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गोवंश तस्करों पर पुलिसिया मेहरबानी की होगी जांच
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:47 AM IST
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मंझनपुर। गोवंश के साथ पकड़े गए ट्रक चालक इसहार के बयान के बाद भी सरगना और उसके साथी को नामजद करने के बजाय दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने के मामले को पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप गुप्ता ने गंभीरता से लिया है। एसपी ने सीओ सिराथू को पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया है।
कोखराज पुलिस ने शनिवार रात सिहोरी टोल प्लाजा के पास से एक ट्रक में लोड 18 गोवंश को बरामद किया था। ट्रक चालक तिवारी तालाब (इलाहाबाद) निवासी इसहार ने बयान दिया कि सोरांव निवासी सिपाही सुशील मिश्रा 80 से 90 हजार लेकर गाड़ी पास कराने का ठेका लेता था। सुशील भी अपनी कार से आगे चल रहा था, लेकिन पुलिस को देखकर भाग निकला। सुशील की तैनाती कानपुर में थी। पशु तस्करी में लिप्त होने की वजह से उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। चार महीने सुशील जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद उसने गोवंश तस्करी का काम नहीं बंद किया। इस मामले में कोखराज पुलिस ने चालक के बयान को दरकिनार कर दिया। चालक सहित दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस विभागीयसूत्रों की मानें तो बर्खास्त सिपाही को बचाने के लिए पुलिस धन उगाही की है। मामला एसपी प्रदीप गुप्ता के संज्ञान में पहुंची तो उन्होंने सीओ सिराथू राजवीर सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
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कोखराज पुलिस ने शनिवार रात सिहोरी टोल प्लाजा के पास से एक ट्रक में लोड 18 गोवंश को बरामद किया था। ट्रक चालक तिवारी तालाब (इलाहाबाद) निवासी इसहार ने बयान दिया कि सोरांव निवासी सिपाही सुशील मिश्रा 80 से 90 हजार लेकर गाड़ी पास कराने का ठेका लेता था। सुशील भी अपनी कार से आगे चल रहा था, लेकिन पुलिस को देखकर भाग निकला। सुशील की तैनाती कानपुर में थी। पशु तस्करी में लिप्त होने की वजह से उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। चार महीने सुशील जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद उसने गोवंश तस्करी का काम नहीं बंद किया। इस मामले में कोखराज पुलिस ने चालक के बयान को दरकिनार कर दिया। चालक सहित दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस विभागीयसूत्रों की मानें तो बर्खास्त सिपाही को बचाने के लिए पुलिस धन उगाही की है। मामला एसपी प्रदीप गुप्ता के संज्ञान में पहुंची तो उन्होंने सीओ सिराथू राजवीर सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
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