फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   तलाक न मिलने से भी बर्बाद हो रही कईयों की जिंदगी

तलाक न मिलने से भी बर्बाद हो रही कईयों की जिंदगी

Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
विज्ञापन
तलाक न मिलने से भी बर्बाद हो रही कईयों की जिंदगी
तलाक न मिलने से भी बर्बाद हो रहीं कईयों की जिंदगी
विज्ञापन

पत्नियों को छोड़कर विदेशों में कमा रहे पति
सात महिलाओं ने कार्रवाई की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। तीन तलाक ने जहां कईयों की जिंदगी वीरान कर दी है, तलाक न मिलने से भी कईयों की जिंदगी बर्बाद है। कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें बिना तलाक दिए ही छोड़ दिया गया है। ऐसी स्थिति में वह दूसरी शादी भी नहीं कर पा रही हैं। ऐसी महिलाएं भी अपनों पर बोझ बनी हैं।
भरवारी की साजिदा की शादी मोहल्ले में ही हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद पति से अनबन हो गई। पति ने बिना तलाक दिए उसको छोड़ दिया। अब न तो वह उसे बुलाने आता है, न ही उसको घर में घुसने देता है। तलाक न देने के कारण साजिदा की कहीं शादी भी नहीं हो पा रही है। यही हाल सुहेला की शाहिदा और बसेढ़ी की साफिया का है। ये दोनों भी तलाक न मिलने की वजह से परेशान हैं। अपने मां-बाप के घरों में रहकर किसी तरह जिंदगी गुजार रही हैं। परिजन भी चाहते हैं कि इनको तलाक मिल जाए तो वह इनका दूसरा आशियाना बनाने की सोचें, लेकिन बिना तलाक वह कुछ कर नहीं पा रही हैं। धर्म से जुड़ा मामला होने के कारण कोई हस्तक्षेप भी नहीं कर पा रहा है। करारी में ही ऐसी कई महिलाएं हैं। एक महिला को छोड़कर उसका पति सऊदीअरब चला गया है। लंबा वक्त बीत गया, लेकिन वह दोबारा पत्नी के पास नहीं आया। सऊदीअरब से आता है तो सीधे अपने घर जाता है और फिर वापस खाड़ी देश चला जाता है। पति के इंतजार में महिला की उम्र बीत चुकी है। लड़के जवान हो चुके हैं, लेकिन तलाक का इंतजार नहीं बीता। करारी में ऐसी घुटन भरी जिंदगी जीने वाली एक नहीं बल्कि कई महिलाएं हैं, जो तलाक न मिलने की वजह से परेशान हैं और रात-दिन आंसू बहा रही हैं। इनके साथ इनके घर वाले भी बेटी की हालत देखकर कुढ़ रहे हैं।
विज्ञापन




काबिल-ए-तारिफ है तीन तलाक पर प्रतिबंध

‘तीन तलाक का मसला धर्म से जुड़ा है। इसके बाद भी लोग इसका दुरुपयोग कर बेटियों की जिंदगी बर्बाद कर रहे थे। कोर्ट ने अंसवैधानिक करार देकर समाज को राहत दी है। अब बेटियां सुकून में हैं, उन्हें इसका डर नहीं रहेगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन

मौलाना मो. आरिफ (चायल)



‘बेशक तीन तलाक का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे बहन-बेटियों में कहीं न कहीं इसको लेकर एक अजीब सा डर रहता था। सुप्रीमकोर्ट का फैसला सराहनीय है। सबको इसका स्वागत करना चाहिए।’
मौलाना नबीउल रब (बूंदा)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed