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जयघोष के साथ पूजा पंडालों से उठी मूर्तियों का हुआ विसर्जन
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:07 AM IST
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धूमधाम से विसर्जित की गईं देवी प्रतिमाएं
तालाबों, नदियों में शनिवार और रविवार को हुआ विसर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिले भर के पूजा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन दो दिनों के बीच निर्धारित स्थलों पर किया गया। इस दौरान पूरा जिला मां के जयघोष से गूंजता रहा। मंझनपुर, सरायअकिल, भरवारी, अजुहा, सिराथू आदि कस्बों और गांवों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन सोमवार को निर्धारित स्थलों पर भक्तों द्वारा किया जाएगा। इस दौरान इलाकाई पुलिस गांवों से लेकर मूर्ति विसर्जन स्थल तक चौकसी बरतती नजर आई।
शारदीय नवरात्र के मौके पर जिले के कस्बों व गांवों में लगभग आठ सौ मूर्तियों की स्थापना पूजा पंडालों में मां के भक्तों ने करा रखी थी। शुक्रवार नवमी को भक्तों ने मां सिद्धिदात्री के पूजन-अर्चन के साथ व्रत का पारण कर दिया। रविवार सुबह पूजा पंडालों से जयघोष के साथ लगभग पचास फीसदी मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाया गया। भक्तों ने मूर्तियों का विसर्जन नजदीकी स्वच्छ पानी तालाबों व ससुर खदेरी, किलनहाई नदियों में बने चेकडैम के पानी में किया। लगभग चालीस फीसदी मूर्तियों का विसर्जन रविवार सुबह निर्धारित स्थलों पर किया गया। इस दौरान भक्तगण मां अम्बे का जयकारा करते हुए भक्ति गीतों पर नाचते-गाते तालाबों व नदियों तक पहुंचे। उन कस्बों की मूर्तियों का विसर्जन नहीं हो सका जहां पर दशहरे मेले का आयोजन था। इन मूर्तियों का विसर्जन सोमवार को किया जाएगा। इसमें सरायअकिल, मंझनपुर की मूर्तियां शामिल हैं। भरवारी संवाददाता के मुताबिक बड़ी कुटी गौरा स्थित तालाब में कस्बा सहित आस-पास के गांवों में स्थापित सौ मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इसके बाद भरवारी कस्बे में जगह-जगह भक्तों ने भंडारा, लंगर व प्रसाद वितरण किया। मूर्ति विसर्जन वाले दिन कस्बा भरवारी मां की भक्ति में सराबोर नजर आया। हमारे कड़ा संवाददाता के मुताबिक गंगा किनारे स्थित कालेश्वर घाट में स्थानीय पूजा पंडालों के अलावा सौरई, टेढ़ी, लेहदरी, ताज मल्लाहन, अलीपुर जीता आदि गांवों की 13 मूर्तियों का विसर्जन गड्ढा खोदकर भक्तों ने किया। सरायअकिल संवाददाता के मुताबिक म्योहर, बैरागीपुर, बसुहार, बेनीराम कटरा आदि गांवों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन ससुर खदेरी नदी में भक्तों ने किया। मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी व तालाबों किनारे भक्तों ने गगनभेदी जयकारा लगाया। चायल संवाददाता के मुताबिक इलाके के गांवों में स्थापित दर्जनभर मूर्तियों का विसर्जन मखऊपुर स्थित ससुर खदेरी नदी के चेकडैम में किया गया। मूर्ति विसर्जन के साथ जिले में शारदीय नवरात्र पर्व का समापन हो गया। मूर्ति विसर्जन के दौरान स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित स्थलों पर सुरक्षा के मद्देनजर निगहबानी करते नजर आए।
नवयुवक कमेटी ने किया भंडारे का आयोजन
मंझनपुर (ब्यूरो)। शक्तिदायनी दमनकारी मां अम्बे नवयुवक कमेटी द्वारा सिराथू के मंझनपुर रोड बस स्टाफ पर पूजा पंडाला बनाया गया था। शनिवार को पूजा कमेटी द्वारा मूर्ति का विसर्जन करने के बाद रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में कस्बे के लगभग तीन हजार लोगों ने मां अम्बे का प्रसाद पाया। भंडारे में कमेटी के गुड्डू पांडेय, सुचेंद्र पांडेय, विपिन यादव, पोला पांडेय, शेट्टी पांडेय, आशू कक्कड़ ने सराहनीय योगदान किया।
