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डेढ़ हजार किसानों की कर्जमाफी पर संकट
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:59 AM IST
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डेढ़ हजार किसानों की कर्जमाफी पर संकट
-आधार कार्ड डुप्लीकेसी या फिर मृतक हो गए किसान
-तहसील और बैंकों में लगे राजस्व अभिलेखों की जांच में हुआ खुलासा
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के डेढ़ हजार किसानों को कर्जमाफी योजना से वंचित होना पड़ सकता है। इन किसानों ने आधार कार्ड की डुप्लीकेसी कर दो स्थानों से लोन ले रखा था या फिर कर्ज लेने के बाद मर गए। तहसील और बैंकों में मौजूद राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है।
प्रदेश सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजना कर्जमाफी के तहत जिले के 36 हजार 795 किसानों का चयन हुआ था। इनमें से 12 हजार ने बैंक से लिए गए लोन को वापस कर दिया था। लिहाजा, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। बाकी बचे 24 हजार किसानों को योजना से लाभान्वित कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। तीन चरणों में अब तक इनमें से 20 हजार 735 किसानों का कर्ज माफ करते हुए ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित किया जा चुका है। बाकी बचे चार हजार किसानों का मामला अटक गया है। दरअसल इनमें से ढाई हजार किसान ऐसे हैं जिनके पास योजना के तहत निर्धारित भूमि से अधिक है। यानी यह सभी बड़े काश्तकार हैं। बचे हुए डेढ़ हजार किसानों का मामला खटाई में पड़ गया है। इन सभी के बैंकिंग अभिलेखों में गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने एक ही आधार पर दो अलग-अलग बैंकों से लोन ले रखा है। फिर कर्ज लेने के बाद उनकी मौत हो चुकी है। ऐसे मामलों में अगले दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
समितियों के कर्जदार किसानों को लाभ का इंतजार
कर्जमाफी योजना के तहत अब तक तीन चरणों में किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। पहले दौर में लोन अकाउंट से आधार लिंक रहे किसानों का कर्जा माफ किया गया। दूसरे चरण में खातों से आधार लिंक कराकर ऋण माफी की गई। तीसरे चक्र में खसरा, खतौनी और वरासत के फेर में फंसे किसानों का कर्जा माफ । तीन चक्र के बाद भी अभी तक समितियों से कर्ज लेने वाले किसानों को योजना से लाभान्वित नहीं किया जा सका है। ऐसे कर्जदार किसानों की संख्या जिले में ढाई से तीन हजार के आसपास बताई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी अभयराज ने बताया इस बार इन किसानों को योजना से लाभान्वित करने की तैयारी की जा रही है।
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क्या कहते हैं अफसर
तकरीबन डेढ़ हजार किसानों के खातों में गड़बडुी की शिकायत है। विवादित खातों की जांच कराई जा रही है। पड़ताल पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दिनेश कुमार
एलडीएम
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-आधार कार्ड डुप्लीकेसी या फिर मृतक हो गए किसान
-तहसील और बैंकों में लगे राजस्व अभिलेखों की जांच में हुआ खुलासा
मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के डेढ़ हजार किसानों को कर्जमाफी योजना से वंचित होना पड़ सकता है। इन किसानों ने आधार कार्ड की डुप्लीकेसी कर दो स्थानों से लोन ले रखा था या फिर कर्ज लेने के बाद मर गए। तहसील और बैंकों में मौजूद राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है।
प्रदेश सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजना कर्जमाफी के तहत जिले के 36 हजार 795 किसानों का चयन हुआ था। इनमें से 12 हजार ने बैंक से लिए गए लोन को वापस कर दिया था। लिहाजा, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। बाकी बचे 24 हजार किसानों को योजना से लाभान्वित कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। तीन चरणों में अब तक इनमें से 20 हजार 735 किसानों का कर्ज माफ करते हुए ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित किया जा चुका है। बाकी बचे चार हजार किसानों का मामला अटक गया है। दरअसल इनमें से ढाई हजार किसान ऐसे हैं जिनके पास योजना के तहत निर्धारित भूमि से अधिक है। यानी यह सभी बड़े काश्तकार हैं। बचे हुए डेढ़ हजार किसानों का मामला खटाई में पड़ गया है। इन सभी के बैंकिंग अभिलेखों में गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जिन्होंने एक ही आधार पर दो अलग-अलग बैंकों से लोन ले रखा है। फिर कर्ज लेने के बाद उनकी मौत हो चुकी है। ऐसे मामलों में अगले दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
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समितियों के कर्जदार किसानों को लाभ का इंतजार
कर्जमाफी योजना के तहत अब तक तीन चरणों में किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। पहले दौर में लोन अकाउंट से आधार लिंक रहे किसानों का कर्जा माफ किया गया। दूसरे चरण में खातों से आधार लिंक कराकर ऋण माफी की गई। तीसरे चक्र में खसरा, खतौनी और वरासत के फेर में फंसे किसानों का कर्जा माफ । तीन चक्र के बाद भी अभी तक समितियों से कर्ज लेने वाले किसानों को योजना से लाभान्वित नहीं किया जा सका है। ऐसे कर्जदार किसानों की संख्या जिले में ढाई से तीन हजार के आसपास बताई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी अभयराज ने बताया इस बार इन किसानों को योजना से लाभान्वित करने की तैयारी की जा रही है।
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क्या कहते हैं अफसर
तकरीबन डेढ़ हजार किसानों के खातों में गड़बडुी की शिकायत है। विवादित खातों की जांच कराई जा रही है। पड़ताल पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दिनेश कुमार
एलडीएम