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बेटे के कातिल रिटायर्ड फौजी को आजीवन कारावास
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:43 AM IST
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मंझनपुर। पट्टीदार की बारात जाने से नाराज होकर बेटे को मौत के घाट उतारने वाले रिटायर्ड फौजी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसपर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। घटना कोखराज कोतवाली क्षेत्र के ककोढ़ा गांव में वर्ष 2012 में हुई थी।
ककोढ़ा (कुटी) निवासी रीता यादव ने बताया कि उसका पति श्यामल कुमार 25 अप्रैल 2012 को अपने चचेरे भाई राजेश की बारात नैनबारा गया था। रीता के मुताबिक ससुर श्यामलाल इसका विरोध कर रहा था। इसी से नाराज होकर ससुर ने रीता को अपशब्द बोले। अगले दिन घर लौटने पर पति उलाहना देने गया तो ससुर ने लाइसेंसी बंदूक निकालकर उसे गोली मार दी। इलाज के दौरान पति की मौत हो गई। मामले में रीता की तहरीर पर उसके ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज अरविंद मिश्र ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने सात गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को उम्रकैद व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। रीता का कहना है कि पति के कातिल को फांसी की सजा दिलाने तक वह शांत नहीं बैठेगी।
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ककोढ़ा (कुटी) निवासी रीता यादव ने बताया कि उसका पति श्यामल कुमार 25 अप्रैल 2012 को अपने चचेरे भाई राजेश की बारात नैनबारा गया था। रीता के मुताबिक ससुर श्यामलाल इसका विरोध कर रहा था। इसी से नाराज होकर ससुर ने रीता को अपशब्द बोले। अगले दिन घर लौटने पर पति उलाहना देने गया तो ससुर ने लाइसेंसी बंदूक निकालकर उसे गोली मार दी। इलाज के दौरान पति की मौत हो गई। मामले में रीता की तहरीर पर उसके ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज अरविंद मिश्र ने प्रकरण की सुनवाई की। इस दौरान शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने सात गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को उम्रकैद व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। रीता का कहना है कि पति के कातिल को फांसी की सजा दिलाने तक वह शांत नहीं बैठेगी।
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