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तालाबों, नदियों में शनिवार और रविवार को हुआ विसर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिले भर के पूजा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन दो दिनों के बीच निर्धारित स्थलों पर किया गया। इस दौरान पूरा जिला मां के जयघोष से गूंजता रहा। मंझनपुर, सरायअकिल, भरवारी, अजुहा, सिराथू आदि कस्बों और गांवों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन सोमवार को निर्धारित स्थलों पर भक्तों द्वारा किया जाएगा। इस दौरान इलाकाई पुलिस गांवों से लेकर मूर्ति विसर्जन स्थल तक चौकसी बरतती नजर आई।
शारदीय नवरात्र के मौके पर जिले के कस्बों व गांवों में लगभग आठ सौ मूर्तियों की स्थापना पूजा पंडालों में मां के भक्तों ने करा रखी थी। शुक्रवार नवमी को भक्तों ने मां सिद्धिदात्री के पूजन-अर्चन के साथ व्रत का पारण कर दिया। रविवार सुबह पूजा पंडालों से जयघोष के साथ लगभग पचास फीसदी मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाया गया। भक्तों ने मूर्तियों का विसर्जन नजदीकी स्वच्छ पानी तालाबों व ससुर खदेरी, किलनहाई नदियों में बने चेकडैम के पानी में किया। लगभग चालीस फीसदी मूर्तियों का विसर्जन रविवार सुबह निर्धारित स्थलों पर किया गया। इस दौरान भक्तगण मां अम्बे का जयकारा करते हुए भक्ति गीतों पर नाचते-गाते तालाबों व नदियों तक पहुंचे। उन कस्बों की मूर्तियों का विसर्जन नहीं हो सका जहां पर दशहरे मेले का आयोजन था। इन मूर्तियों का विसर्जन सोमवार को किया जाएगा। इसमें सरायअकिल, मंझनपुर की मूर्तियां शामिल हैं। भरवारी संवाददाता के मुताबिक बड़ी कुटी गौरा स्थित तालाब में कस्बा सहित आस-पास के गांवों में स्थापित सौ मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इसके बाद भरवारी कस्बे में जगह-जगह भक्तों ने भंडारा, लंगर व प्रसाद वितरण किया। मूर्ति विसर्जन वाले दिन कस्बा भरवारी मां की भक्ति में सराबोर नजर आया। हमारे कड़ा संवाददाता के मुताबिक गंगा किनारे स्थित कालेश्वर घाट में स्थानीय पूजा पंडालों के अलावा सौरई, टेढ़ी, लेहदरी, ताज मल्लाहन, अलीपुर जीता आदि गांवों की 13 मूर्तियों का विसर्जन गड्ढा खोदकर भक्तों ने किया। सरायअकिल संवाददाता के मुताबिक म्योहर, बैरागीपुर, बसुहार, बेनीराम कटरा आदि गांवों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन ससुर खदेरी नदी में भक्तों ने किया। मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी व तालाबों किनारे भक्तों ने गगनभेदी जयकारा लगाया। चायल संवाददाता के मुताबिक इलाके के गांवों में स्थापित दर्जनभर मूर्तियों का विसर्जन मखऊपुर स्थित ससुर खदेरी नदी के चेकडैम में किया गया। मूर्ति विसर्जन के साथ जिले में शारदीय नवरात्र पर्व का समापन हो गया। मूर्ति विसर्जन के दौरान स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी निर्धारित स्थलों पर सुरक्षा के मद्देनजर निगहबानी करते नजर आए।
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नवयुवक कमेटी ने किया भंडारे का आयोजन
मंझनपुर (ब्यूरो)। शक्तिदायनी दमनकारी मां अम्बे नवयुवक कमेटी द्वारा सिराथू के मंझनपुर रोड बस स्टाफ पर पूजा पंडाला बनाया गया था। शनिवार को पूजा कमेटी द्वारा मूर्ति का विसर्जन करने के बाद रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में कस्बे के लगभग तीन हजार लोगों ने मां अम्बे का प्रसाद पाया। भंडारे में कमेटी के गुड्डू पांडेय, सुचेंद्र पांडेय, विपिन यादव, पोला पांडेय, शेट्टी पांडेय, आशू कक्कड़ ने सराहनीय योगदान किया।
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