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मानदेय नहीं मिलने से भड़के प्रेरक
Kaushambi
Updated Fri, 08 Aug 2014 05:30 AM IST
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मंझनपुर। भारत साक्षर मिशन के तहत गांव-गांव तैनात किए गए प्रेरकों का मानदेय नहीं मिलने से बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। प्रेरकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द मानदेय भुगतान की मांग की।
बता दें कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कौशाम्बी 440 लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। इनमें केंद्रों में 880 प्रेरक नियुक्त किए गए हैं। साथ ही ब्लाक और जिला समन्वयकों की भी तैनाती की गई है। प्रेरक पद पर तैनात धर्मेंद्र सिंह, नसीम अहमद, राज नारायण सिंह, मुकेश कुमार, लालता प्रसाद, अमरनाथ पाल, राकेशधर पांडेय, हामिद हसन, राजमति मौर्य, रविकुमार पटेल, रीना सिंह, रेखा देवी, कमला देवी, सुमन देवी, पूनम सिंह, वीरेंद्र कुमार, मीनू देवी, संतोष कुमार सिंह, शाकिर अली, अशोक कुमार सिंह आदि ने बताया कि जुलाई 2013 से उनकी नियुक्ति की गई है, लेकिन अब तक मानदेय नहीं दिया गया। वहीं केंद्रों के संचालन को कोई सामान भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इससे प्रेरक परेशान है। प्रेरकों ने बताया कि कई बार अभियान के सचिव डायट प्राचार्य से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी मानदेय का भुगतान और सामान उपलब्ध नहीं कराया गया। अनदेखी से भड़के प्रेरकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने हुंकार भरी। करीब घंटेभर तक प्रदर्शन करने वाले प्रेरकों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर जल्द मानदेय का भुगतान कराने, पठन-पाठन सामाग्री उपलब्ध कराने आदि मांग की है।
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बता दें कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कौशाम्बी 440 लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। इनमें केंद्रों में 880 प्रेरक नियुक्त किए गए हैं। साथ ही ब्लाक और जिला समन्वयकों की भी तैनाती की गई है। प्रेरक पद पर तैनात धर्मेंद्र सिंह, नसीम अहमद, राज नारायण सिंह, मुकेश कुमार, लालता प्रसाद, अमरनाथ पाल, राकेशधर पांडेय, हामिद हसन, राजमति मौर्य, रविकुमार पटेल, रीना सिंह, रेखा देवी, कमला देवी, सुमन देवी, पूनम सिंह, वीरेंद्र कुमार, मीनू देवी, संतोष कुमार सिंह, शाकिर अली, अशोक कुमार सिंह आदि ने बताया कि जुलाई 2013 से उनकी नियुक्ति की गई है, लेकिन अब तक मानदेय नहीं दिया गया। वहीं केंद्रों के संचालन को कोई सामान भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इससे प्रेरक परेशान है। प्रेरकों ने बताया कि कई बार अभियान के सचिव डायट प्राचार्य से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी मानदेय का भुगतान और सामान उपलब्ध नहीं कराया गया। अनदेखी से भड़के प्रेरकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने हुंकार भरी। करीब घंटेभर तक प्रदर्शन करने वाले प्रेरकों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर जल्द मानदेय का भुगतान कराने, पठन-पाठन सामाग्री उपलब्ध कराने आदि मांग की है।
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