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Kaushambi News: डायपर के सुपर स्टॉकिस्ट बने व्यापारी से 2.10 लाख की ठगी
Mon, 07 Jul 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 07 Jul 2025 01:28 AM IST
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लखनऊ की एक डायपर कंपनी ने क्षेत्र के व्यापारी को 2.10 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर कंपनी निदेशक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है।
चरवा निवासी शशि केसरवानी ने बताया कि कस्बे में वह मेसर्स राघव ट्रेडर्स नाम की फर्म से व्यापार करते हैं। दो फरवरी 2024 को लखनऊ की डायपर कंपनी मेसर्स वंश आर्गेनिक्स प्रा.लि. के निदेशक अंशुल पांडेय ने उनसे संपर्क किया। निदेशक ने उन्हें सुपर स्टॉकिस्ट बनाने का ऑफर दिया। इसके लिए उनका गोदाम का दस हजार रुपये प्रति माह किराया देने की भी बात तय हुई थी।
भुक्तभोगी शशि ने बताया कि कंपनी की शर्तों के अनुसार निदेशक ने तीन लाख रुपये जरिये बैंक अपनी फर्म के खाते में ट्रांसफर कराने के बाद डायपर भेज दिए। शशि के मुताबिक शर्तों के मुताबिक डायपर की बिक्री में कंपनी ने कोई सहयोग किया और न ही गोदाम का किराया दिया। कई महीने इंतजार करने के बाद उन्होंने कंपनी को डायपर लौटाकर अपनी रकम रकम वापस मांगी।
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तमाम मशक्कत के बाद किस्तों में 1.60 लाख रुपये वापस करने के बाद निदेशक अब बात ही नहीं कर रहा है। काफी समय से अपना फोन फारवर्ड कर ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है। सात माह का गोदाम किराया 70 हजार और 1.40 लाख मूल पूंजी की रकम समेत कुल 2.10 लाख रुपये वापस नहीं मिली। इससे परेशान व्यापारी ने शनिवार को कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी डॉयरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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चरवा निवासी शशि केसरवानी ने बताया कि कस्बे में वह मेसर्स राघव ट्रेडर्स नाम की फर्म से व्यापार करते हैं। दो फरवरी 2024 को लखनऊ की डायपर कंपनी मेसर्स वंश आर्गेनिक्स प्रा.लि. के निदेशक अंशुल पांडेय ने उनसे संपर्क किया। निदेशक ने उन्हें सुपर स्टॉकिस्ट बनाने का ऑफर दिया। इसके लिए उनका गोदाम का दस हजार रुपये प्रति माह किराया देने की भी बात तय हुई थी।
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भुक्तभोगी शशि ने बताया कि कंपनी की शर्तों के अनुसार निदेशक ने तीन लाख रुपये जरिये बैंक अपनी फर्म के खाते में ट्रांसफर कराने के बाद डायपर भेज दिए। शशि के मुताबिक शर्तों के मुताबिक डायपर की बिक्री में कंपनी ने कोई सहयोग किया और न ही गोदाम का किराया दिया। कई महीने इंतजार करने के बाद उन्होंने कंपनी को डायपर लौटाकर अपनी रकम रकम वापस मांगी।
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तमाम मशक्कत के बाद किस्तों में 1.60 लाख रुपये वापस करने के बाद निदेशक अब बात ही नहीं कर रहा है। काफी समय से अपना फोन फारवर्ड कर ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है। सात माह का गोदाम किराया 70 हजार और 1.40 लाख मूल पूंजी की रकम समेत कुल 2.10 लाख रुपये वापस नहीं मिली। इससे परेशान व्यापारी ने शनिवार को कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी डॉयरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।