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नाबालिग से दुष्कर्म, पुलिस के सामने मां-बेटी पर जानलेवा हमला
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फोटो नं-06
नाबालिग से दुष्कर्म, मां-बेटी पर हमला
महिला हेल्प लाइन के सदस्य पीड़िता को मां के साथा लाए थे जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सदर कोतवाली इलाके के एक गांव की 12 साल की एक लड़की के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म किया। महिला हेल्प लाइन की मदद से जिला अस्पताल पहुंची पीड़िता व उसकी मां पर आरोपी व उसके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। तीमारदारों ने विरोध किया तो हमलावर भाग निकले। शिकायत के बाद भी पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही है।
बताया जाता है कि पानीपत की रहने वाली एक महिला की शादी 19 साल पहले सदर कोतवाली इलाके में हुई थी। महिला के दो बेटे व एक 12 साल की बेटी है। पिछले दिनों महिला अपने बेटों के साथ पानीपत गई थी। घर में महिला का पति व उसकी बूढ़ी सास के पास बेटी थी। तीन मार्च की शाम महिला का पति शौच गया था। इस दौरान पड़ोस का दबंग उसके घर में घुस आया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पांच मार्च को गांव पहुंची महिला से उसकी बेटी ने आपबीती बताया तो उसने यूपी-100 को खबर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी युवक को कोतवाली ले आई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। आरोपी गांव पहुंचा तो पंचायत हुई। जिसमें महिला को 25 हजार रुपया लेकर खामोश रहने के लिए कहा गया। महिला के मुताबिक उसके पति ने आरोपी से दस हजार रुपया ले लिया और वह भी सुलह का दबाव बनाने लगा। मामले में महिला ने वुमेन पावर हेल्प लाइन को खबर दी। हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को को लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस ने पीड़िता को न तो इलाज के लिए भर्ती कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। रविवार शाम हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। यहां पर महिला का पति व आरोपी के घरवाले पहुंचे और उन्होंने मां-बेटी को पीटना शुरू कर दिया। बताते हैं कि घटना के दौरान अस्पताल में पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। तीमारदारों ने हस्तक्षेप कर महिला की जान बचाई। दहशत से मां-बेटी अस्पताल परिसर में ही हैं।
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पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
मंझनपुर। दुष्कर्म पीड़िता की मां का जिले में कोई नहीं है। मायके पक्ष में भी कोई नहीं है। महिला ने बताया कि उसके पिता पानीपत में रेलवे के मालबाबू थे। पिता के रहते हुए उसके इकलौते भाई की मौत हो गई। 19 साल पहले सदर कोतवाली इलाके का रहने वाला उसका पति उसके यहां कार चलाता था। बाद में पिता की भी मौत हो गई। मां ने ड्राइवर के साथ उसका ब्याह कर दिया। वह शादी के बाद सदर कोतवाली इलाका स्थित ससुराल आई। यहां उसके तीन बच्चे हुए। महिला अपने पति की घिनौनी करतूत पर शर्मसार है। उसका कहना है कि जिसके लिए वह घर छोड़कर आई उसी ने उसकी बच्ची के आबरू का सौदा कर लिया। पुलिस भी उसकी नहीं सुन रही है।
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इनका कहना है
दुष्कर्म पीड़िता व उसकी मां को लाया गया था। पुलिस विभाग के अफसरों के पास उसे पेश किया गया। सीओ ने कहा तुम्हारा काम इन्हें यहां तक लाना है। बाकी का काम पुलिस करेगी। इस वजह से दो दिन अपने पास रखने के बाद रविवार को उन्हें जिला अस्पताल में छोड़ा गया था।
ज्ञाना यादव, प्रभारी हेल्प लाइन
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कौशाम्बी में मासूम के साथ दुष्कर्म और आरोपी को पैसा लेकर छोड़े जाने की जानकारी है। एसपी से फोन पर बात हुई है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया है। पीड़िता के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो मामले को उचित फोरम में उठाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
ऊषारानी, सदस्य, राज्य महिला आयोग
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मामला संज्ञान में है। लड़की के पिता और दादी ने शपथ पत्र देकर कहा है कि वह घर पर मौजूद थे। किसी ने कोई दुष्कर्म नहीं किया है। महिला बेटी को अपने साथ हरियाणा ले जाना चाहती है। अस्पताल में मारपीट की जानकारी नहीं है। कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
प्रदीप गुप्ता, एसपी कौशाम्बी
