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किशनपुर पंप कैनाल चालू होने में सिल्ट सफाई का अड़ंगा
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:35 AM IST
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मंझनपुर। जिले के 12 हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए पानी देने वाली किशनपुर पंप कैनाल सोमवार को चालू नहीं हो सकी। नहर चालू करने में सिल्ट सफाई का अड़ंगा है। अब सप्ताह भर बाद नहर में 17 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा।
किशनपुर पंप कैनाल के 28 माइनरों व छह रजबहों का जिले के तीन ब्लॉक क्षेत्रों में मकड़जाल बिछा हुआ है। इस नहर की माइनरों से सरसवां, कौशांबी व नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में 10 से 12 हजार हेक्टेयर भूमि में बोई जाने वाली फसलों की सिंचाई की जाती है। खरीफ की फसल कटने के बाद नहरी क्षेत्र के किसान रबी की बुवाई के लिए पानी के आभाव में खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख नहर समेत माइनरों व रजबहों की सिल्ट सफाई मुख्य कारण है। नहरी क्षेत्र के किसानों को आश्वासन मिला था कि दस दिसंबर को प्रमुख नहर चालू करते हुए माइनरों व रजबहों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। पानी आने की आस लगाए बैठे किसानों के मंसूबे पर सोमवार को एक बार फिर से पानी फिर गया।
सिल्ट सफाई का काम पूरा नहीं होने के कारण प्रमुख नहर के पंप अब 17 दिसंबर को चालू किए जाएंगे। ऐसे में अब नहरी क्षेत्र के किसानों की रबी की बुवाई समय से काफी पिछड़ जाएगी। देर से बुवाई पर पैदावार पर भी पड़ेगा। इसे लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। अब नहर में पानी आने को लेकर किसानों के सब्र का बांध टूटने लगा है। मामले में एक्सईएन सिंचाई आरके निरंजन का कहना है कि सिल्ट सफाई का काम अभी प्रमुख नहरों में बाकी है। इसके चलते पंप चालू नहीं किए जा सका है। 17 दिसंबर से एक साथ सभी पंप चालू कर माइनरों में व रजबहों सिंचाई के लिए पानी पहुंचा दिया जाएगा।
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किशनपुर पंप कैनाल के 28 माइनरों व छह रजबहों का जिले के तीन ब्लॉक क्षेत्रों में मकड़जाल बिछा हुआ है। इस नहर की माइनरों से सरसवां, कौशांबी व नेवादा ब्लॉक क्षेत्र में 10 से 12 हजार हेक्टेयर भूमि में बोई जाने वाली फसलों की सिंचाई की जाती है। खरीफ की फसल कटने के बाद नहरी क्षेत्र के किसान रबी की बुवाई के लिए पानी के आभाव में खेतों का पलेवा नहीं कर पा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख नहर समेत माइनरों व रजबहों की सिल्ट सफाई मुख्य कारण है। नहरी क्षेत्र के किसानों को आश्वासन मिला था कि दस दिसंबर को प्रमुख नहर चालू करते हुए माइनरों व रजबहों में पानी पहुंचा दिया जाएगा। पानी आने की आस लगाए बैठे किसानों के मंसूबे पर सोमवार को एक बार फिर से पानी फिर गया।
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सिल्ट सफाई का काम पूरा नहीं होने के कारण प्रमुख नहर के पंप अब 17 दिसंबर को चालू किए जाएंगे। ऐसे में अब नहरी क्षेत्र के किसानों की रबी की बुवाई समय से काफी पिछड़ जाएगी। देर से बुवाई पर पैदावार पर भी पड़ेगा। इसे लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। अब नहर में पानी आने को लेकर किसानों के सब्र का बांध टूटने लगा है। मामले में एक्सईएन सिंचाई आरके निरंजन का कहना है कि सिल्ट सफाई का काम अभी प्रमुख नहरों में बाकी है। इसके चलते पंप चालू नहीं किए जा सका है। 17 दिसंबर से एक साथ सभी पंप चालू कर माइनरों में व रजबहों सिंचाई के लिए पानी पहुंचा दिया जाएगा।
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