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अब आंगनबॉडी केंद्रों में बच्चों को मिलेगा लड्डू

Sun, 14 Jan 2018 12:29 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:29 AM IST
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अब आंगनबॉडी केंद्रों में बच्चों को मिलेगा लड्डू
अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलेगा लड्डू
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- पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए योजना में बदलाव के संकेत
- पहली मार्च से केंद्रों में वितरण की हो रही कवायद
रवींद्र अग्रहरि
मंझनपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों के लिए अच्छी खबर है। नौनिहालों की सेहत सुधारने के लिए सरकार उन्हें लड्डू खिलाने की योजना बना रही है। एक किलोग्राम के इस पैकेट में मीठी और नमकीन दलिया भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए शासन स्तर से ई-टेंडरिंग की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो पहली मार्च से केंद्रों में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
मासूम बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनबॉडी केंद्रों पर नौनिहालों को पोषाहार मुहैया कराया जाता है। हर हफ्ते प्रत्येक बच्चे को एक पैकेट पोषाहार वितरित करने का शासकीय फरमान है। पर, कौशाम्बी समेत पूरे प्रदेश में पोषाहार वितरण के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। इसके चलते योजना के जरिए जरूरतमंदों को मुकम्मल लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने इसमें बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रदेश सरकार पोषाहार के स्थान पर अब बच्चों को पौष्टिक लड्डू खिलाने की तैयारी कर रही है। एक किलोग्राम के इस पैकेट में लड्डू के साथ ही मीठी तथा नमकीन दलिया भी देने की योजना है। इसके लिए शासन स्तर पर ईटेंडरिंग शुरू करा दी गई है। उम्मीद है कि अगले महीने तक टेंडर फाइनल हो जाएगा। इसे लेकर विभागीय अफसरों में उत्सुकता है। माना जा रहा है कि योजना के प्रभावी संचालन से भ्रष्ट्राचार पर अंकुश के साथ ही बच्चों की सेहत में सुधार होना तय है। दूसरी तरफ योजना को कमाई का जरिया बना चुके लोगों में खलबली मच गई है।
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आंकड़ों पर एक नजर-
जिले में संचालित कुल ऑंगनबॉड़ी केंद्र-1775
सात माह से तीन साल तक के पंजीकृत बच्चे-1.26 लाख
तीन साल से छह साल तक पंजीकृत बच्चे-1.06 लाख
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कुल पंजीकृत बच्चों की सं.-2.32 लाख
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मवेशियों का निवाला बना बच्चों का पोषाहार
मंझनपुर (ब्यूरो)। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाला पशुओं का निवाला बना हुआ है। वर्षों पुराने इस खेल में विभागीय अफसरों की मिलीभगत होती है। अफसरों की अवैध वसूली के कारण अधिकतर कार्यककर्ता बच्चों को वितरित करने बजाय पोषाहार पशु पालकों के हाथ बेच देती हैं। ऐसे में महज दस फीसदी पोषाहार ही बच्चों के पेट में जाता है। नतीजतन योजना के जरिए नौनिहालों की सेहत नहीं सुधर पा रही है।
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फरवरी से बंद हो जाएगा पोषाहार वितरण
मंझनपुर (ब्यूरो)। सरकार की योजना अमल में आई तो अगले महीने तक पोषाहार का वितरण बंद हो जाएगा। इसकी जगह पौष्टिक तत्वों को शामिल करते हुए लड्डू का पैकेट वितरित कराया जाएगा। यदि ऐसा हुआ तो यह एक बड़ा बदलाव होगा।

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उड़ीसा की तर्ज पर लागू की जाएगी योजना
मंझनपुर (ब्यूरो)। बाल विकास की योजना में बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हुए इसमें बदलाव को लेकर सरकार काफी गंभीर है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए शासन की ओर से चुनिंदा जिला कार्यक्रम अधिकारियों की एक टीम पिछले महीने उड़ीसा भेजी गई थी। इसमें कौशाम्बी के जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र भी शामिल थे। बताया कि उड़ीसा राज्य में योजना के बेहतर संचालन के तौर तरीकों की जानकारी शासन को दे दी गई थी। उसी के बाद से सरकार ने योजना में बड़े बदलाव की कवायद शुरू कर दी।



क्या कहते हैं अफसर
शासन स्तर से फिलहाल अभी तक कोई स्पष्ट शासनादेश नहीं आया है। पर, लड्डू के ईंटेंडरिंग निकाले जानकारी जरूर मिली है। अगले महीने तक टेंडर फाइनल होने के बाद पहली मार्च से केंद्रों पर बड़ा बदलाव दिखने की संभावना है।
राकेश मिश्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी
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