विद्यालय में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के निपुण होने पर विद्यालय निपुण हो सकेगा, जिसमें बच्चों के आकलन में बच्चों की तरफ से लगभग 75 फीसदी से अधिक प्रश्न सही करने होंगे।
एआरपी राजीव जायसवाल व मंदीप सिंह ने निपुण आकलन के दौरान किन-किन सावधानियों का पालन करना पड़ेगा, इस पर ध्यान आकर्षित कराया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से विद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग और विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक करके आकलन के संबंध में बच्चों में पर्याप्त जागरूकता व बच्चों के अभिभावकों से सहयोग लेने की बात कही गई।
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बैठक में प्रधानाध्यापकों से विद्यालय स्तर पर पर्याप्त तैयारी करने, आकलन परिणाम, एफएलएन टूल्स छात्रवार प्रगति व डेटा आधारित परिणाम के आधार पर बच्चों को आकलन के लिए तैयार करने के लिए बताया गया। एसआरजी दिलीप तिवारी ने बताया कि विद्यालय में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के निपुण होने पर विद्यालय निपुण हो सकेगा, जिसमें बच्चों के आकलन में बच्चों की तरफ से लगभग 75 फीसदी से अधिक प्रश्न सही करने होंगे।
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एआरपी राजीव जायसवाल व मंदीप सिंह ने निपुण आकलन के दौरान किन-किन सावधानियों का पालन करना पड़ेगा, इस पर ध्यान आकर्षित कराया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से विद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग और विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक करके आकलन के संबंध में बच्चों में पर्याप्त जागरूकता व बच्चों के अभिभावकों से सहयोग लेने की बात कही गई।
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