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22 गांवों के लोग रतजगा को मजबूर
Kaushambi
Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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चायल। शाहपुर पेरवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े यमुना की तराई के करीब 22 गांवों में सिर्फ दिन में दो किश्तों में छह घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे पूरी रात लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। इस वजह से दिनचर्या पर विपरीत असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एसडीओ को दिक्कतों से अवगत कराया गया। फिर भी रोस्टर के मुताबिक रात में बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। एसडीओ ने बताया कि ओवरलोड के कारण रात में सप्लाई में दिक्कत आ रही है। उपकेंद्र के ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
चायल क्षेत्र के यमुना की तराई में बसे गांव तिल्हापुर मोड़, परेई, पेरवा, तिलगोड़ी, बूंदा, बरेठी, मखऊ पुर, औधन, लोधौर, कोटिया, नेवादा, सेउथा, दुर्गापुर, फरीदपुर, आलमपुर, रेही, बलहेपुर, दूलापुर, पिपरहाई, ब्यूर और पिपरी गांव आदि में बिजली आपूर्ति शाहपुर पेरवा विद्युत उपकेंद्र से होती है। पेरवा गांव के रहने वाले शकील चौधरी, रामचंद्र केसरवानी, संतोष सोनी, विनय सिंह, मतलूब फरीदी, राज सिंह, पप्पू साहू, धनंजय सिंह, रामप्रकाश साहू, दिलीप कुमार, विनीत कुमार आदि ने बताया कि करीब दो महीने से गांव में रात में एक मिनट भी बिजली सप्लाई नहीं की जाती है। सुबह छह बजे से नौ बजे और दिन में एक बजे से तीन बजे तक ही बिजली आपूर्ति होती है। इस दौरान भी बार-बार कटौती होती रहती है। इससे धान की रोपाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। रात में बिजली नहीं होने से दिनचर्या भी बिगड़ गई है। इस वजह से सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं लालटेन और ढिबरी की रोशनी में घरेलू कामकाज निपटाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एसडीओ और अवर अभियंता को परेशानियों से अवगत कराया गया। इसके बाद भी रोस्टर के मुताबिक रात-दिन दोनों पालियों में बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। वहीं एसडीओ नवनीत कुमार का कहना है कि ओवरलोड के कारण रात में बिजली सप्लाई संभव नहीं हो पा रही है। इसी कारण से फीडरवार दिन में बिजली देने की कोशिश हो रही है। ताकि गांववाले नलकूप आदि चलाकर खेती का काम कर सकें।
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चायल क्षेत्र के यमुना की तराई में बसे गांव तिल्हापुर मोड़, परेई, पेरवा, तिलगोड़ी, बूंदा, बरेठी, मखऊ पुर, औधन, लोधौर, कोटिया, नेवादा, सेउथा, दुर्गापुर, फरीदपुर, आलमपुर, रेही, बलहेपुर, दूलापुर, पिपरहाई, ब्यूर और पिपरी गांव आदि में बिजली आपूर्ति शाहपुर पेरवा विद्युत उपकेंद्र से होती है। पेरवा गांव के रहने वाले शकील चौधरी, रामचंद्र केसरवानी, संतोष सोनी, विनय सिंह, मतलूब फरीदी, राज सिंह, पप्पू साहू, धनंजय सिंह, रामप्रकाश साहू, दिलीप कुमार, विनीत कुमार आदि ने बताया कि करीब दो महीने से गांव में रात में एक मिनट भी बिजली सप्लाई नहीं की जाती है। सुबह छह बजे से नौ बजे और दिन में एक बजे से तीन बजे तक ही बिजली आपूर्ति होती है। इस दौरान भी बार-बार कटौती होती रहती है। इससे धान की रोपाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। रात में बिजली नहीं होने से दिनचर्या भी बिगड़ गई है। इस वजह से सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं लालटेन और ढिबरी की रोशनी में घरेलू कामकाज निपटाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एसडीओ और अवर अभियंता को परेशानियों से अवगत कराया गया। इसके बाद भी रोस्टर के मुताबिक रात-दिन दोनों पालियों में बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। वहीं एसडीओ नवनीत कुमार का कहना है कि ओवरलोड के कारण रात में बिजली सप्लाई संभव नहीं हो पा रही है। इसी कारण से फीडरवार दिन में बिजली देने की कोशिश हो रही है। ताकि गांववाले नलकूप आदि चलाकर खेती का काम कर सकें।
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