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दो दिन स्कूलों में लटक रहे ताले, लौट रहे छात्र

Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
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दो दिन स्कूलों में लटक रहे ताले, लौट रहे छात्र
दो दिनों से स्कूलों में लटक रहे ताले, लौट रहे छात्र
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स्कूल बंद होने से बच्चों को नहीं मिला मिड-डे-मील
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/बारा ।
शिक्षकों की हड़ताल के चलते बेसिक स्कूलों में दो दिनों से ताले लटक रहे हैं। स्कूल आने वाले छात्र गेट बंद देखकर वापस चले जाते हैं। स्कूल बंद होने से छात्रों को मध्याह्न भोजन भी नहीं मिल पा रहा है। इससे बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में मायूसी छाई हुई है। वहीं उनके परिजन इस हड़ताल को लेकर गुस्से में हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के शिक्षक दो दिन हड़ताल पर रहे। इसके चलते मंगलवार व बुधवार को स्कूलों में ताला लटकता रहा। स्कूल बंद रहने की जानकारी न होने पर बच्चे सुबह निर्धारित समय पर स्कूल जाते और देर तक शिक्षकों के नहीं पहुंचने पर मायूस होकर लौट आते। विकास खंड कौशांबी के प्राथमिक विद्यालय बैगवां, मढी, इटैला, हसनपुर, पाली उपरहार, छोटा गढ़वा, बड़ा गढ़वा, गोपाल मिश्र का पूरा, सोंधिया आदि स्कूलों को लिया जा सकता है। इन विद्यालयों में दो दिन ताले नहीं खुले। स्कूल पहुंचने पर ताला न खुलने से बच्चों को मध्याह्न भोजन भी नसीब नहीं हो सका। इससे छात्र-छात्राओं में मायूसी छाई है। यहां पर सवाल यह उठ रहा है कि हड़ताल पर शिक्षक गए हैं तो रसोइया कहां थे। बहरहाल बगैर सार्वजनिक अवकाश के बेसिक स्कूलों में दो दिन ताला बंद रहना शिक्षण व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है। इससे अभिभावकों में गुस्सा है। गोपाल मिश्र के राम खेलावन का कहना है कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आए दिन धरना-प्रर्दशन करते हैं, इसका असर शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है, इसको लेकर वह चिंतित नहीं है। इस मामले में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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धरने के आखिरी दिन शिक्षकों ने बुलंद की आवाज
डीएम को सौंपा मुख्यमंत्री को संबोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दो दिवसीय धरने के आखिरी दिन प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इसके बाद जुलूस की शक्ल में शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्रीय ज्ञापन डीएम मनीष कुमार वर्मा को सौंपा।
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बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पदों व समायोजन सहित 16 प्रमुख मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिले भर के शिक्षक हड़ताल पर रहे। इस दौरान दो दिन तक स्कूलों में ताले लटकते रहे। बुधवार को धरने के अंतिम संगठन के पदाधिकारियों ने डायट मैदान में मांगों को लेकर आवाज बुलंद किया। इसके बाद 16 सूत्रीय मांगाें का ज्ञापन डीएम मनीष कुमार वर्मा को सौंपा गया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में शिक्षकों ने परिषदीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने, वर्ष 2017-18 के लिए समायोजन नीति लागू करने, सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां बेसिक शिक्षकों पर लागू करने, छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल, फर्नीचर, चहार दीवारी, शौचालय, पंखा, बिजली की व्यवस्था कराने, रंगाई, पुताई, रख-रखाव, यूनीफार्म की लागत मद में बढ़ोतरी सहित 16 प्रमुख मांगें शामिल रहीं। डीएम ने शिक्षकों के ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक भेजवाने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मुलायम सिंह, मंत्री ध्यान सिंह सहित सतीश चंद्र शर्मा, ईश्वरी प्रसाद शुक्ला, श्याम लाल सिंह, अशोक द्विवेदी, जिये सिंह, रामबाबू दिवाकर, भगवत सिंह सहित जिले भर के शिक्षकगण मौजूद रहे।


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इनसेट
मांगों को लेकर भिड़े शिक्षक संघ के पदाधिकारी
धरने के अंतिम दिन प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। मामला मांगों को प्रमुखता देने का रहा। इस दौरान पदाधिकारियों के बीच जमकर कहासुनी व अभद्रता हुई। बाद में बीच बचाव कर शिक्षकों ने मामला शांत कराया। शिक्षा की बुनियाद खड़ी करने वाले शिक्षकों की आपस में अभद्रता को देख लोगों के मुंह से निकल ही पड़ा कि जब शिक्षकों का यह हाल है तो यह बच्चों को क्या शिक्षा और संस्कार देते होंगे। सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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