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नवरात्र के सातवें दिन भक्तों ने मां कालरात्रि स्वरूप का किया दर्शन
Updated Wed, 27 Sep 2017 08:19 PM IST
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भक्तों ने मां कालरात्रि स्वरूप का किया दर्शन
देवियों में मां काली काल को जीतने वालीं हैं
मंझनपुर।
नवरात्र पर्व के सातवें दिन भक्तों ने मां कालरात्रि का दर्शन व पूजन किया। इस दिन मां के भक्तों ने उनकी पूजा अलग-अलग विधि से की। नवरात्र की देवियों में मां काली काल को जीतने वालीं हैं। भक्तों ने मां की पूजा-अर्चना कर जीवन की बाधाओं को दूर करने की कामना की।
नवरात्र पर्व का सातवां दिन मां कालरात्रि का माना जाता है। अनंत और असीम अनुकंपा वाली इस देवी ने विकराल रूप धारण कर रक्त बीज नामक राक्षस का न केवल संहार किया बल्कि उनका एक बूंद खून पृथ्वी पर नहीं गिरने दिया। विकराल रूप धारिणी मां कालिका का पूजन बुधवार को भक्तों ने ऊं ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र जपते हुए किया। नवरात्र में मां कालरात्रि का दिन भक्तों के लिए विशेष माना गया है। इस दिन सुबह से ही गांवों में बने काली मां के मंदिर, थान (चबूतरा) में पहुंचकर भक्तों ने स्नान कराते हुए प्रसाद चढ़ाया। मान्यता के मुताबिक देवी को बलि देकर भक्तों ने खुश किया। इसके अलावा रात में पंडों ने देवी को बुलाकर भक्तों की रोग बाधाएं दूर करने के लिए ओझागीरी भी की। यह सिलसिला जिले भर के मां काली के थान पर देर रात तक चलता रहा।
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शीतला मां के कालरात्रि स्वरूप का भक्तों ने किया दर्शन-पूजन
कड़ा (ब्यूरो)। शीतला धाम कड़ा में मां के सातवें स्वरूप का दर्शन पूजन करने के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ जमा हो गई। गंगा स्नान के बाद मां की दरबार में पहुंचे भक्तों ने मिष्ठान, फूल, बताशा, नारियल आदि का प्रसाद चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया।
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नवरात्र के सातवें दिन शीतलाधाम कड़ा में लगभग पचास हजार भक्तों की भीड़ उमड़ी। धाम में मंगलवार की शाम से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रात में धाम में रुके भक्तों ने भोर में जगकर गंगा स्नान किया और जयकारा लगाते हुए मां की दरबार में पहुंचे। इस दौरान भक्तों ने विधि विधान से मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि का पूजन-अर्चन किया। सप्तमी के दिन धाम में ओझागीरी करने वाले पंडों की चांदी रही। आने वाले भक्तों की झाड़-फूंक कर पंडों ने मोटी कमाई की। सबसे अधिक भीड़ यहां पर मुंडन कराने वालों की रही। सप्तमी तिथि मुंडन के लिए विशेष होने की वजह से दर्जनभर जिले के भक्त अपने-अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। इसी के साथ शीतलाधाम कड़ा का सातवां मेला बुधवार की शाम सकुशल संपन्न हो गया।
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झारखंडी देवी मंदिर में कन्याओं को कराया भोज
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)। पश्चिम शरीरा स्थित मां झारखंडी देवी मंदिर में विशाल कन्या भंडारे का आयोजन मां के भक्तों ने किया। आयोजक श्रीधर पांडेय सहित तमाम भक्तों के सहयोग से आयोजित भोजन में लगभग पांच हजार कन्याओं को भोज कराते हुए दक्षिणा देकर विदा किया गया। भोज कार्यक्रम में नवेंदु पांडेय, राजू पांडेय, हर्षित सिंह, हर्ष पांडेय, गोलू सिंह, लाला तिवारी, विकास सिंह बघेल आदि ने विशेष भूमिका निभाई।
मां के जागरण में भक्ति गीतों पर थिरके भक्त
मंझनपुर (ब्यूरो)। विकास खंड कौशांबी के म्योहर गांव में शारदा महाजन के दरवाजे पर बने पूजा पंडाल में मंगलवार को जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इलाहाबाद से आए कलाकारों ने भक्ति गीतों के माध्यम से समा बांधी। इस दौरान भक्तगण देवी गीतों पर ठुमके लगाते नजर आए। कार्यक्रम का आयोजन विकास सिंह, विकास गुप्ता, अरविंद सिंह, चंद्रमोहन मिश्र, शारदा प्रसाद , शारदा सेन के विशेष सहयोग से किया गया।
