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लंच किया, सौ रुपये लिए और हो गई ट्रेनिंग
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:28 AM IST
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बारा। ‘हमारी योजना-हमारा विकास’ योजना के ट्रेनरों को खुद ही जानकारी नहीं है कि उन्हें क्या प्रशिक्षण देना है। ऐसे में ट्रेनिंग के लिए आने वाले ग्राम पंचायत सदस्यों को सिर्फ लंच पैकेट और सौ रुपये ही हाथ लग रहे हैं।
गांवों में विकास के लिए ग्राम स्वराज अभियान के तहत हमारी योजना-हमारा विकास कार्यक्रम चल रहा है। योजना के पहले चरण में ब्लॉक मुख्यालयों में प्रत्येक गांव के पांच-पांच ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए पंचायती राज विभाग ने डिस्ट्रिक रिसोर्स ग्रुप के प्रशिक्षित युवा लगाए गए हैं। जिले में 40 प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच ट्रेनर पहुंचकर आठ-आठ गांव के 40 सदस्यों की टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके लिए विभाग ट्रेनरों को पांच सौ और प्रशिक्षण लेने वाले ग्राम पंचायत सदस्यों को सौ-सौ रुपये देता है। दोपहर में लंच पैकेट अलग से, लेकिन जिले में अभियान हवा-हवाई है। इसकी बानगी बुधवार को कौशाम्बी ब्लॉक में देखने को मिली। यहां मौजूद ट्रेनर रामबाबू और नरेंद्र कुमार को खुद ही नहीं पता कि आखिर उन्हें किस बात का प्रशिक्षण देना है। पूछने पर दोनों कोई जानकारी नहीं दे सके। वहीं प्रशिक्षण लेने आए कोसम इनाम के भैयालाल, गोइठा के अलगूपाल, मुस्तफापुर कोरांव रोहित कुमार आदि ग्राम पंचायत सदस्यों ने बताया कि दोपहर एक बजे ट्रेनर आए। सभी को लंच कराया और सौ-सौ रुपये देकर चले गए। इस बाबत डीपीआरओ गोपाल जी ओझा का कहना है कि यदि ऐसा हो तो निरीक्षण कर ट्रेनरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गांवों में विकास के लिए ग्राम स्वराज अभियान के तहत हमारी योजना-हमारा विकास कार्यक्रम चल रहा है। योजना के पहले चरण में ब्लॉक मुख्यालयों में प्रत्येक गांव के पांच-पांच ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए पंचायती राज विभाग ने डिस्ट्रिक रिसोर्स ग्रुप के प्रशिक्षित युवा लगाए गए हैं। जिले में 40 प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच ट्रेनर पहुंचकर आठ-आठ गांव के 40 सदस्यों की टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके लिए विभाग ट्रेनरों को पांच सौ और प्रशिक्षण लेने वाले ग्राम पंचायत सदस्यों को सौ-सौ रुपये देता है। दोपहर में लंच पैकेट अलग से, लेकिन जिले में अभियान हवा-हवाई है। इसकी बानगी बुधवार को कौशाम्बी ब्लॉक में देखने को मिली। यहां मौजूद ट्रेनर रामबाबू और नरेंद्र कुमार को खुद ही नहीं पता कि आखिर उन्हें किस बात का प्रशिक्षण देना है। पूछने पर दोनों कोई जानकारी नहीं दे सके। वहीं प्रशिक्षण लेने आए कोसम इनाम के भैयालाल, गोइठा के अलगूपाल, मुस्तफापुर कोरांव रोहित कुमार आदि ग्राम पंचायत सदस्यों ने बताया कि दोपहर एक बजे ट्रेनर आए। सभी को लंच कराया और सौ-सौ रुपये देकर चले गए। इस बाबत डीपीआरओ गोपाल जी ओझा का कहना है कि यदि ऐसा हो तो निरीक्षण कर ट्रेनरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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