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नाबालिग से दुष्कर्म, मां-बेटी पर हमला
महिला हेल्प लाइन के सदस्य पीड़िता को मां के साथा लाए थे जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सदर कोतवाली इलाके के एक गांव की 12 साल की एक लड़की के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म किया। महिला हेल्प लाइन की मदद से जिला अस्पताल पहुंची पीड़िता व उसकी मां पर आरोपी व उसके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। तीमारदारों ने विरोध किया तो हमलावर भाग निकले। शिकायत के बाद भी पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही है।
बताया जाता है कि पानीपत की रहने वाली एक महिला की शादी 19 साल पहले सदर कोतवाली इलाके में हुई थी। महिला के दो बेटे व एक 12 साल की बेटी है। पिछले दिनों महिला अपने बेटों के साथ पानीपत गई थी। घर में महिला का पति व उसकी बूढ़ी सास के पास बेटी थी। तीन मार्च की शाम महिला का पति शौच गया था। इस दौरान पड़ोस का दबंग उसके घर में घुस आया और नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पांच मार्च को गांव पहुंची महिला से उसकी बेटी ने आपबीती बताया तो उसने यूपी-100 को खबर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस आरोपी युवक को कोतवाली ले आई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया। आरोपी गांव पहुंचा तो पंचायत हुई। जिसमें महिला को 25 हजार रुपया लेकर खामोश रहने के लिए कहा गया। महिला के मुताबिक उसके पति ने आरोपी से दस हजार रुपया ले लिया और वह भी सुलह का दबाव बनाने लगा। मामले में महिला ने वुमेन पावर हेल्प लाइन को खबर दी। हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को को लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस ने पीड़िता को न तो इलाज के लिए भर्ती कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। रविवार शाम हेल्प लाइन के लोग महिला व उसकी बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। यहां पर महिला का पति व आरोपी के घरवाले पहुंचे और उन्होंने मां-बेटी को पीटना शुरू कर दिया। बताते हैं कि घटना के दौरान अस्पताल में पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। तीमारदारों ने हस्तक्षेप कर महिला की जान बचाई। दहशत से मां-बेटी अस्पताल परिसर में ही हैं।
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पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
मंझनपुर। दुष्कर्म पीड़िता की मां का जिले में कोई नहीं है। मायके पक्ष में भी कोई नहीं है। महिला ने बताया कि उसके पिता पानीपत में रेलवे के मालबाबू थे। पिता के रहते हुए उसके इकलौते भाई की मौत हो गई। 19 साल पहले सदर कोतवाली इलाके का रहने वाला उसका पति उसके यहां कार चलाता था। बाद में पिता की भी मौत हो गई। मां ने ड्राइवर के साथ उसका ब्याह कर दिया। वह शादी के बाद सदर कोतवाली इलाका स्थित ससुराल आई। यहां उसके तीन बच्चे हुए। महिला अपने पति की घिनौनी करतूत पर शर्मसार है। उसका कहना है कि जिसके लिए वह घर छोड़कर आई उसी ने उसकी बच्ची के आबरू का सौदा कर लिया। पुलिस भी उसकी नहीं सुन रही है।
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इनका कहना है
दुष्कर्म पीड़िता व उसकी मां को लाया गया था। पुलिस विभाग के अफसरों के पास उसे पेश किया गया। सीओ ने कहा तुम्हारा काम इन्हें यहां तक लाना है। बाकी का काम पुलिस करेगी। इस वजह से दो दिन अपने पास रखने के बाद रविवार को उन्हें जिला अस्पताल में छोड़ा गया था।
ज्ञाना यादव, प्रभारी हेल्प लाइन
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कौशाम्बी में मासूम के साथ दुष्कर्म और आरोपी को पैसा लेकर छोड़े जाने की जानकारी है। एसपी से फोन पर बात हुई है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया है। पीड़िता के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो मामले को उचित फोरम में उठाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
ऊषारानी, सदस्य, राज्य महिला आयोग
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मामला संज्ञान में है। लड़की के पिता और दादी ने शपथ पत्र देकर कहा है कि वह घर पर मौजूद थे। किसी ने कोई दुष्कर्म नहीं किया है। महिला बेटी को अपने साथ हरियाणा ले जाना चाहती है। अस्पताल में मारपीट की जानकारी नहीं है। कोतवाली पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।
प्रदीप गुप्ता, एसपी कौशाम्बी
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