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देवियों में मां काली काल को जीतने वालीं हैं
मंझनपुर।
नवरात्र पर्व के सातवें दिन भक्तों ने मां कालरात्रि का दर्शन व पूजन किया। इस दिन मां के भक्तों ने उनकी पूजा अलग-अलग विधि से की। नवरात्र की देवियों में मां काली काल को जीतने वालीं हैं। भक्तों ने मां की पूजा-अर्चना कर जीवन की बाधाओं को दूर करने की कामना की।
नवरात्र पर्व का सातवां दिन मां कालरात्रि का माना जाता है। अनंत और असीम अनुकंपा वाली इस देवी ने विकराल रूप धारण कर रक्त बीज नामक राक्षस का न केवल संहार किया बल्कि उनका एक बूंद खून पृथ्वी पर नहीं गिरने दिया। विकराल रूप धारिणी मां कालिका का पूजन बुधवार को भक्तों ने ऊं ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र जपते हुए किया। नवरात्र में मां कालरात्रि का दिन भक्तों के लिए विशेष माना गया है। इस दिन सुबह से ही गांवों में बने काली मां के मंदिर, थान (चबूतरा) में पहुंचकर भक्तों ने स्नान कराते हुए प्रसाद चढ़ाया। मान्यता के मुताबिक देवी को बलि देकर भक्तों ने खुश किया। इसके अलावा रात में पंडों ने देवी को बुलाकर भक्तों की रोग बाधाएं दूर करने के लिए ओझागीरी भी की। यह सिलसिला जिले भर के मां काली के थान पर देर रात तक चलता रहा।
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शीतला मां के कालरात्रि स्वरूप का भक्तों ने किया दर्शन-पूजन
कड़ा (ब्यूरो)। शीतला धाम कड़ा में मां के सातवें स्वरूप का दर्शन पूजन करने के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ जमा हो गई। गंगा स्नान के बाद मां की दरबार में पहुंचे भक्तों ने मिष्ठान, फूल, बताशा, नारियल आदि का प्रसाद चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया।
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नवरात्र के सातवें दिन शीतलाधाम कड़ा में लगभग पचास हजार भक्तों की भीड़ उमड़ी। धाम में मंगलवार की शाम से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। रात में धाम में रुके भक्तों ने भोर में जगकर गंगा स्नान किया और जयकारा लगाते हुए मां की दरबार में पहुंचे। इस दौरान भक्तों ने विधि विधान से मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि का पूजन-अर्चन किया। सप्तमी के दिन धाम में ओझागीरी करने वाले पंडों की चांदी रही। आने वाले भक्तों की झाड़-फूंक कर पंडों ने मोटी कमाई की। सबसे अधिक भीड़ यहां पर मुंडन कराने वालों की रही। सप्तमी तिथि मुंडन के लिए विशेष होने की वजह से दर्जनभर जिले के भक्त अपने-अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। इसी के साथ शीतलाधाम कड़ा का सातवां मेला बुधवार की शाम सकुशल संपन्न हो गया।
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झारखंडी देवी मंदिर में कन्याओं को कराया भोज
पश्चिमशरीरा (ब्यूरो)। पश्चिम शरीरा स्थित मां झारखंडी देवी मंदिर में विशाल कन्या भंडारे का आयोजन मां के भक्तों ने किया। आयोजक श्रीधर पांडेय सहित तमाम भक्तों के सहयोग से आयोजित भोजन में लगभग पांच हजार कन्याओं को भोज कराते हुए दक्षिणा देकर विदा किया गया। भोज कार्यक्रम में नवेंदु पांडेय, राजू पांडेय, हर्षित सिंह, हर्ष पांडेय, गोलू सिंह, लाला तिवारी, विकास सिंह बघेल आदि ने विशेष भूमिका निभाई।
मां के जागरण में भक्ति गीतों पर थिरके भक्त
मंझनपुर (ब्यूरो)। विकास खंड कौशांबी के म्योहर गांव में शारदा महाजन के दरवाजे पर बने पूजा पंडाल में मंगलवार को जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इलाहाबाद से आए कलाकारों ने भक्ति गीतों के माध्यम से समा बांधी। इस दौरान भक्तगण देवी गीतों पर ठुमके लगाते नजर आए। कार्यक्रम का आयोजन विकास सिंह, विकास गुप्ता, अरविंद सिंह, चंद्रमोहन मिश्र, शारदा प्रसाद , शारदा सेन के विशेष सहयोग से किया गया।