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आंधी में उड़ गई सैकड़ों गांवों की बिजली
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:40 AM IST
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आंधी में उड़ गई सैकड़ों गांवों की बिजली
चक्रवाती तूफान में मंझनपुर व चायल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से चरमारा गई है। जगह-जगह टूटे विद्युत पोल, पेड़ और तारों की वजह से प्रमुख कस्बा चायल, मनौरी, चरवा समेत क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। तूफान थमने के बाद विभागीय इंजीनयर फाल्ट खोजने में पसीना बहाते दिख्,ो। चायल क्षेत्र में देर शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी।
इसके चलते इलाके में बिजली-पानी का संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग के अफसरों की मानें तो आपूर्ति बहाल करने में कम से कम दो दिन लगने की संभावना है।
बुधवार को आए चक्रवाती तूफान में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूटकर सड़क पर गिर गए ।जिससे गांवों में हफ्तों बिजली ना पहुंचने की स्थिति बन गई है।चरवा के 33/11 केवी के पॉवर हाउस के दो मुख्य खंभे टूटकर गिर गए है। इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े चरवा,बालीपुर टाटा,समसपुर,काजू,बेरुआ,साझिया,आलामचंद,महंगाव,रैयादेह माफी,कटरा, कलापत का पूरा,मीरन,मदूकी,तिलातारा, पिपरी, चरवा खुर्द,अयोध्या का पूरा आदि तमाम गांवों मै बिजली गुल हो गई है। विद्युत सप्लाई बाधित होने से पानी का भी संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह सरायअकिल क्षेत्र में भी आँधी से जगह जगह पेड़ व बिजली के पोल टूट गए। जिससे जन जीवन अस्त ब्यस्त हो गया। विजली के पोल टूटने से बिद्युत ब्यवस्था चरमरा गई है।
पिछली बार की आँधी नें बिद्युत ब्यवस्था को चौपट कर दिया था। किसी तरह बिद्युत बहाल हो रही थी कि दोबारा आँधी नें फिर से अंधेरा कायम कर दिया है । इससे पहले मंगलवार की रात आई आंधी विद्युत उपकेंद्र की बिजली उड़ गई। 33/11 में ब्रेक डाउन होने से जिला मुख्यालय मंझनपुर समेत आसपास के चार दर्जन गांवों की विद्युत सप्लाई ठप हो गई। कड़ी मयाक्कत के बाद रात दो बजे से ठप आपूर्ति सुबह दस बजे बहाल हो सकी। इसके चलते कस्बे में पेयजल सप्लाई प्रभावित रही। लोग पानी के लिए हैंडपंपों पर इंतजार करते दिखे। अधीक्षण अभियंता विद्युत तारिक जलील ने बताया कि तूफान से तगड़ा नुकसान हुआ है। विभागीय इंजीनियर फाल्ट खोजने के साथ ही नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।
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चक्रवाती तूफान में मंझनपुर व चायल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से चरमारा गई है। जगह-जगह टूटे विद्युत पोल, पेड़ और तारों की वजह से प्रमुख कस्बा चायल, मनौरी, चरवा समेत क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। तूफान थमने के बाद विभागीय इंजीनयर फाल्ट खोजने में पसीना बहाते दिख्,ो। चायल क्षेत्र में देर शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी।
इसके चलते इलाके में बिजली-पानी का संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग के अफसरों की मानें तो आपूर्ति बहाल करने में कम से कम दो दिन लगने की संभावना है।
बुधवार को आए चक्रवाती तूफान में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे टूटकर सड़क पर गिर गए ।जिससे गांवों में हफ्तों बिजली ना पहुंचने की स्थिति बन गई है।चरवा के 33/11 केवी के पॉवर हाउस के दो मुख्य खंभे टूटकर गिर गए है। इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े चरवा,बालीपुर टाटा,समसपुर,काजू,बेरुआ,साझिया,आलामचंद,महंगाव,रैयादेह माफी,कटरा, कलापत का पूरा,मीरन,मदूकी,तिलातारा, पिपरी, चरवा खुर्द,अयोध्या का पूरा आदि तमाम गांवों मै बिजली गुल हो गई है। विद्युत सप्लाई बाधित होने से पानी का भी संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह सरायअकिल क्षेत्र में भी आँधी से जगह जगह पेड़ व बिजली के पोल टूट गए। जिससे जन जीवन अस्त ब्यस्त हो गया। विजली के पोल टूटने से बिद्युत ब्यवस्था चरमरा गई है।
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पिछली बार की आँधी नें बिद्युत ब्यवस्था को चौपट कर दिया था। किसी तरह बिद्युत बहाल हो रही थी कि दोबारा आँधी नें फिर से अंधेरा कायम कर दिया है । इससे पहले मंगलवार की रात आई आंधी विद्युत उपकेंद्र की बिजली उड़ गई। 33/11 में ब्रेक डाउन होने से जिला मुख्यालय मंझनपुर समेत आसपास के चार दर्जन गांवों की विद्युत सप्लाई ठप हो गई। कड़ी मयाक्कत के बाद रात दो बजे से ठप आपूर्ति सुबह दस बजे बहाल हो सकी। इसके चलते कस्बे में पेयजल सप्लाई प्रभावित रही। लोग पानी के लिए हैंडपंपों पर इंतजार करते दिखे। अधीक्षण अभियंता विद्युत तारिक जलील ने बताया कि तूफान से तगड़ा नुकसान हुआ है। विभागीय इंजीनियर फाल्ट खोजने के साथ ही नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।
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